पुरानी परंपरा मानजनी प्रथा को पुनर्जीवित करने का सामूहिक पहल
बरियारपुर गोट में कानू कल्याण महासभा, सीतामढ़ी के तत्वावधान में कानू समाज के विभिन्न गांवों के मानजनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षों से चले आ रहे आपसी मतभेद और मनमुटाव को भुलाकर एकता, सामाजिक समरसता एवं भाईचारे के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि बरियारपुर और भलहा-भलही के मानजनों के बीच काफी लंबे समय से चले आ रहे आपसी मनमुटाव के कारण आसपास के कई गांव प्रभावित थे। इसी वजह से वर्षों से चली आ रही ढेरी भोज (मानजनी प्रथा) भी बंद हो गई थी। बैठक में सभी पक्षों ने आपसी संवाद चर्चा के माध्यम से तालमेल स्थापित कर मनमुटाव समाप्त कर मानजनी प्रथा को पुनर्जीवित करने पर सहमति जताई। पूर्व सैनिक अनिल कुमार ने विभिन्न पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित मानजनों ने पहल का स्वागत करते हुए सुख-दुख में एक-दूसरे का सहयोग करने तथा सामाजिक एकता मजबूत करने का संकल्प लिया। इस सामाजिक अनोखा पहल को समाज में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। दशकों से चले आ रहे मतभेद और मनमुटाव को पीछे छोड़कर सभी मानजनों का एक मंच पर आना सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का सकारात्मक संदेश देता है। बैठक में दशरथ साह, कपिल साह, राजदेव साह, सीताराम साह, ललन साह, रामबाबू साह, जय मंगल साह, मानधारी साह, राजाराम साह, रामचन्द्र साह, शिवजी साह, शंकर साह समेत अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।