बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा
- कैंप लगाकर ग्रामीणों की हो रही स्वास्थ्य जांच
- नि:शुल्क दवा वितरण के साथ जरूरी परामर्श
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर
छपरा। सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद अमनौर, मकेर, पानापुर और तरैया प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग भी पूरी मुस्तैदी से जुटा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की तैनाती कर लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है और जरूरत के अनुसार नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें जीवन रक्षक एवं आवश्यक दवाओं के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। टीम के सदस्य शिविरों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं तथा बीमार लोगों की जांच कर उन्हें उपचार एवं दवा उपलब्ध करा रहे हैं। बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों, सर्दी-जुकाम, बुखार, त्वचा संबंधी समस्या सहित अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। गर्भवती महिलाओं की अलग से लाइन लिस्ट तैयार की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, पोषण और सुरक्षित प्रसव से संबंधित आवश्यक परामर्श भी दिया जा रहा है।
चार प्रखंडों में कई मेडिकल टीमें सक्रिय
जिला स्वास्थ्य समिति का डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में मकेर प्रखंड में दो अस्थायी मेडिकल टीमों के साथ तीन मोबाइल मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। वहीं अमनौर में दो, तरैया में चार और पानापुर में छह मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। पानापुर में तैनात छह टीमों में दो मोबाइल टीमें भी शामिल हैं, जो जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले दिनों में भी टीमों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की तैयारी की है। शुक्रवार से मकेर प्रखंड में पांच, अमनौर में पांच, तरैया में चार और पानापुर में छह मेडिकल टीमें सक्रिय रूप से कार्य करेंगी। इन टीमों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था जारी रहेगी।
आपात स्थिति के लिए भी स्वास्थ्य विभाग तैयार
सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों को आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं के साथ तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रभावित आबादी तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि बाढ़ के बीच किसी भी व्यक्ति को इलाज या आवश्यक दवाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान के साथ स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार मेडिकल टीमों की तैनाती और उनकी संख्या में आवश्यक बदलाव किया जा रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को उनके आसपास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026