पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन
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उदयपुर, 12 सितंबर। पशुचिकित्सा महाविद्यालय नवानिया द्वारा आयोजित पशुचिकित्सा एवं पशुधन क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के समाधान तथा पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं पशुपालक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से आयोजित पशुचिकित्सा प्रसार सोसायटी के 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन समारोह आरसीए सभागार में हुआ। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से कुल 200 वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा एवं सेवाओं के पुनर्विन्यास, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा पशुपालकों तक तकनीकी जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यापक मंथन किया।
समापन समारोह में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. एस.के. शर्मा मुख्य अतिथि रहे। राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पशुचिकित्सा महाविद्यालय, नवानिया के अधिष्ठाता एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने की।
प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में प्राकृतिक एवं जैविक पशुपालन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पशुधन क्षेत्र के सतत विकास के लिए तकनीकों एवं नवीन ज्ञान को प्रभावी ढंग से पशुपालकों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन समाज, पशुपालकों, विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच रहा। मुख्य अतिथि डॉ. एस.के. शर्मा ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, पुरस्कार विजेताओं, आयोजन समिति एवं पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा का पुनर्विन्यास एवं पुनः अभिमुखीकरण आवश्यक है। प्रसार सेवाओं को नवीनतम तकनीकों से जोड़कर वैज्ञानिक एवं उपयोगी जानकारी का अधिकतम लाभ पशुपालकों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डिजिटल तकनीक, रिमोट सेंसिंग, आरएफआईडी तथा ‘वन हेल्थ’ जैसी आधुनिक अवधारणाओं एवं तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक तकनीकों के विवेकपूर्ण एवं आवश्यकता-आधारित उपयोग पर भी बल दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. लोकेश गुप्ता ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजन सचिव एवं पूरी आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने कृषि एवं पशुचिकित्सा क्षेत्र के समन्वित प्रयासों से देश के विकास को गति देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पशुधन एवं पशुपालकों की सुरक्षा, उत्पादकता एवं समृद्धि सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. एन.के. सुदीप कुमार ने पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभावी प्रसार शिक्षा के माध्यम से पशुपालकों के ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि की जा सकती है, जिससे पशुधन उत्पादन, पशु स्वास्थ्य एवं पशुपालकों की आजीविका में निरंतर सुधार संभव है। उन्होंने प्रसार शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशेषज्ञों एवं शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए पूरी आयोजन टीम को बधाई दी।
सम्मेलन के दौरान पशुचिकित्सा प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. पीताम्बर स्वामी एवं डॉ. के. नच्चीमुत्तु को नेशनल फेलो अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वहीं नेशनल एक्सटेंशन क्विज चौंपियन अवॉर्ड के लिए शमाचर हेत दिलीपभाई, महिमा, काश्यप स्मित रामवीर, अभिनय दहिया एवं दराडे कार्तिक ज्ञानेश्वर को सम्मानित किया गया। सम्मेलन के दौरान आयोजित पांच तकनीकी सत्रों में मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। मौखिक प्रस्तुति के प्रथम सत्र में डॉ. रजनी प्रिया को छात्र वर्ग में प्रथम एवं डॉ ए वी जेनेसिस को संकाय वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। द्वितीय सत्र में डॉ. तमल चंद्र धारा को संकाय वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ तृतीय सत्र में डॉ. रचना गौतम को संकाय वर्ग में प्रथम तथा डॉ. संजय रेवानी को संकाय वर्ग में द्वितीय स्थान एवं डॉ. मुहम्मद सैफुद्दीन को छात्र वर्ग में प्रथम एवं डॉ. सैमप्रीता को द्वितीय स्थान मिला। चतुर्थ सत्र में डॉ. अंकित महापात्रा को प्रथम, डॉ. अनिका मलिक को संकाय वर्ग में द्वितीय तथा डॉ. मस्तानबी शेख को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। पंचम सत्र में डॉ. राजलक्ष्मी को संकाय वर्ग में प्रथम तथा डॉ. सनवीर खातून को द्वितीय स्थान मिला। पोस्टर प्रस्तुति के प्रथम सत्र में डॉ. ममता कुमारी को संकाय वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ तथा डॉ. पृथ्वीराज को भी सम्मानित किया गया। द्वितीय सत्र में डॉ. वर्षा तृतीय सत्र में डॉ. पी.एन. चौधरी तथा चतुर्थ सत्र में अभिषेक मीणा एवं प्रियंका कुमारी को उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया। विभिन्न विशिष्ट पुरस्कारों में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड डॉ. अजय कुमार चतुर्वेदान, वूमेन एक्सटेंशन साइंटिस्ट अवॉर्ड डॉ. पी.आर. निशा, बेस्ट एक्सटेंशन साइंटिस्ट अवॉर्ड डॉ. प्रकाश कुमार राठौड़, बेस्ट पीएच.डी. थीसिस अवॉर्ड डॉ. सलेम प्रबेक कुमार सिंह तथा बेस्ट एम.वी.एससी. थीसिस अवॉर्ड डॉ. सौरभ शर्मा को प्रदान किया गया।
Girwa, Udaipur | Sep 12, 2026