कबाड़ से जुगाड़, कचरे से कमाल- प्लास्टिक मुक्त अभियान से बदल रहा राजसमंद
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जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बृजमोहन बैरवा के निर्देशन में स्वच्छता नवाचार और जनभागीदारी को मिल रही नई पहचान
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनान्तर्गत 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक जिले में प्लास्टिक कचरा मुक्त राजसमंद अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के प्रारंभिक चरण में प्रत्येक ब्लॉक की तीन-तीन ग्राम पंचायतों में “वेस्ट टू आर्ट” गतिविधियों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। पुराने टायर, कनस्तर, लकड़ी के ठूंठ, अनुपयोगी लोहे एवं अन्य कबाड़ सामग्री, प्लास्टिक बोतलों आदि का रचनात्मक उपयोग कर आकर्षक कलाकृतियां, सजावटी मॉडल एवं Sanitation Park विकसित किए जा रहे हैं।
कबाड़ से जुगाड़, कचरे से कमाल- प्लास्टिक मुक्त अभियान से बदल रहा राजसमंद”
जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बृजमोहन बैरवा के निर्देशन में स्वच्छता नवाचार और जनभागीदारी को मिल रही नई पहचान
राजसमंद। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनान्तर्गत 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक जिले में प्लास्टिक कचरा मुक्त राजसमंद अभियान चलाया जा रहा है। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद राजसमंद श्री बृजमोहन बैरवा के निर्देशन में अभियान को व्यापक जनभागीदारी से आगे बढ़ाते हुए गांवों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अभियान के प्रारंभिक चरण में प्रत्येक ब्लॉक की तीन-तीन ग्राम पंचायतों में “वेस्ट टू आर्ट” गतिविधियों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। पुराने टायर, कनस्तर, लकड़ी के ठूंठ, अनुपयोगी लोहे एवं अन्य कबाड़ सामग्री, प्लास्टिक बोतलों आदि का रचनात्मक उपयोग कर आकर्षक कलाकृतियां, सजावटी मॉडल एवं Sanitation Park विकसित किए जा रहे हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि कचरा केवल फेंकने की वस्तु नहीं, बल्कि रचनात्मक सोच के साथ उपयोगी संसाधन भी बन सकता है। स्वच्छता पार्कों में महात्मा गांधी के चित्र/प्रतिमा, स्वच्छता संदेश, प्लास्टिक मुक्त ग्राम, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान ग्राम स्वच्छता दल की बैठकें, विद्यालय रैलियां, पोस्टर, स्लोगन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, बाजार जागरूकता तथा घर-घर IEC गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आमजन, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरे का उचित निस्तारण करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के तहत जिले में अब तक 18,479 लोगों द्वारा प्लास्टिक मुक्ति का संकल्प लिया जा चुका है। इनमें आमेट में 5,275, भीम में 2,363, देलवाड़ा में 1,463, देवगढ़ में 2,530, खमनोर में 2,460, कुम्भलगढ़ में 2,250, रेलमगरा में 638 तथा राजसमंद में 1,500 लोगों ने संकल्प लिया है।कबाड़ से जुगाड़, कचरे से कमाल- प्लास्टिक मुक्त अभियान से बदल रहा राजसमंद”
जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बृजमोहन बैरवा के निर्देशन में स्वच्छता नवाचार और जनभागीदारी को मिल रही नई पहचान
राजसमंद। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनान्तर्गत 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक जिले में प्लास्टिक कचरा मुक्त राजसमंद अभियान चलाया जा रहा है। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद राजसमंद श्री बृजमोहन बैरवा के निर्देशन में अभियान को व्यापक जनभागीदारी से आगे बढ़ाते हुए गांवों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अभियान के प्रारंभिक चरण में प्रत्येक ब्लॉक की तीन-तीन ग्राम पंचायतों में “वेस्ट टू आर्ट” गतिविधियों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। पुराने टायर, कनस्तर, लकड़ी के ठूंठ, अनुपयोगी लोहे एवं अन्य कबाड़ सामग्री, प्लास्टिक बोतलों आदि का रचनात्मक उपयोग कर आकर्षक कलाकृतियां, सजावटी मॉडल एवं Sanitation Park विकसित किए जा रहे हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि कचरा केवल फेंकने की वस्तु नहीं, बल्कि रचनात्मक सोच के साथ उपयोगी संसाधन भी बन सकता है। स्वच्छता पार्कों में महात्मा गांधी के चित्र/प्रतिमा, स्वच्छता संदेश, प्लास्टिक मुक्त ग्राम, कचरा पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान ग्राम स्वच्छता दल की बैठकें, विद्यालय रैलियां, पोस्टर, स्लोगन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, बाजार जागरूकता तथा घर-घर IEC गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आमजन, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरे का उचित निस्तारण करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के तहत जिले में अब तक 18,479 लोगों द्वारा प्लास्टिक मुक्ति का संकल्प लिया जा चुका है। इनमें आमेट में 5,275, भीम में 2,363, देलवाड़ा में 1,463, देवगढ़ में 2,530, खमनोर में 2,460, कुम्भलगढ़ में 2,250, रेलमगरा में 638 तथा राजसमंद में 1,500 लोगों ने संकल्प लिया है।अभियान के दौरान ग्राम स्वच्छता दल की बैठकें, विद्यालय रैलियां, पोस्टर, स्लोगन एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, बाजार जागरूकता तथा घर-घर IEC गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। आमजन, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरे का उचित निस्तारण करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के तहत जिले में अब तक 18,479 लोगों द्वारा प्लास्टिक मुक्ति का संकल्प लिया जा चुका है। इनमें आमेट में 5,275, भीम में 2,363, देलवाड़ा में 1,463, देवगढ़ में 2,530, खमनोर में 2,460, कुम्भलगढ़ में 2,250, रेलमगरा में 638 तथा राजसमंद में 1,500 लोगों ने संकल्प लिया है।