छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में जिस बांकी डैम की नहर को दशकों पहले किसानों के खेतों की प्यास बुझाने के लिए खोदा गया था, उस पर भू-माफियाओं ने मिट्टी पाटकर डामर की सड़क बिछा दी और लोहे का गेट लगाकर उसे निजी जागीर बना लिया! सरकारी खजाने के मुआवजे और किसानों के हक पर हुए इस संगठित फर्जीवाड़े की परतें तब खुलीं, जब सामाजिक कार्यकर्ता के खुलासे के बाद प्रशासन की नींद टूटी। मंगलवार को जल संसाधन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पीला पंजा चलाकर नहर का मूल स्वरूप लौटाने की मुहिम शुरू तो कर दी है, जिससे अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ मलबे और दीवारों तक सिमटकर रह जाएगी, या उन रसूखदार सफेदपोशों और लापरवाह अफसरों की गिरेबान तक भी पहुंचेगी जिनकी नाक के नीचे सालों तक यह काला खेल फलता-फूलता रहा? बेशकीमती सरकारी जमीनों को बचाने के लिए केवल बुलडोजर चलाना काफी नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे बैठे मास्टरमाइंड्स पर कठोर कानूनी प्रहार जरूरी है।
#Ambikapur #Surguja #LandMafia #BulldozerAction #KisanHaq #ChhattisgarhNews #Administration #BankiDam #FatafatNews