संत शिरोमणि शिक्षा के सागर,प्रवर संत , स्वामी ब्रह्मानंद लोधी जी के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अमरवाड़ा विधानसभा के ग्राम करबडोल में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित :- स्वामी ब्रह्मानंद लोधी जी के परिनिर्वाण दिवस पर कोटि कोटि नमन महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक स्वामी ब्रह्मानंद लोधी जी के परिनिर्वाण दिवस (13 सितंबर) पर उन्हें शत-शत नमन। स्वामी ब्रह्मानंद लोधी के बारे में मुख्य बातेंजन्म: स्वामी ब्रह्मानंद जी का जन्म 4 दिसंबर 1894 को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ तहसील के बरहरा गांव में हुआ था।स्वतंत्रता संग्राम: उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से भाग लिया और एक महान स्वतंत्रता सेनानी रहे। संसद में योगदान: वे स्वतंत्र भारत के पहले संत/संन्यासी सांसदों में से एक थे। संसद में उन्होंने गोवंश रक्षा, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई थी। बुंदेलखंड का मालवीय: शिक्षा के प्रसार, गो-रक्षा और बुंदेलखंड के सामाजिक उत्थान में उनके अद्वितीय योगदान के कारण उन्हें 'बुंदेलखंड का मालवीय' भी कहा जाता है। परिनिर्वाण: समाज और देश की सेवा करते हुए 13 सितंबर 1984 को वे ब्रह्मलीन हो गए।