*मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा की*
*सभी विभागीय सचिवों को गया पहुंचकर विभागीय समीक्षा एवं मेला तैयारियों का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश*
गया, 07 सितंबर 2026, विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 के सफल, सुचारू एवं श्रद्धालु हितैषी आयोजन को लेकर आज बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मेला की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान गया जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के स्तर पर की जा रही तैयारियों, आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत, स्वास्थ्य, आवासन, यातायात, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।
*मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों के विभागीय सचिव स्वयं गया जिला पहुंचकर अपने-अपने विभाग की समीक्षा करें तथा पितृपक्ष मेला की तैयारियों का स्थल निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा मेला प्रारंभ होने से पूर्व सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह क्रियाशील करने पर विशेष जोर दिया।*
बैठक में जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
*5 जोन एवं 54 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र*
मेला क्षेत्र को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए इसे 5 जोन एवं 54 सेक्टर में विभाजित किया गया है। स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए तीन पालियों में सफाई कार्य कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 39,500 मानवबल की आवश्यकता का आकलन किया गया है तथा एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रकाशित की जा चुकी है।
फाल्गु नदी की स्वच्छता एवं जल सतह से कचरा हटाने के लिए Trash Cleaning Boat का उपयोग किया जाएगा। मेला क्षेत्र की सफाई के साथ-साथ घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों की नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है।
*पेयजल एवं स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था*
पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को पर्याप्त एवं सुगम पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थलों पर मरम्मत एवं नए कार्य कराए जा रहे हैं। वेदी/घाट, यात्री आवासन, पुलिस आवासन तथा वाहन पार्किंग स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
विभिन्न स्थलों पर वॉटर टैंकर एवं वॉटर एटीएम की व्यवस्था भी की जाएगी। बताया गया कि कुल 87 स्थलों पर कार्य प्रस्तावित है, जिनमें 280 मरम्मत/नए कार्य, 890 वॉटर टैंकर तथा 22 वॉटर एटीएम सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में शौचालय, प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय, स्नानागार एवं चेंजिंग रूम भी तैयार किए जा रहे हैं। उपलब्ध कार्ययोजना में 364 शौचालय एवं 579 प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय सहित स्नानागार एवं चेंजिंग रूम की व्यवस्था का उल्लेख है।
*तालाबों की विशेष सफाई*
मेला क्षेत्र में स्थित कुल 9 तालाबों की विशेष सफाई कराई जा रही है। इसके लिए दो पालियों में सफाई कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। तालाब के अंदर पानी की सफाई के साथ-साथ सीढ़ियों एवं तालाब की वेदियों की भी सफाई कराई जा रही है।
*प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था को किया जा रहा सुदृढ़*
मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को आकर्षक एवं बेहतर बनाने के लिए कार्य तेजी से किया जा रहा है। पितृपक्ष मेला क्षेत्र में सजावट के लिए सभी पोल पर तीन रंगों की सजावटी (तिरंगा) लाइट लगाई जा रही है। स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट एवं अन्य प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ विद्युत तार एवं ट्रांसफॉर्मर से संबंधित कार्य भी किए जा रहे हैं।
विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न पावर सब-स्टेशन एवं एलटी/एचटी लाइनों के रखरखाव, री-सैगिंग, फेंसिंग, आयरन स्ट्रक्चर पर डाइलेक्ट्रिक पेंट आदि कार्य किए जा रहे हैं। मेला अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसफॉर्मर एवं विद्युत आपूर्ति तंत्र की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है।
*स्वास्थ्य व्यवस्था रहेगी सुदृढ़*
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। चिकित्सकीय दल, आवश्यक संसाधन एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मेला क्षेत्र में सक्रिय रखने की तैयारी की गई है।
*बच्चों की सुरक्षा के लिए QR आधारित Wrist Band*
पितृपक्ष मेला में तीर्थयात्रियों के साथ आने वाले बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सभी बच्चों को Unique QR Based Wrist Band उपलब्ध कराने की योजना है, जिसे उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर से लिंक किया जाएगा।
मेला क्षेत्र में यदि कोई बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ जाता है तो QR आधारित Wrist Band की सहायता से बच्चे को ट्रेस करने में प्रशासन को सुविधा होगी। इससे खोए हुए बच्चों को शीघ्र उनके अभिभावकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
*24×7 हेल्पलाइन एवं May I Help You Counter*
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में May I Help You Counter की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही हेल्पलाइन एवं सहायता व्यवस्था को 24×7 संचालित करने की तैयारी है तथा CCTV के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
पितृपक्ष मेला हेल्पलाइन नंबर 9266628168 जारी किया गया है। इसके माध्यम से IVRS/Voice Menu के जरिए विभिन्न प्रकार की सहायता एवं जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन सहायता, विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा, अग्निशमन, चिकित्सा, साफ-सफाई, परिवहन, यातायात जाम, पेयजल, खाद्य व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत तार एवं ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित शिकायत एवं सहायता प्राप्त की जा सकेगी।
*आपदा प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर*
मेला के दौरान संभावित आपदा जोखिमों के न्यूनीकरण एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली, अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, CCTV कैमरों की स्थापना तथा जिला आपातकालीन संचालन केंद्र का 24×7 संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के लिए 112 नंबर के व्यापक प्रचार-प्रसार की भी व्यवस्था की जा रही है।
*सड़क एवं आधारभूत संरचना के कार्यों में तेजी*
मेला क्षेत्र तक श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़क एवं आधारभूत संरचना से संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उपलब्ध प्रगति के अनुसार GSB एवं WMM का कार्य प्रगति पर है तथा कई हिस्सों में GSB कार्य पूर्ण हो चुका है।
गया जी धर्मशाला का निर्माण कार्य भी प्रगति पर
गया जी धर्मशाला के ब्लॉक-A में भी निर्माण एवं फिनिशिंग कार्य तेजी से चल रहा है।
*सोशल मीडिया एवं जन-जागरूकता पर भी विशेष ध्यान*
पितृपक्ष मेला की तैयारियों एवं सुविधाओं की जानकारी देश-विदेश के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। Influencer/YouTuber के माध्यम से मेला से संबंधित सकारात्मक एवं उपयोगी जानकारी के व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना भी तैयार की गई है। साथ ही Influencer Competition का भी प्रावधान किया गया है।
मेला क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए Paint the City जैसे रचनात्मक अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से गया की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को कलात्मक रूप में प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।
*मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध एवं समन्वित कार्य के निर्देश*
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा मेला प्रारंभ होने से पहले सभी व्यवस्थाओं का फील्ड स्तर पर सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, आवासन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, परिवहन एवं यातायात सहित किसी भी मूलभूत सुविधा में परेशानी न हो।
उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को गया जिला जाकर विभागीय समीक्षा करने तथा अपने-अपने विभाग से संबंधित पितृपक्ष मेला की तैयारियों का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि मेला प्रारंभ होने से पूर्व सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। पितृपक्ष मेला-2026 को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।