*टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला क्षय कार्यालय में टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित*
*भिण्ड 01 नवम्बर 2026/*
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के.एस. बारिया के मुख्य आतिथ्य में जिला क्षय कार्यालय भिण्ड में फूड बास्केट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन श्रीमती भागवन्ती बाई शिक्षा प्रसार समिति भिण्ड द्वारा किया गया तथा सोनाधिका एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, मालनपुर के सहयोग से टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार की फूड बास्केट वितरित की गईं।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के.एस. बारिया ने टीबी मरीजों को नियमित उपचार कराने, समय पर दवाइयां लेने तथा पौष्टिक आहार का सेवन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के सभी वर्गों को टीबी मुक्त भारत के अभियान में अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने टीबी के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने एवं छींकने से हवा के माध्यम से फैल सकती है। दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार आना, रात में पसीना आना, वजन कम होना तथा भूख न लगना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि टीबी की समय पर पहचान, नियमित जांच और पूरा उपचार बेहद जरूरी है। टीबी पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है। मरीजों को बीच में दवा बंद नहीं करनी चाहिए और चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेना चाहिए।
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि टीबी मरीजों को पौष्टिक भोजन, उचित देखभाल और परिवार एवं समाज के सहयोग की आवश्यकता होती है। मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें मानसिक एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करना चाहिए। टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना और समय पर जांच कराना ही टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में डॉ आलोक शर्मा (डीएचओ-2), डॉ ज्योति अनसोलिया (डीपीएम) एवं अवनीश दैपुरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। साथ ही समाजसेवी संस्थाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से टीबी मरीजों की सहायता के लिए निक्षय मित्र के रूप में आगे आने की अपील की गई।
इस अवसर पर सभी उपस्थित अतिथियों ने टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया।
*कार्यक्रम का संदेश:*
टीबी हारेगा, देश जीतेगा। जागरूकता, पौष्टिक आहार, नियमित उपचार और जनसहभागिता से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा।