राजस्थान की सियासत में बड़े उलटफेर के संकेत: EWS यात्रा के बहाने रवींद्र सिंह भाटी का शक्ति प्रदर्शन,
डीडवाना में यूनुस खान से मुलाकात के बाद तीसरे मोर्चे की अटकलें तेज
डीडवाना।राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के पारंपरिक विकल्प के समानांतर एक मजबूत 'तीसरे मोर्चे' के उभरने की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। शिव से निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी द्वारा इन दिनों पूरे प्रदेश में निकाली जा रही EWS सरलीकरण यात्रा ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। इस यात्रा को भले ही एक सामाजिक वर्ग की मांगों से जोड़ा जा रहा हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आने वाले 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं।
*डीडवाना में निर्दलीय विधायक के आवास पर एक घंटे बंद कमरे में चर्चा*
अपनी यात्रा के दौरान रवींद्र सिंह भाटी का डीडवाना पहुंचना राजनीतिक रूप से बेहद खास रहा। यात्रा के बाद भाटी ने डीडवाना के निर्दलीय विधायक यूनुस खान के आवास पर पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में लंबी चर्चा हुई। इस मुलाकात के दौरान डिनर का दौर भी चला और चाय पर राजनीति के वर्तमान और भविष्य के परिदृश्य पर मंथन हुआ।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी। यूनुस खान की गिनती पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेहद करीबी और कद्दावर नेताओं में होती है। ऐसे में, युवा फायरब्रांड नेता रवींद्र सिंह भाटी और अनुभवी नेता यूनुस खान की यह मुलाकात राजस्थान की सियासत में दूरगामी परिणाम देने वाली मानी जा रही है।
*क्या तैयार हो रही है नए राजनीतिक दल की पटकथा*
प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में राजस्थान में एक नया राजनीतिक विकल्प या पार्टी सामने आ सकती है। चर्चा इस बात की भी है कि इस नए मोर्चे के पीछे कई बड़े और मंजे हुए नेताओं का अंदरूनी हाथ हो सकता है, जो पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाएंगे और युवाओं तथा लोकप्रिय चेहरों को आगे रखकर मैदान में उतरेंगे।विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह तीसरा विकल्प धरातल पर उतरता है, तो यह राजस्थान की अधिकांश सीटों पर सीधा असर डालेगा। पार्टी यदि अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरती है, तो वह कई सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश की राजनीति में 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकती है। इससे कांग्रेस और बीजेपी दोनों के ही पारंपरिक समीकरण बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
*युवाओं की पसंद और बदलते समीकरण*
रवींद्र सिंह भाटी की इस यात्रा में उमड़ रही युवाओं की भारी भीड़ यह संकेत दे रही है कि प्रदेश का युवा वर्ग एक नए राजनीतिक नेतृत्व की तलाश में है। सोशल मीडिया और ज़मीनी स्तर पर जिस तरह से भाटी को समर्थन मिल रहा है, उससे यह साफ है कि आने वाले चुनावों में मुकाबला त्रिकोणीय या अधिक रोचक हो सकता है। फिलहाल, भाटी और यूनुस खान की इस मुलाकात और EWS यात्रा के बहाने हो रहे शक्ति प्रदर्शन ने राजनीतिक दलों की नींद उड़ा दी है और आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में किसी बड़े भूचाल से इंकार नहीं किया जा सकता।
Didwana, Nagaur | Oct 11, 2026