जिले में एक ग्राम एक उद्यम तथा उपज से उद्यम योजना शीघ्र मूर्त रूप लेने की ओर अग्रसर
कृषि उद्यानिकी उत्पादों की प्रसंस्करण इकाइयों का जाल बिछेगा कृषक होंगे ओर समृद्ध
कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह द्वारा जिले में अभिनव पहल करते हुए कृषि तथा उद्यानिकी उत्पादों की प्रसंस्करण इकाइयों की व्यापक स्थापना की कार्य योजना तैयार की गई है। मंदसौर जिले में कृषि तथा उद्यानिकी फसलों के प्रचुर उत्पादन के दृष्टिगत किसानों की आय में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए कलेक्टर द्वारा योजना बनाई गई है। इसके तहत फसल उत्पादन की प्रसंस्करण इकाइयों का जाल फैला कर किसानों को उतरोत्तर समृद्धि की दिशा की ओर ले जाना है तथा मंदसौर जिले को ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए शासन की विभिन्न योजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाया जाएगा। किसान की फसल को प्रसंस्करण के माध्यम से मार्केट लिकेज देने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में एक बैठक बुधवार को संपन्न हुई। बैठक में उद्योग कृषि उद्यानिकी तथा पशुपालन विभागों द्वारा अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में प्रचुर मात्रा में उत्पादित फसलों के प्रसंस्करण जैसे गार्लिक पेस्ट, जेम, स्क्वाश, जूस, अचार, पाउडर इत्यादि तैयार करने के लिए उत्पादन करता किसानों को शासन की योजना से मदद देकर उत्पादन यूनिट तैयार करवाई जाएगी जहां से तैयार उत्पाद को मार्केट लिंकेज किया जाएगा। जिससे किसान की आय में अपेक्षा अनुसार अधिकाधिक वृद्धि हो सकेगी।
योजना के अनुसार जिले में किसानों के क्लस्टर तैयार किया जा रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा 12 क्लस्टर तैयार किए गए हैं जिनमें बड़ी संख्या में किसानों को जोड़ा गया है। जिले में भानपुरा क्षेत्र में परंपरागत रूप से पान की खेती करने वाले किसानों का भी क्लस्टर तैयार किया गया है। योजना अनुसार किसानों के कृषक उत्पादक समूहों को भी तैयार किया जा रहा है।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने विभाग की उस योजना को विशेष रूप से चिन्हित करें जो किसान को उद्यमी के रूप में स्थापित करने में ज्यादा मददगार सिद्ध हो। कलेक्टर ने कहा कि मंदसौर जिला कृषि एवं उद्यानिकी फसलों से समृद्ध है इसलिए जिले के किसानों को समृद्धि की ओर ले जाकर देश-विदेश में एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए हमें लोन फैसिलिटी, अनुदान सहायता, बाजार उपलब्धता, दूर स्थान से कनेक्टिविटी आदि सभी बिंदुओं पर गहराई से कार्य करना है। बैठक में जिला उद्योग विभाग द्वारा अपने प्रेजेंटेशन में बताया गया कि जिले की 468 में से 330 ग्राम पंचायत में छोटे-छोटे 650 से अधिक उद्योग सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम योजना की मदद से स्थापित किए गए हैं। जिनमें 2700 से अधिक लोग रोजगार अर्जित कर रहे हैं उद्योगों में 173 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है।
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Mandsaur, Madhya Pradesh | Sep 24, 2026