*पितृपक्ष मेला 2026: जिलाधिकारी द्वारा बोधगया स्थित धर्मारण्य, सरस्वती एवं मातंगवापी वेदियों का सघन निरीक्षण; तीर्थयात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर दिए कड़े निर्देश*
गया, 07 सितंबर, 2026, विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के सफल, सुगम एवं सुरक्षित आयोजन की तैयारियों के क्रम में आज जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा बोधगया प्रखंड अंतर्गत प्रमुख पिंडदान स्थलों यथा धर्मारण्य, सरस्वती एवं मातंगवापी वेदियों का स्थल निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को उच्चस्तरीय नागरिक सुविधाएं, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना रहा।
*निरीक्षण के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश:*
*स्वच्छता एवं जलापूर्ति:* वेदी परिसरों एवं प्रमुख पहुंच पथों की 24×7 नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश नगर परिषद एवं संबंधित एजेंसियों को दिया गया। श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम, शुद्ध पेयजल टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था अविलंब पूर्ण करने को कहा गया।
*सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था:*
पिंडदानियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल, दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, वॉच टावर और उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी वेदियों, संपर्क मार्गों एवं पार्किंग स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा हाई-मास्ट/एलईडी लाइट लगाने का आदेश दिया गया।
*यातायात व भीड़ प्रबंधन:* बोधगया क्षेत्र में वाहनों के सुगम परिचालन हेतु समुचित ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तथा वेदियों के समीप सुनियोजित पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल चलने में असुविधा न हो।
*स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन:* वेदी स्थल के निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सचल (मोबाइल) मेडिकल टीम, एम्बुलेंस तथा जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया। मातंगवापी जलाशय क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में गोताखोरों, एसडीआरएफ टीम एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। वेदी स्थल वे समीप नदी के किनारों/ घाटों पर गहरे पानी को देखते हुए बैरिकेडिंग करवाये।
*श्रद्धालु सहायता केंद्र:* तीर्थयात्रियों के मार्गदर्शन एवं सहायता के लिए 'मे आई हेल्प यू' (May I Help You) बूथ तथा उद्घोषणा (PA) सिस्टम सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पितृपक्ष मेला में आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को गयाजी में अतिथि देवो भवः की भावना के अनुरूप अनुभव मिलना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं व पदाधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर सभी बुनियादी कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी गई।
ज़िला पदाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी को बोधगया के लिये विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार करवाने का निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद के अध्यक्ष, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, सहायक समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद पदाधिकारी तथा पंडा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।