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नगर निगम बटराहा वार्ड-34 में जमीन का बड़ा खेल? सरकारी जमीन पर घेराबंदी, महादलित परिवार ने मांगा रास्ता तो बढ़ा विवाद. विवादों के घेरे में नगर आयुक्त का बयान ?
Kahara, Saharsa
| Oct 1, 2026
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें लगातार मुस्तैद, स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा जारी सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर लगातार जारी है। इसी क्रम में मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखा गया है, ताकि बाढ़ के बीच लोगों को समय पर स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके। स्वास्थ्य शिविर एवं मेडिकल कैंप के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का जायजा ले रही हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। आपदा की इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित नागरिकों तक राहत, बचाव और स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर पहुंचें और किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा - कैंप लगाकर ग्रामीणों की हो रही स्वास्थ्य जांच - नि:शुल्क दवा वितरण के साथ जरूरी परामर्श - बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर छपरा। सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद अमनौर, मकेर, पानापुर और तरैया प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग भी पूरी मुस्तैदी से जुटा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की तैनाती कर लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है और जरूरत के अनुसार नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जीवन रक्षक एवं आवश्यक दवाओं के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। टीम के सदस्य शिविरों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं तथा बीमार लोगों की जांच कर उन्हें उपचार एवं दवा उपलब्ध करा रहे हैं। बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों, सर्दी-जुकाम, बुखार, त्वचा संबंधी समस्या सहित अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। गर्भवती महिलाओं की अलग से लाइन लिस्ट तैयार की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, पोषण और सुरक्षित प्रसव से संबंधित आवश्यक परामर्श भी दिया जा रहा है। चार प्रखंडों में कई मेडिकल टीमें सक्रिय जिला स्वास्थ्य समिति का डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में मकेर प्रखंड में दो अस्थायी मेडिकल टीमों के साथ तीन मोबाइल मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। वहीं अमनौर में दो, तरैया में चार और पानापुर में छह मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। पानापुर में तैनात छह टीमों में दो मोबाइल टीमें भी शामिल हैं, जो जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले दिनों में भी टीमों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की तैयारी की है। शुक्रवार से मकेर प्रखंड में पांच, अमनौर में पांच, तरैया में चार और पानापुर में छह मेडिकल टीमें सक्रिय रूप से कार्य करेंगी। इन टीमों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था जारी रहेगी। आपात स्थिति के लिए भी स्वास्थ्य विभाग तैयार सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों को आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं के साथ तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रभावित आबादी तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि बाढ़ के बीच किसी भी व्यक्ति को इलाज या आवश्यक दवाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान के साथ स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार मेडिकल टीमों की तैनाती और उनकी संख्या में आवश्यक बदलाव किया जा रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को उनके आसपास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानव एवं पशुधन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बचाव एवं राहत कार्य जारी है। बाढ़ से प्रभावित मवेशियों की सुरक्षा एवं चिकित्सा के लिए पशु चिकित्सा दलों को सक्रिय रखा गया है। आवश्यकता के अनुसार पशुओं का उपचार एवं चिकित्सकीय देखभाल की जा रही है। वहीं, प्रभावित मवेशियों के लिए पशु चारा वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां आवश्यकता के अनुसार पशु चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानव एवं पशुधन, दोनों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्थिति के अनुरूप तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें लगातार मुस्तैद, स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा जारी सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर लगातार जारी है। इसी क्रम में मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखा गया है, ताकि बाढ़ के बीच लोगों को समय पर स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके। स्वास्थ्य शिविर एवं मेडिकल कैंप के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का जायजा ले रही हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। आपदा की इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित नागरिकों तक राहत, बचाव और स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर पहुंचें और किसी भी व्
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत सारण जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिनांक 01.10.2026 को आयोजित कार्यक्रम के दौरान गोदभराई कार्यक्रम एवं पोषण से संबंधित माता बैठक का आयोजन कर गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को पोषण, स्वास्थ्य एवं शिशु देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। आंगन मिलन कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय महिलाओं एवं परिवारों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी ली गई तथा उपलब्ध सेवाओं एवं योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय सहभागिता के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और जनकल्याण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
सहरसा नगर निगम नहीं, नरक निगम. बटराहा की सड़कें बनीं बदबूदार पानी का तालाब, वर्षों से जलजमाव से त्रस्त लोग. विधायक, मेयर, उप मेयर और जिम्मेदारों को चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। जल निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी हकीकत जस की तस।
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू, 31 दिसंबर तक बंद रहेगा पुल; मुफ्त फेरी सेवा बनी सहारा
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
बाढ़ में फंसे दिव्यांग की दर्दभरी पुकार, राहत सामग्री पहुंचाने की मांग
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026