*हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह ने झज्जर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक ली, कानून-व्यवस्था को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश; पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण कंपनियों का निरीक्षण कर मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस बल की कार्यक्षमता एवं मुस्तैदी का लिया जायजा*
झज्जर
हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह ने झज्जर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की। झज्जर पहुंचने पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय फैसल खान, पुलिस उपायुक्त झज्जर धारणा यादव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने तथा ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल का अनुशासित, संगठित एवं मुस्तैद रहना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान बैरिकेडिंग की व्यवस्था मजबूत, व्यवस्थित एवं प्रभावी होनी चाहिए। बैरिकेडिंग इस प्रकार की जाए कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात का सुचारू संचालन भी सुनिश्चित रहे। उन्होंने अधिकारियों को ड्यूटी की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा पुलिस कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए।
*दंगा नियंत्रण कंपनियों का निरीक्षण, मॉक ड्रिल में पुलिसकर्मियों ने किया व्यावहारिक प्रदर्शन:-*
बैठक के उपरांत पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह ने पुलिस लाइन झज्जर में दंगा नियंत्रण कंपनियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस जवानों की तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा उपकरणों एवं दंगा नियंत्रण सामग्री की उपलब्धता का बारीकी से जायजा लिया।मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस जवानों ने भीड़ नियंत्रण, उपद्रवी भीड़ को तितर-बितर करने, आंसू गैस के प्रयोग, कैन शील्ड एवं अन्य एंटी राइट उपकरणों के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके साथ ही विभिन्न परिस्थितियों में पुलिस बल की तैनाती, टीमों के आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
*अनुशासन, सतर्कता और नियमित अभ्यास पुलिस बल की कार्यक्षमता का आधार* पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल का हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है। नियमित मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, आत्मविश्वास और आपसी समन्वय में सुधार होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दंगा नियंत्रण कंपनियों का नियमित अभ्यास करवाया जाए तथा सभी सुरक्षा उपकरणों को सदैव कार्यशील अवस्था में रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल तत्काल एवं प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सके।
Uklana, Hissar | Oct 30, 2026