🌟 मिसाल बनीं गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद, राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान
गोपालगंज: जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने अपने नवाचारी शैक्षणिक प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता से शिक्षा जगत में नई मिसाल कायम की है। उनके उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और उन्हें राष्ट्रपति महोदया के हाथों सम्मानित किया जाएगा।
गंडक नदी के तटवर्ती और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थित विद्यालय में कम नामांकन, अनियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट और अभिभावकों की सीमित सहभागिता जैसी चुनौतियां थीं। इन परिस्थितियों के बीच शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने शिक्षा को सिर्फ कक्षा तक सीमित न रखते हुए बच्चों, अभिभावकों और समुदाय को जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया।
📚 नवाचार से आसान हुई पढ़ाई
पुष्पा प्रसाद ने बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN) को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। अक्षर एवं ध्वनि पहचान, पठन, गणितीय संक्रियाओं, तार्किक सोच और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं को विकसित करने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाया।
स्थानीय और कम लागत वाली सामग्री से TLM तैयार कर Flash Cards, Role Play, Puppetry जैसी गतिविधियों का इस्तेमाल किया गया। वहीं Virtual Reality आधारित 3D वीडियो के जरिए जटिल विषयों को बच्चों के लिए दृश्य और अनुभवात्मक बनाने का प्रयास किया गया।
विद्यालय परिसर के पेड़ों पर QR Code आधारित लर्निंग सिस्टम भी उनकी नवाचारी सोच का उदाहरण है।
👨👩👧👦 अभिभावकों और समुदाय को जोड़ा
विद्यालय की गतिविधियों के फोटो और वीडियो अभिभावकों के WhatsApp समूह में साझा कर उन्हें बच्चों की पढ़ाई से जोड़ा गया। इसके साथ मासिक अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, अभिभावक साक्षरता अभियान और शत-प्रतिशत नामांकन अभियान चलाए गए।
स्वच्छता, नशा मुक्ति और बाल विवाह निषेध जैसे सामाजिक अभियानों के जरिए विद्यालय को समुदाय से जोड़ने का प्रयास भी किया गया।
👧 बालिकाओं के स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर जोर
बालिका शिक्षा और सशक्तीकरण को भी शिक्षिका ने प्राथमिकता दी। मासिक स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम और Pad Bank की स्थापना जैसी पहल के माध्यम से छात्राओं में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मविश्वास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
♿ समावेशी शिक्षा पर विशेष ध्यान
पुष्पा प्रसाद ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया। ऐसे बच्चों के लिए Braille लिपि में TLM तैयार किया गया। बच्चों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय में ‘उत्साह बोर्ड’ बनाया गया, जिस पर अब तक 50 से अधिक बच्चों को स्थान मिलने की जानकारी है।
🏆 पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
पुष्पा प्रसाद के शैक्षिक योगदान को इससे पहले भी राज्य और जिला स्तर पर पहचान मिल चुकी है। उन्हें राजकीय शिक्षक सम्मान-2024, Teacher of the Month, निपुण शिक्षक सम्मान समेत विभिन्न स्तरों पर सम्मान एवं प्रशस्ति-पत्र मिल चुके हैं।
बिहार दिवस 2026 के ‘अप्पन बिहार, निपुण बिहार’ स्टॉल में बेहतर प्रदर्शन के लिए भी उन्हें प्रशस्ति-पत्र मिला। राज्य स्तरीय निपुण TLM मेला 2.0 और 3.0 में उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में नवाचार के लिए भी उन्हें आमंत्रित किया जा चुका है।
🌟 शिक्षकों के लिए बनीं प्रेरणा
जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने शिक्षिका पुष्पा प्रसाद के नवाचारी शैक्षणिक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
पुष्पा प्रसाद की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद संवेदनशीलता, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ काम करने वाला शिक्षक विद्यालय के माहौल के साथ-साथ पूरे समुदाय में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उनका प्रयास साबित करता है कि विद्यालय सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का केंद्र भी बन सकता है।
Rahui, Nalanda | Aug 24, 2026