चित्रकूट में बाढ़ का तांडव: पुल टूटा, शहर बना टापू; घर-गृहस्थी और कारोबार तबाह
सतना/चित्रकूट। 36 घंटे की लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि चित्रकूट की तस्वीर ही बदल गई। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा और पूरा नगर टापू में तब्दील हो गया। तेज बहाव में पुल का हिस्सा टूट गया और रेलिंग भी बह गई। गलियों और बाजारों में पानी भरने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई। कई घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान, अनाज, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बर्बाद हो गए, वहीं दुकानों में रखा सामान पानी में डूब गया। कारोबार ठप होने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बाढ़ के बीच धर्मशालाओं और घरों में फंसे लोगों की सांसें अटकी रहीं। शिवहरे धर्मशाला में चातुर्मास के लिए ठहरे करीब 50 लोगों के दल में शामिल बिहार के अरवल निवासी कमला शरण की पानी में फंसने के बाद मौत हो गई। तीन अन्य यात्रियों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। राममो�