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बालाघाट: बालाघाट पुलिस की नई मुहिम: नशे की अंधेरी दुनिया से लौटे लोगों ने सुनाई दर्दभरी दास्तां

Balaghat, Balaghat | Jul 18, 2026
नशे से दूरी, है जरूरी 2.0 संवाद कार्यक्रम में पीड़ितो से पुलिस ने खुलकर संवाद किया। जहां किसी ने रुआंसे होकर बताया कि नशे की लत ने उनका हंसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया, तो किसी ने दोस्ती यारी में नशे की चपेट में आना बताया। जब कई लोगों ने अपनी जिंदगी की दर्दनाक सच्चाइयां साझा कीं। कार्यक्रम में मौजूद डीएसपी प्रतिभा राठौड़ ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य नशे के आदी

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#बालाघाट 
डाइट बालाघाट में तीन दिवसीय ईसीसीई प्रशिक्षण का समापन, 101 विद्यालयों के शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
       जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बालाघाट में आयोजित तीन दिवसीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रशिक्षण का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को अधिक रोचक, गतिविधि-आधारित एवं बाल-केंद्रित बनाते हुए शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि करना था।

   डाइट प्राचार्य श्री नरेश प्रसाद मलगाम के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन ईसीसीई प्रभारी श्री शिव कुमार त्रिपाठी ने किया। प्रशिक्षण में जिले के 101 विद्यालयों की ईसीसीई कक्षाओं का संचालन करने वाले शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

     प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री जीवनलाल मंसूरे, श्री दुर्गा प्रसाद राहंगडाले एवं श्री ओमप्रकाश लिल्हारे ने खेल-आधारित शिक्षण, गतिविधि-आधारित अधिगम, भाषा एवं संज्ञानात्मक विकास, कक्षा प्रबंधन तथा नवाचारी शिक्षण तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के निर्माण एवं प्रभावी उपयोग का भी अभ्यास कराया गया।

     समापन समारोह को संबोधित करते हुए डाइट प्राचार्य श्री नरेश प्रसाद मलगाम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई गतिविधि-आधारित एवं नवाचारी शिक्षण विधियों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया, ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं आनंददायक शिक्षा मिल सके।

      प्रशिक्षण प्रभारी श्री के.डी. तीतरमारे ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा बच्चों के भाषा, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास की मजबूत नींव तैयार करती है। वहीं जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र श्री घनश्याम बर्मन ने शिक्षकों से विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के प्रयास करने तथा प्रशिक्षण में प्राप्त नवाचारों एवं टीएलएम का नियमित उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण ईसीसीई वातावरण तैयार करने का आग्रह किया।

      समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए अपने-अपने विद्यालयों की ईसीसीई कक्षाओं में प्रशिक्षण से प्राप्त नवाचारों एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएँ दी गईं।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#schooledump

#बालाघाट डाइट बालाघाट में तीन दिवसीय ईसीसीई प्रशिक्षण का समापन, 101 विद्यालयों के शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बालाघाट में आयोजित तीन दिवसीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रशिक्षण का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को अधिक रोचक, गतिविधि-आधारित एवं बाल-केंद्रित बनाते हुए शिक्षकों की दक्षता में वृद्धि करना था। डाइट प्राचार्य श्री नरेश प्रसाद मलगाम के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन ईसीसीई प्रभारी श्री शिव कुमार त्रिपाठी ने किया। प्रशिक्षण में जिले के 101 विद्यालयों की ईसीसीई कक्षाओं का संचालन करने वाले शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री जीवनलाल मंसूरे, श्री दुर्गा प्रसाद राहंगडाले एवं श्री ओमप्रकाश लिल्हारे ने खेल-आधारित शिक्षण, गतिविधि-आधारित अधिगम, भाषा एवं संज्ञानात्मक विकास, कक्षा प्रबंधन तथा नवाचारी शिक्षण तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के निर्माण एवं प्रभावी उपयोग का भी अभ्यास कराया गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए डाइट प्राचार्य श्री नरेश प्रसाद मलगाम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई गतिविधि-आधारित एवं नवाचारी शिक्षण विधियों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया, ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं आनंददायक शिक्षा मिल सके। प्रशिक्षण प्रभारी श्री के.डी. तीतरमारे ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा बच्चों के भाषा, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास की मजबूत नींव तैयार करती है। वहीं जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र श्री घनश्याम बर्मन ने शिक्षकों से विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के प्रयास करने तथा प्रशिक्षण में प्राप्त नवाचारों एवं टीएलएम का नियमित उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण ईसीसीई वातावरण तैयार करने का आग्रह किया। समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए अपने-अपने विद्यालयों की ईसीसीई कक्षाओं में प्रशिक्षण से प्राप्त नवाचारों एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएँ दी गईं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #schooledump

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 18, 2026

#बालाघाट 
चिकित्सा जगत में बालाघाट का मान: डॉ. बी.एम. शरणागत को मिला प्रतिष्ठित 'आईएमए लीडरशिप अवॉर्ड-2026'

     बालाघाट जिले के चिकित्सा जगत के लिए आज का दिन अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। जिले के वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सक, डॉ. बी.एम. शरणागत को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान और अनुकरणीय नेतृत्व के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रतिष्ठित 'लीडरशिप अवॉर्ड-2026' से सम्मानित किया गया है।

         रक्षा मंत्री के हाथों मिला सम्मान

     यह गरिमामयी पुरस्कार समारोह डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में आज, 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने अपने कर-कमलों से डॉ. शरणागत को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। इस दौरान देश भर के प्रख्यात चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मौजूद थे।

            सेवा और समर्पण की पहचान

      डॉ. बी.एम. शरणागत को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उनकी दशकों की लंबी चिकित्सा यात्रा, मरीजों के प्रति अटूट सेवा भाव, समाज के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के प्रयासों और चिकित्सा क्षेत्र में उनके कुशल नेतृत्व के लिए दिया गया है।

      अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. शरणागत ने इस सम्मान को अपने मरीजों, जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम और अपने शुभचिंतकों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें भविष्य में और भी अधिक निष्ठा के साथ मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा।

              जिले में हर्ष की लहर

      डॉ. शरणागत की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही बालाघाट पहुँची, चिकित्सा समुदाय और जिले के नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

     जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और चिकित्सा संगठनों ने इसे बालाघाट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उनका मानना है कि एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना न केवल डॉ. शरणागत के व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह पूरे जिले के स्वास्थ्य तंत्र के लिए गौरव का विषय है।

            एक प्रेरणादायक सफर

     डॉ. बी.एम. शरणागत का नाम बालाघाट में चिकित्सा के क्षेत्र में एक विश्वसनीय स्तंभ के रूप में जाना जाता है। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने न केवल जटिल रोगों के उपचार में महारत हासिल की है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। यह राष्ट्रीय सम्मान उनके दीर्घकालिक अनुभवों और निस्वार्थ सेवा का एक सार्थक सम्मान है।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#healthminmp

#बालाघाट चिकित्सा जगत में बालाघाट का मान: डॉ. बी.एम. शरणागत को मिला प्रतिष्ठित 'आईएमए लीडरशिप अवॉर्ड-2026' बालाघाट जिले के चिकित्सा जगत के लिए आज का दिन अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। जिले के वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सक, डॉ. बी.एम. शरणागत को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान और अनुकरणीय नेतृत्व के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रतिष्ठित 'लीडरशिप अवॉर्ड-2026' से सम्मानित किया गया है। रक्षा मंत्री के हाथों मिला सम्मान यह गरिमामयी पुरस्कार समारोह डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में आज, 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने अपने कर-कमलों से डॉ. शरणागत को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। इस दौरान देश भर के प्रख्यात चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मौजूद थे। सेवा और समर्पण की पहचान डॉ. बी.एम. शरणागत को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उनकी दशकों की लंबी चिकित्सा यात्रा, मरीजों के प्रति अटूट सेवा भाव, समाज के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के प्रयासों और चिकित्सा क्षेत्र में उनके कुशल नेतृत्व के लिए दिया गया है। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. शरणागत ने इस सम्मान को अपने मरीजों, जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम और अपने शुभचिंतकों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें भविष्य में और भी अधिक निष्ठा के साथ मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा। जिले में हर्ष की लहर डॉ. शरणागत की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही बालाघाट पहुँची, चिकित्सा समुदाय और जिले के नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और चिकित्सा संगठनों ने इसे बालाघाट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उनका मानना है कि एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना न केवल डॉ. शरणागत के व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह पूरे जिले के स्वास्थ्य तंत्र के लिए गौरव का विषय है। एक प्रेरणादायक सफर डॉ. बी.एम. शरणागत का नाम बालाघाट में चिकित्सा के क्षेत्र में एक विश्वसनीय स्तंभ के रूप में जाना जाता है। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने न केवल जटिल रोगों के उपचार में महारत हासिल की है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। यह राष्ट्रीय सम्मान उनके दीर्घकालिक अनुभवों और निस्वार्थ सेवा का एक सार्थक सम्मान है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 18, 2026

#बालाघाट 
डायरिया रोको अभियान: पिपरिया हुड़कीटोला में पानी की गुणवत्ता जांची, ग्रामीणों को स्वच्छता का दिया संदेश

     बालाघाट जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम एवं ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा 'डायरिया रोको अभियान' प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कार्यपालन यंत्री बी.एल. उइके के निर्देशन में संस्था नई रोशनी के फील्ड समन्वयकों ने वारासिवनी विकासखंड के ग्राम पिपरिया हुड़कीटोला का भ्रमण कर विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा गतिविधियों का आयोजन किया।

     अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच की गई। साथ ही ग्रामीणों को स्वयं पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि भी सिखाई गई, ताकि वे दूषित पानी की पहचान कर जलजनित बीमारियों से बचाव कर सकें।

    इस अवसर पर विभागीय टीम ने ग्रामीणों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्कूली बच्चों को साबुन से हाथ धोने के छह चरणों (6 स्टेप्स) का व्यावहारिक प्रदर्शन कर स्वच्छता का महत्व समझाया। उन्हें बताया गया कि भोजन बनाने और खाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

      फील्ड समन्वयकों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हमेशा शुद्ध एवं ढककर रखा हुआ पानी ही उपयोग करें तथा पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जागरूकता, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के उपयोग से ही डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minphemp #mp_wcdmp

#बालाघाट डायरिया रोको अभियान: पिपरिया हुड़कीटोला में पानी की गुणवत्ता जांची, ग्रामीणों को स्वच्छता का दिया संदेश बालाघाट जिले में जलजनित बीमारियों की रोकथाम एवं ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा 'डायरिया रोको अभियान' प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कार्यपालन यंत्री बी.एल. उइके के निर्देशन में संस्था नई रोशनी के फील्ड समन्वयकों ने वारासिवनी विकासखंड के ग्राम पिपरिया हुड़कीटोला का भ्रमण कर विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा गतिविधियों का आयोजन किया। अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच की गई। साथ ही ग्रामीणों को स्वयं पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि भी सिखाई गई, ताकि वे दूषित पानी की पहचान कर जलजनित बीमारियों से बचाव कर सकें। इस अवसर पर विभागीय टीम ने ग्रामीणों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्कूली बच्चों को साबुन से हाथ धोने के छह चरणों (6 स्टेप्स) का व्यावहारिक प्रदर्शन कर स्वच्छता का महत्व समझाया। उन्हें बताया गया कि भोजन बनाने और खाने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोना डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। फील्ड समन्वयकों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे हमेशा शुद्ध एवं ढककर रखा हुआ पानी ही उपयोग करें तथा पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जागरूकता, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के उपयोग से ही डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minphemp #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 18, 2026

#बालाघाट 
जनसुनवाई व सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की जांच, 

सांदीपनि विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया सही पाई गई

      सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश को लेकर जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की शुक्रवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मोनिका पटेल के निर्देशन में विस्तृत जांच की गई।

      जांच के दौरान शिकायतकर्ता पालक, विद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले, उपप्राचार्य साजिद मोहिस तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सहायक ग्रेड-3 अपूर्व बेल उपस्थित रहे। इस दौरान सभी शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी गई और प्रत्येक प्रकरण का बिंदुवार परीक्षण किया गया।

      जांच के दौरान पालकों को शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित सांदीपनि विद्यालय की प्रवेश नीति की जानकारी दी गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए प्राचार्य द्वारा अपनाई गई पारदर्शी एवं सावधानीपूर्ण प्रक्रिया की सराहना की।

      प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले ने बताया कि विद्यालय में निर्धारित क्षमता से अधिक प्रवेश के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे। उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार केवल हिन्दी माध्यम की कुछ कक्षाओं में ही पालकों की सहमति से प्रवेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर के मध्य स्थित सांदीपनि विद्यालय में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिसके कारण अतिरिक्त प्रवेश देना संभव नहीं है।

       जांच के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया शिक्षा विभाग के निर्धारित नियमों एवं प्रवेश नीति के अनुरूप अपनाई गई है।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#gaddeptmp

#बालाघाट जनसुनवाई व सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की जांच, सांदीपनि विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया सही पाई गई सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश को लेकर जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की शुक्रवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती मोनिका पटेल के निर्देशन में विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता पालक, विद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले, उपप्राचार्य साजिद मोहिस तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सहायक ग्रेड-3 अपूर्व बेल उपस्थित रहे। इस दौरान सभी शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी गई और प्रत्येक प्रकरण का बिंदुवार परीक्षण किया गया। जांच के दौरान पालकों को शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित सांदीपनि विद्यालय की प्रवेश नीति की जानकारी दी गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए प्राचार्य द्वारा अपनाई गई पारदर्शी एवं सावधानीपूर्ण प्रक्रिया की सराहना की। प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले ने बताया कि विद्यालय में निर्धारित क्षमता से अधिक प्रवेश के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे। उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार केवल हिन्दी माध्यम की कुछ कक्षाओं में ही पालकों की सहमति से प्रवेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर के मध्य स्थित सांदीपनि विद्यालय में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिसके कारण अतिरिक्त प्रवेश देना संभव नहीं है। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि विद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया शिक्षा विभाग के निर्धारित नियमों एवं प्रवेश नीति के अनुरूप अपनाई गई है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #gaddeptmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 18, 2026

Lucknow Station के बाहर कथित रूप से सुलभ शौचालय के पानी से शिकंजी बनाते विक्रेता का Video हुआ Viral!

Lucknow Station के बाहर कथित रूप से सुलभ शौचालय के पानी से शिकंजी बनाते विक्रेता का Video हुआ Viral!

Balaghat, Balaghat | Jul 18, 2026

बालाघाट: बालाघाट पुलिस की नई मुहिम: नशे की अंधेरी दुनिया से लौटे लोगों ने सुनाई दर्दभरी दास्तां - Balaghat News