#Balrampur ! मानव-वन्यजीव संघर्ष पर लगाम: 120 संवेदनशील गांवों में चलेगा जागरूकता अभियान, डीएम ने दिए कड़े निर्देश...
#बलरामपुर। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और वन सीमा से सटे गांवों में जन-धन व पशुधन की सुरक्षा के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की समन्वित कार्ययोजना का अवलोकन करते हुए डीएम ने केवल रेस्क्यू तक सीमित न रहकर रिस्क मैनेजमेंट, पूर्व तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने वन क्षेत्र से सटे 120 संवेदनशील गांवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और पुरानी घटनाओं की जियो-टैगिंग कर हॉटस्पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए, ताकि घटनाओं के पैटर्न का अध्ययन कर प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
विभागीय समन्वय और प्रमुख निर्देश:
वन विभाग: 24×7 रैपिड रिस्पॉन्स टीम सक्रिय रहेगी। निगरानी के लिए थर्मल ड्रोन, कैमरा ट्रैप और नाइट-विजन उपकरणों का इस्तेमाल होगा। 10 किमी अतिरिक्त सोलर चेनलिंक फेंसिंग का प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ेगा।
विद्युत व पंचायती राज विभाग: सीमावर्ती गांवों में बेहतर रोशनी, झूलते तारों को दुरुस्त करने, खुले में शौच रोकने के लिए 100% शौचालय उपयोग और 'विलेज अलर्ट नेटवर्क' सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग: सीएचसी/पीएचसी पर एंटी-वेनम व एंटी-रैबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता और पशुधन के टीकाकरण व बाड़ों की सुरक्षा पर बल दिया गया।
पुलिस व एसएसबी: आबादी क्षेत्र में वन्यजीव आने पर भीड़ नियंत्रण और संयुक्त गश्त में वन विभाग का सहयोग करेंगे।
ग्रामीणों के लिए अपील:
डीएम ने विद्यालयों, ग्राम चौपालों और लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करने को कहा। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे रात के समय वन सीमा की ओर अकेले न जाएं, बच्चों-बुजुर्गों का ध्यान रखें और वन्यजीव दिखने पर उसे घेरने के बजाय तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम को सूचित करें।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी (सोहेलवा), अपर जिलाधिकारी सहित संबंधित विभागों के ज़िला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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