बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न हिस्सों में शारदीय नवरात्र भक्ति-भाव और श्रद्धा-पूर्वक मनाया जा रहा है। पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी और आज मंगलवार को तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा हुई। प्रखंड में करीब 25 जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई है।
कादराबाद पंचायत के कादराबाद चौक स्थित मां दुर्गा मंदिर में पिछले 53 सालों से पूजा हो रही है और हर साल यहां मेला भी लगता है। इस पावन स्थल पर हादीपुर, मानेपुर, रुदौली, अरबा और मजोसडीह समेत कई इलाकों से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी मुरादें पूरी होती हैं।
पूजा समिति के अध्यक्ष श्याम पासवान और स्थानीय रतीलाल साहनी व सदस्य रंजय सिंह उर्फ लल्लू सिंह ने बताया कि सन् 1972 में चौक स्थित बरगद पेड़ के नीचे स्वर्गीय नंदलाल साहनी के चाय की दुकान पर बैठे बुजुर्गों ने चर्चा की थी कि एक महात्मा ने कहा है कि यहां मां दुर्गा का मंदिर बनना चाहिए, जिससे गांव का कल्याण होगा।
इसके बाद स्वर्गीय गंगा चौधरी ने तार का छज्जा काटकर स्वर्गीय रामधनी साह, गंगा साहनी, गोरख साहनी, राजो राय, कुसो पासवान, दुखा साह, नारायण साह और श्यामलाल पासवान के सहयोग से एक झोपड़ी का मंदिर बनाया और तब से यहां पूजा हो रही है।
पहले यह झोपड़ी का मंदिर था, फिर खपरैल का बना और अब यह सबों के सहयोग से एक सौंदर्य मां का भवन बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 1972 से पहले गांव की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन मंदिर बनने के बाद गांव खुशहाल है और गांव की करीब 40%आबादी सरकारी नौकरी में है।
इस पावन स्थल पर पूजा की शुरुआत स्वर्गीय गोविंद शर्मा और पंडित योगेंद्र झा ने की थी। उनके निधन के बाद पंडित शिव शंकर झा और अब उनके पुत्र पंडित दिनेश झा और पुजारी अमनीश शर्मा यह पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस धार्मिक स्थल की खास परंपरा है कि यहां मैया का विसर्जन दशमी के बाद नहीं, बल्कि आश्विन पूर्णिमा के दिन होता है।
यहां पूजा और मेले की तैयारी जोर-शोर पर है और इसको सफल बनाने में उपाध्यक्ष अर्जुन चौधरी, सचिव अशोक राय, संयोजक विनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष धनंजय निषाद और सदस्य राधे पासवान, गोपाल शर्मा, रमेश कुमार, शंभू साहनी, रंजन साहनी, मंतोष साह, अमरजीत साहनी, श्याम साह, रौशन साहनी, पिंटू साहनी, सुरज साहनी सहित समस्त कादराबाद वासी अहम भूमिका निभा रहे हैं।