बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गोधना पंचायत के मजनू पुर नवादा में शुक्रवार को विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। यहां 11000 वोल्ट के हाई टेंशन तार की कवरिंग न होने पर विरोध हुआ था।
गौरतलब हो कि 6 अक्टूबर मंगलवार को गजबोर गाछी में जमीन पर गिरी हाइटेंशन 11000 तार की चपेट में आने से एक युवक की मौत हुई थी। इसके बाद गोधना पंचायत के वार्ड 5, 7, 11 और 12 में बिजली बाधित था। जिसको लेकर लोगों ने बुधवार को बिजली कार्यालय का घेराव किया।
जिसके बाद गुरुवार को अधिकारी विद्युत बहाल करने पहुंचे, पर बिना कवरिंग तार खींचे जाने पर लोगों ने काम को रोक दिया। शुक्रवार को सहायक अभियंता संजीव कुमार, कनीय अभियंता संतोष कुमार और एसआई जितेंद्र कुमार, कोमल प्रिया समेत तैयाय ओपी और बछवाड़ा थाना के पुलिस बल एवं बिजली विभाग के कर्मी नवादा गांव पहुंचे।
यहां उन्होंने टूटे हुए बिजली के खंभे और तार देखे। जिस पर काफी पूछताछ की गई पर कुछ पता नहीं चला। इसके बाद सहायक अभियंता संजीव कुमार ने स्थानीय लोगों को 2 महीने के अंदर हाई टेंशन 11000 कवरिंग तार खींचने का भरोसा दिया। इसके बाद विद्युत आपूर्ति बहाल करने का काम शुरू हुआ।
हालांकि, काम के दौरान कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन समझा-बुझाकर उन्हें दूर किया गया और गोधना सीमांकन पर बिजली दी गई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि, बिजली ठीक करने वाले कर्मी अपनी जिंदगी दांव पर लगाए हुए थे और बिना सेफ्टी बेल्ट के सहायक अभियंता संजीव कुमार के सामने खतरों से खेल रहे थे। जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठा।
इस संबंध में सहायक अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि गोधना सीमा पर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है और अन्य हिस्सों में प्रयास किया जा रहा है। जब सेफ्टी बेल्ट के सवाल पर एसडीओ संजीव कुमार से पूछा गया, तो वह कुछ भी कहने से इनकार कर गए।