बेगूसराय में बाढ़ से 95 हजार से अधिक परिवार प्रभावित, 183 सामुदायिक रसोई संचालित
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.24 मीटर ऊपर, बलिया में एनडीआरएफ और चार प्रखंडों में एसडीआरएफ तैनात
बेगूसराय (बी के गुलशन)। जिले में बाढ़ 2026 से प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय के नेतृत्व में प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों को सक्रिय किया गया है। शुक्रवार को जारी जिला जन-संपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में गंगा नदी का जलस्तर दोपहर दो बजे 43 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से 1.24 मीटर ऊपर है। सर्वोच्च बाढ़ स्तर (एचएफएल) 43.52 मीटर दर्ज है।
8 प्रखंडों के 189 गांव प्रभावित
बाढ़ से जिले के कुल 8 प्रखंडों की 37 ग्राम पंचायत एवं 2 नगर पंचायत सहित कुल 39 पंचायत प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों के 189 गांवों में 95,245 परिवार तथा लगभग 3,80,980 की आबादी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार सभी तटबंध पूर्णतः सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा एवं स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 269 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें 23 सरकारी तथा 246 निजी नाव शामिल हैं। बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी एवं शाम्हो में एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गई है, जबकि बलिया क्षेत्र में एनडीआरएफ की तैनाती की गई है।
7.42 लाख थाली भोजन का वितरण
बाढ़ प्रभावित लोगों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 183 सामुदायिक रसोई केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से अब तक कुल 7,42,141 थाली भोजन का वितरण किया जा चुका है। आवासीय एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए पॉलिथीन शीट्स का भी वितरण किया जा रहा है। अब तक 31,113 पॉलिथीन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं, जबकि वर्तमान में 41,880 शीट्स उपलब्ध हैं।
71 मेडिकल कैम्प, 37 हजार से अधिक लोगों का उपचार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 71 मेडिकल कैम्प कार्यरत हैं। चार बोट एम्बुलेंस के माध्यम से भी प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक कुल 37,649 व्यक्तियों का उपचार किया जा चुका है।
पशुधन की सुरक्षा के लिए 54 पशु कैम्प संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक 9,597 पशुओं का उपचार किया गया है। प्रभावित पशुपालकों को 1,785.1 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि रकवा प्रभावित
बाढ़ से कृषि क्षेत्र में हुई क्षति का आकलन जारी है। वर्तमान आकलन के अनुसार कुल 27,034 हेक्टेयर रकवा प्रभावित हुआ है। इसमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति वाले प्रभावित रकवे का क्षेत्रफल 19,504 हेक्टेयर है।
पेयजल और स्वच्छता पर भी जोर
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता एवं पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। अब तक 137 अस्थाई शौचालय संचालित किए गए हैं तथा पेयजल की उपलब्धता के लिए 73 नए चापाकल गाड़े गए हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा सभी तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप नाव, भोजन, चिकित्सा, पेयजल, पशुचारा एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
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