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शनिवार से आयोजित होगा दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह "मल्हार"
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उदयपुर, 7 अगस्त। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा 8 एवं 9 अगस्त को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह "मल्हार" का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन सायं 7 बजे आरंभ होने वाले इस समारोह में देश के प्रतिष्ठित कलाकार हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, तबला वादन, सितार वादन तथा मोहिनीअट्टम की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देंगे।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि समारोह में भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की विविध विधाओं के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे संगीत एवं नृत्य प्रेमियों को उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का रसास्वादन करने का अवसर मिलेगा।

समारोह के प्रथम दिवस 8 अगस्त को प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका गौरी पाठारे का शास्त्रीय गायन होगा। रागदारी, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सुरों की मधुरता से सजी उनकी प्रस्तुति संगीत प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। इसके उपरांत सुप्रसिद्ध तबला वादिका हेतल मेहता का एकल तबला वादन होगा। अपनी सशक्त लयकारी, नाद-सौंदर्य और ताल की विविध छटाओं से वे तबला वादन की समृद्ध परंपरा को साकार करेंगी।

समारोह के दूसरे दिन 9 अगस्त को सुप्रसिद्ध सितार वादक विनायक चित्तर का सितार वादन होगा। रागों की मधुर अभिव्यक्ति, कल्पनाशील आलाप, आकर्षक जोड़-झाला और प्रभावशाली गतकारी से सजी उनकी प्रस्तुति श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरमयी दुनिया से रूबरू कराएगी। इसके उपरांत अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मोहिनीअट्टम नृत्यांगना पल्लवी कृष्णन की मोहिनीअट्टम प्रस्तुति होगी। भाव, लय, सौंदर्य और लास्य से परिपूर्ण उनकी प्रस्तुति भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा एवं सांस्कृतिक समृद्धि का अनुपम दर्शन कराएगी।

समारोह में दोनों दिन प्रवेश निःशुल्क रहेगा I
ब्रिक्स सम्मेलन के सदस्य देशों का प्रतिनिधि मंडल पहुँचा लेकसिटी
एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
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उदयपुर, 7 अगस्त। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के तत्वावधान में शनिवार को शहर के ताज फतेह प्रकाश पैलेस में आयोजित होने वाले ब्रिक्स देशों के हेड्स एंड सीनियर ऑफिशियल्स ऑफ कॉम्पिटिशन अथॉरिटीज सम्मेलन में भाग लेने के लिए विभिन्न सदस्य देशों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को लेकसिटी पहुँचा।
डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक राजस्थानी शैली में आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना सहित विभिन्न अधिकारियों ने विदेशी मेहमानों का अभिनंदन करते हुए उनका उदयपुर आगमन पर स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल में इंडोनेशिया, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका, रूस सहित विभिन्न ब्रिक्स सदस्य एवं सहभागी देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हैं। सम्मेलन के दौरान प्रतिस्पर्धा कानून, निष्पक्ष बाजार व्यवस्था, वैश्विक सहयोग तथा समकालीन आर्थिक चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
हंकार से नहीं, भक्ति और विवेक से जीते जा सकते हैं मन 
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उदयपुर, 7 अगस्त। नारायण सेवा संस्थान में सावन मास के अवसर पर आयोजित शिव कथा में भगवान शिव की भक्ति, समर्पण और अहंकार से मुक्ति का संदेश दिया गया। कथा में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने महादेव के अनन्य भक्त रावण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रावण ने शिव की कठोर आराधना से अपार ऐश्वर्य और कीर्ति अर्जित की, लेकिन उसके भीतर का अहंकार अंततः उसके पतन का कारण बना।

अग्रवाल ने कहा कि एक बार रावण भगवान शिव की भक्ति के लिए कैलाश पर्वत पहुंचा। वहां नंदी ने उसे रोक दिया। रावण अहंकारवश क्रोधित हो उठा। उस समय भगवान शिव समाधि में लीन थे। अपनी शक्ति और सामर्थ्य के मद में रावण ने कैलाश पर्वत को उठाकर लंका ले जाने का प्रयास किया। उसके प्रयास से कैलाश डोलने लगा तो माता पार्वती चिंतित हुईं। तब भगवान शिव ने रावण के अहंकार को शांत करने के लिए अपने पैर का अंगूठा कैलाश पर रखा, जिससे रावण पर्वत के नीचे दब गया।

अग्रवाल ने कहा कि संकट की उस घड़ी में रावण को अपनी भूल का एहसास हुआ। उसे समझ आया कि भगवान शिव को शक्ति के बल पर नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और प्रेम से प्रसन्न किया जा सकता है। इसके बाद उसने भगवान शिव की स्तुति में शिव तांडव स्तोत्र की रचना की। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उसे मुक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह प्रसंग आज के जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देता है। किसी व्यक्ति को अहंकार, दबाव या शक्ति के बल पर नहीं जीता जा सकता। विवेक, प्रेम, विश्वास और विनम्रता ही दिलों को जीतने का मार्ग हैं। शक्ति का प्रदर्शन संबंधों में दूरी पैदा करता है, जबकि प्रेम और विश्वास व्यक्ति को अपनेपन से जोड़ते हैं।

कथा के दौरान बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजनों ने शिव भक्ति और कथा का श्रवण किया। वातावरण शिवमय हो उठा और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का आनंद लिया।
विशेष जांच अभियान में 29 हजार 500 रुपये का जुर्माना, चार प्रतिष्ठानों में मिली अनियमितताएं

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उदयपुर, 6 अगस्त। उपभोक्ता हितों के संरक्षण एवं सही मात्रा में वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग के विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 एवं विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 के तहत कार्रवाई की गई।

निरीक्षण के दौरान कलडवास स्थित सागर फूड प्रोडक्ट, तथा खेमपुरा स्थित अमन फूड प्रोडक्ट में पैकेजिंग कार्य में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक कांटे असत्यापित पाए गए। वहीं मादड़ी स्थित सुमन फूड प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल एरिया में पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिला, जबकि कलडवास स्थित चमक इंडस्ट्रीज में आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं पाया गया। अनियमितताओं के चलते संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मौके पर ही कुल 29 हजार 500 का जुर्माना लगाया गया।

अभियान के दौरान टीलूराम एंड संस एवं गुरुदेव भुजिया उद्योग का भी निरीक्षण किया गया, जहां सभी व्यवस्थाएं नियमानुसार सही पाई गईं। उक्त कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिकारियों राकेश माहेश्वरी, निलेश खांट एवं सुरेश बिश्नोई द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
आबकारी आयुक्त के निर्देशन में
अवैध मदिरा पर कार्रवाई - वाॅश नष्ट, अवैध मदिरा जब्त
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उदयपुर, 7 अगस्त। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए जारी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, गश्त, रेड की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध मदिरा जब्त करते हुए हजारों लीटर वाॅश नष्ट कर अभियोग दर्ज किए।  

जिलों में अवैध मदिरा कार्रवाई
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अन्य राज्य की शराब की तस्करी, अवैध मदिरा के परिवहन व विक्रय पर आबकारी निरोधक टीमों द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। जयपुर शहर दक्षिण आबकारी टीम ने आरपीएफ के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर टेªन से आईएमएफएल, बीआईओ एवं पव्वे सहित कुल 47 बोतल अवैध मदिरा फोर सेल इन हरियाणा जब्त करते हुए अभियुक्त आदित्य गुप्ता निवासी गांधीनगर गुजरात को गिरफ्तार किया। बांसवाड़ा में ईपीएफ टीम ने दबिश की कार्रवाई करते हुए 2 हजार लीटर उत्तेजित वाॅश सहित 3 भट्टियां नष्ट की। मौके से 55 बोतल अवैध महुवा शराब भी जब्त की गई। बूंदी जिले के आबकारी थाना क्षेत्र नैनवा, हिंडौली की कंजर बस्ती शंकरपुरा मंे संयुक्त दबिश कार्रवाई में एक हजार लीटर वाॅश सहित एक मदिरा भट्टी नष्ट करते हुए 10 बोतल अवैध हथकड़ शराब जब्त की गई। इसी प्रकार प्रदेश के समस्त जिलों में भी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, दबिश व सघन गश्त की जा रही है। प्रदेश में समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।
धर्म से ही आत्मा तीर्थंकर पद की अधिकारी बनती है : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर
- आयड़ जैन तीर्थ में 42 दिवसीय सम्मेत शिखर महातीर्थ तप आराधना के दूसरे दिन ज्ञान पूजा एवं धर्मसभा का आयोजन
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उदयपुर, 7 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचलमुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है।

महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि गुरुवार को 42 दिवसीय सम्मेत शिखर महातीर्थ तप आराधना के दूसरे दिन विविध धार्मिक आयोजन हुए। आत्मवल्लभ सभागार में प्रात: 7 बजे संतों के सान्निध्य में ज्ञान भक्ति, ज्ञान पूजा तथा अष्टप्रकारी पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान सभी श्रावक-श्राविकाओं ने जैन आगम एवं धर्मग्रंथों की पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने श्रावक जीवन के 36 कर्तव्यों में 18वें कर्तव्य ‘जयणा (यतना)’ का महत्व बताते हुए कहा कि जीन रक्षा के उद्देश्य से प्रत्येक कार्य सावधानीपूर्वक करना ही यतना है। साधु जीवन पूर्ण त्यागमय होता है, जबकि गृहस्थ जीवन में कुछ पाप प्रवृत्तियां अनिवार्य हो सकती हैं। ऐसे में श्रावक का प्रयास होना चाहिए कि वह हिंसा एवं पाप प्रवृत्ति को न्यूनतम रखे तथा प्रत्येक कर्म करते समय उसके प्रति जागरूक और सावधान रहे।

आचार्यश्री ने कहा कि समस्त जीवों के कल्याण की पवित्र भावना ही तीर्थंकरत्व का आधार है। जिस प्रकार माता पुत्र को जन्म देती है, उसी प्रकार जब आत्मा में समस्त जीवों के कल्याण की भावना जागृत होती है, तब वह तीर्थंकर नाम कर्म का उपार्जन करती है और उसके उदय से तीर्थंकर पद प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि सर्व जीवों के कल्याण की भावना ही आत्मा को तीर्थंकर बनने का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने आगे कहा कि साधु की माता पाँच समितियां एवं तीन गुप्तियाँ रूपी अष्ट प्रवचन माता है, जबकि श्रावक की माता जयणा है। गृहस्थ को अपने जीवन-निर्वाह के दौरान भी यथासंभव हिंसा से बचने तथा धर्मपालन में सदैव सजग रहने का प्रयास करना चाहिए। जहाँ जयणा होती है, वहाँ मन के परिणाम कठोर नहीं होते और धर्म का पालन सहज रूप से संभव होता है।

इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेन्द्र जवेरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जवेरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भण्डारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं।
-आयड़ जैन तीर्थ में 42 दिवसीय सम्मेत शिखर महातीर्थ तप आराधना का शुभारंभ
- दशवैकालिक आगम साधु जीवन का आधार, चौदह पूर्व का सार है : आचार्य मुक्तिसागर
-  ज्ञान भक्ति एवं आगम पूजा के साथ श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ
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उदयपुर, 6 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचल मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है।
महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि गुरुवार से 42 दिवसीय सम्मेत शिखर महातीर्थ तप आराधना का शुभारंभ हुआ। आत्म वल्लभ सभागार में प्रातः: 7 बजे संतों के सानिध्य में ज्ञान भक्ति, ज्ञान पूजा एवं अष्टप्रकारी पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। इस दौरान सभी श्रावक-श्राविकाओं ने जैन आगम ग्रंथों की विधिवत पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि प्राचीन काल में जैन धर्म में चौदह पूर्वों का ज्ञान विद्यमान था, किंतु वर्तमान में केवल 45 आगम ही उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ शेष 44 आगम विलुप्त हो जाएंगे, लेकिन दशवैकालिक आगम का अस्तित्व बना रहेगा। यह ग्रंथ साधु जीवन के आचार, विचार, अनुशासन और संयम का मूल आधार है। आचार्यश्री ने कहा कि दशवैकालिक आगम चौदह पूर्वों का सार है। उन्होंने इसकी महत्ता समझाते हुए कहा कि जैसे हजारों फूलों से थोड़ी-सी इत्र, अनेक क्विंटल गन्ने के रस से थोड़ी-सी शक्कर और बहुत अधिक दूध से थोड़ा-सा घी बनता है, वैसे ही दशवैकालिक समस्त आगम ज्ञान का सार है। सार होने के कारण उसमें ज्ञान की गहनता और महत्ता अधिक होती है। उन्होंने बताया कि दशवैकालिक सूत्र के प्रथम चार अध्यायों का अर्थ सहित अध्ययन किए बिना बड़ी दीक्षा नहीं दी जाती। पांचवें अध्याय का अध्ययन किए बिना साधु-साध्वियां गोचरी के लिए नहीं जा सकते, जबकि सातवें अध्याय के अर्थ एवं अभ्यास के बाद ही उन्हें प्रवचन देने का अधिकार प्राप्त होता है। सातवें अध्याय में क्या बोलना, कैसे बोलना, कब बोलना और कितना बोलना—इन सभी बातों का विस्तृत मार्गदर्शन मिलता है। इसलिए साधु जीवन में दशवैकालिक का अध्ययन अत्यंत आवश्यक और अनिवार्य माना गया है।

इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेन्द्र जवेरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जवेरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने धर्मसभा में उपस्थित होकर तप आराधना एवं आगम पूजा का लाभ प्राप्त किया।
माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े की डबोक एयरपोर्ट पर अगवानी, बांसवाड़ा के लिए हुए रवाना
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उदयपुर, 6 अगस्त। माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े गुरुवार सांय डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुँचे। एयरपोर्ट आगमन पर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन तथा पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र के प्रतिनिधि पवन अमरावत ने माननीय राज्यपाल की अगवानी की। इस अवसर पर पुलिस के जवानों ने माननीय राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। तत्पश्चात माननीय राज्यपाल श्री बागड़े निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सड़क मार्ग से बांसवाड़ा के लिए प्रस्थान कर गए।
लक्ष्य की पूर्णता सुनिश्चित करें
प्रमुख शासन सचिव वित्त ने समीक्षा वीसी में दिए निर्देश
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उदयपुर, 6 अगस्त। प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने वित्त भवन जयपुर के सभागार से आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक विडियों काॅन्फ्रेंस के माध्यम से लेते हुए आवश्यक निर्देश प्रदान किए। इस मौके पर आबकारी आयुक्त नमित मेहता, वित्त सचिव (राजस्व) कुमारपाल गौतम, संयुक्त सचिव आबकारी वरूण मिश्रा भी साथ में मौजूद रहे।  
प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया ने वीसी को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व अर्जन को प्राथमिकता देते हुए समस्त विभागीय लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण किए जाने चाहिए। विभागीय लक्ष्य की पूर्ति हेतु कार्ययोजना बनाकर नियमित समीक्षा करेंगे तो अपेक्षा के अनुरूप परिणाम प्राप्त किए जा सकते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मदिरा दुकानों का बंदोबस्त पूर्ण होना चाहिए यदि किसी दुकान का बंदोबस्त नही हो पाता है तो आंकलन कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। मदिरा दुकानों के बंदोबस्त के संबंध में सिरोही, जैसलमेर एवं जयपुर सिटी के आबकारी अधिकारियों से जानकारी ली गई। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में 11 कलस्टर के तहत 14 दुकानें शेष है जिनका आगामी 7 अगस्त की नीलामी प्रक्रिया के तहत बंदोबस्त सुनिश्चित करवाया जाएगा।
वीसी में राजस्व लक्ष्य की समीक्षा के तहत आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में गत वर्ष अप्रेल से जुलाई की तुलना में इस वर्ष राजस्व में स्टेट ग्रोथ 8 प्रतिशत रही है जिन जिलों की ग्रोथ अपेक्षा के अनुरूप नही है वहां समीक्षा कर अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निर्देशित किया गया है। इस पर श्री गालरिया ने कम ग्रोथ से संबंधित जिलों करौली, डूंगरपुर, बारां, भीलवाड़ा, बाड़मेर के अधिकारियों को शाॅर्टफाॅल की समीक्षा कर वांछित लक्ष्य प्राप्ति के निर्देष दिए साथ ही उन्होंने कहा कि इन जिलों में निरोधात्मक कार्रवाई की ठोस व प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए जिसका परिणाम राजस्व ग्रोथ के रूप में नजर आना चाहिए। वीसी में स्टेट ग्रोथ 8 प्रतिशत की तुलना में पिछड़ रहे जिलों की समीक्षा कर शाॅर्टफाॅल पूर्ण कर स्टेट ग्रोथ के अनुरूप वृद्धि के लिए निर्देशित किया गया।

प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री गालरिया ने कहा कि प्रदेश में 2200 करोड़ रूपए की बाकियात है जिसकी वसूली के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। बकाया वसूली के लिए प्रत्येक जिले में नियमानुसार सम्पत्ति अटैच व कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने बताया कि प्रदेश में 52.64 करोड़ रूपए की बाकियात वसूली गई है साथ जिलों में 112.20 करोड़ मूल्य की सम्पत्ति अटैच की गई है। बकाया वसूली के संबंध में समस्त आबकारी अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश है।

वीसी में श्री गालरिया ने समस्त जिलों में निरोधात्मक गतिविधियों के संख्या में वृद्धि के साथ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि जब्ती की बड़ी कार्रवाई करें साथ ही मुखबिर तंत्र की सहायता से अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु सजग होकर कार्य करें। अवैध शराब के प्रकरणों की तह तक जाकर इससे संबंधित लोगों पर कार्रवाई करेंगे तो इसका प्रभाव संबंधित क्षेत्रों में राजस्व वृद्धि के रूप में दृष्टिगत होगा। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने जब्त वाहनों पर जुर्माना एवं नीलामी के संबंध में जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि सभी जिले राजस्व अर्जन पर फोकस रखते हुए कार्य करेंगे। जिलों में डीईओ एवं ईपीएफ के अधिकारी शॉर्टफॉल से संबंधित क्षेत्रों की समीक्षा कर समन्वय से वांछित लक्ष्य प्राप्त करेंगे।

वीसी में उदयपुर से अतिरिक्त आबकारी आयुक्त पाॅलिसी प्रदीप सिंह सांगावत, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार शर्मा, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, विŸिाय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत मौजूद रहे। इसी क्रम में प्रदेश से समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी संबंधित क्षेत्र के जिला स्तरीय वीसी कक्ष के माध्यम से उपस्थित रहे।
-स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर में गूंजेगी काकोरी क्रांति गाथा 

-प्रताप गौरव केन्द्र और सभ्यता अध्ययन केन्द्र का संयुक्त आयोजन 

-10 दिवसीय दिवेर विजय महोत्सव का भी होगा पोस्टर विमोचन 

उदयपुर, 6 अगस्त। भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए 9 अगस्त 1925 को हुई काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर में काकोरी क्रांति गाथा नाट्य का मंचन किया जाएगा। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ और सभ्यता अध्ययन केन्द्र नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह मंचन 14 अगस्त शाम 5 बजे रवीन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के नवीन सभागार में होगा। 

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि काकोरी क्रांति ने अंग्रेज सरकार को हिलाकर रख दिया था। यही वजह रही कि अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह जैसे भारतमाता के वीर सपूत क्रांतिकारियों में से पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दे दी गई जिसे इन वीर सपूतों ने हंसते-हंसते गले लगाया। काकोरी क्रांति ने देश भर में युवा क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया और स्वाधीनता आंदोलन को गति मिली। इसी क्रांति गाथा की स्मृतियों को नई पीढ़ी में संचरित करने के लिए 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह नाट्य मंचन किया जा रहा है। 

सभ्यता अध्ययन केन्द्र राजस्थान चैप्टर के संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि इस आयोजन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, रवीन्द्रनाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय भी सहयोगी हैं। विभिन्न महाविद्यालयों व विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी इसमें आमंत्रित किया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा मुख्य अतिथि होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक अश्विन दलवी होंगे। अध्यक्षता आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन करेंगे। 

प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि इसी कार्यक्रम के साथ ही 16 सितम्बर से 26 सितम्बर तक होने वाले दिवेर विजय महोत्सव के पोस्टर का विमोचन भी किया जाएगा। इस वर्ष दिवेर विजय महोत्सव के तहत पुरालिपि, लघु फिल्म निर्माण कार्यशाला, मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक, विभिन्न विषयों पर संवाद सत्र सहित चित्रकला, निबंध, भाषण, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर, रील मेकिंग, फोटोग्राफी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 

तीन दिन रहेगी शुल्क में छूट 
सक्सेना ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में दर्शनार्थियों के लिए 14-15-16 अगस्त को शुल्क में छूट रहेगी। दर्शनार्थी तीनों दिन 50 रुपए शुल्क में ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के दर्शन कर सकेंगे।
-अवैध रूप से संचालित और अनधिकृत बदलाव करने वाली स्लीपर/लक्जरी बसों के कार्रवाई
 -3 लक्जरी स्लीपर बसें सीज, 5 बसों पर 75000 का जुर्माना लगाया

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उदयपुर, 5 अगस्त। सदस्य सचिव राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में जिला एवं सेशन न्यायाधीश (अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशों के क्रम में सुरक्षित परिवहन के नागरिकों के अधिकार की रक्षा करने और वैधानिक प्रावधानों व सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया गया।

अभियान के तहत जिला न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशानुसार गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र मे बालीचा चैराहे पर एक संयुक्त औचक निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं परिवहन विभाग द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से संचालित लग्जरी स्लीपर बसों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से संचालित होने वाली और बसों की बनावट में अनधिकृत संरचनात्मक संशोधन करने वाली बसों के खिलाफ यह सख्त कदम उठाते हुए निरीक्षण अभियान के तहत 10 बसों की जांच की गई तथा 5 बसों के खिलाफ विभिन्न नियमों के उल्लंघन के तहत चालान बनाए गए। नियमों की अवहेलना करने वाले संचालकों पर लगभग 75000 का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा गंभीर अनियमितताएं और अनधिकृत बदलाव पाए जाने पर 3 बसों को मौके पर ही सीज किया गया।

अभियान के दौरान अपर जिला न्यायाधीश, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राहुल चैधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार जोशी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड सहित प्रशासन, न्यायपालिका और पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
लक्ष्य के प्रति सजग रहे - नमित मेहता
आबकारी आयुक्त ने विभागीय समीक्षा वीसी में अधिकारियों को दिए निर्देश
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उदयपुर, 5 अगस्त। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि राज्य सरकार की अपेक्षा के अनुरूप समस्त विभागीय लक्ष्य समयबद्ध सीमा में पूर्ण करने के लिए सजग होकर पूर्ण किए जाने चाहिए। यदि नियमित समीक्षा कर कार्ययोजना के अनुसार प्रगति करेंगे तो शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि राजकीय कार्य के कोताही स्वीकार्य है वांछित लक्ष्य के प्रति असंवेदनषील के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। आबकारी आयुक्त विडियों काॅफ्रेंस के माध्यम से विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय समीक्षा वीसी में प्रदेश के समस्त जिलों में राजस्व, बंदोबस्त, बकाया वसूली, निरोधात्मक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए।  

बंदोबस्त  पूर्ण करें
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेष में 11 कलस्टर में बंदोबस्त से शेष रही 14 मदिरा दुकानों से संबंधित जिलों क्रमषः बारां, बीकानेर, जयपुर शहर, जैसलमेर, कोटा, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर एवं सिरोही जिले के अधिकारियों को निर्देशित किया की आगामी 7 अगस्त को होनी वाली नीलामी प्रक्रिया में शेष दुकानों का बंदोबस्त सुनिश्चित करें। दुकानों की शत-प्रतिशत नीलामी से संबंधित जिलों को राजस्व लक्ष्य की पूर्ति में सहायता मिलेगी।

राजस्व प्राथमिकता
आबकारी आयुक्त ने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिकता है इसमें कोताही होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। वीसी में जुलाई माह में राजस्व अर्जन में अपेक्षा के अनुरूप वृद्धि नही कर पाने वाले जिलों क्रमषः धौलपुर, टोंक, झालावाड़, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, दौसा, प्रतापगढ़, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, बांसवाड़ा, करौली एवं पाली को लक्ष्य के अनुरूप योजना बनाकर कार्य हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में मदिरा उठाव के संबंध में भी विस्तृत चर्चा करते हुए कम उठाव से संबंधित जिलों में निरोधात्मक गतिविधियों में वृद्धि के साथ प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।

बकाया वसूली पर फोकस करें
वीसी में आबकारी आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार बकाया वसूली के संबंध में गंभीर है जिसके अनुरूप समस्त जिलों में बकाया वसूली के लक्ष्य पूर्ण किए जाने चाहिए। जिन जिलों में लक्ष्य के अनुरूप कार्य नही होगा वहां संबंधित डीईओ, सीआई एवं पीओ की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बकाया वसूली के लिए नियमानुसार सम्पत्ति अटैच व कुर्की के संबंध में विभिन्न जिलों के प्रगति रिपोर्ट लेते हुए निर्देश प्रदान किए।

 अवैध मदिरा पर प्रभावी व ठोस कार्रवाई आवष्यक
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेष में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए निरोधात्मक कार्रवाई मे वृद्धि के साथ ठोस एवं बडी कार्यवाहियों के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि निरोधात्मक कार्रवाई में वृद्धि के लिए मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करते हुए प्रदेष में अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई सुनिष्चित करें।

वीसी में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त नीति पॉलिसी प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य व प्रगति के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन प्रभा गौतम, वित्तिय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त ईपीएफ प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित प्रदेश के समस्त जोन के अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, प्रहराधिकारी मौजूद रहे।
रिश्ते दिलों से निभाए जाते है.
*अहमदाबाद में आयोजित GTF के समापन समारोह में राजस्थान ट्रैवल ट्रेड फेयर (RTTF) उदयपुर में सहयोग हेतु होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान, होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान उदयपुर डिवीजन एवं यूनाइटेड होटेलियर्स को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक, पर्यटन सुमिता सरोच, सुभाष सिंह राणावत, जनार्दन सिंह, राकेश चौधरी, यू. बी. श्रीवास्तव, उज्ज्वल मेनारिया, अंबालाल साहू एवं आयोजक कमल शाह उपस्थित रहे।*
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आखिर कौन?’ नाटक की प्रस्तुति के साथ 15 दिवसीय अभिनय कार्यशाला का समापन
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उदयपुर, 5 अगस्त। पैलदूज आर्ट सोसायटी एवं मौलिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा आयोजित 15 दिवसीय अभिनय कार्यशाला का समापन सूचना केंद्र (जनसंपर्क कार्यालय) सभागार में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘आखिर कौन’ के मंचन के साथ हुआ। कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अभिनय कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

वर्कशॉप फैसिलिटेटर शुभम् आमेटा एवं जतिन भारवानी ने बताया कि कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को रंगमंच एवं कैमरा अभिनय के विभिन्न मूलभूत आयामों का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें रंगमंच एवं कैमरा अभिनय का परिचय, स्वर एवं वाक् शक्ति, शारीरिक अभिव्यक्ति, पाठ की समझ, भारतीय एवं पाश्चात्य अभिनय सिद्धांत, दृश्य निर्माण तथा कैमरे के समक्ष अभिनय जैसे विषयों पर विस्तार से अभ्यास कराया गया। कार्यशाला के अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने डिवाइस थिएटर विधि द्वारा आखिर कौन? नामक नाटक तैयार किया, जिसकी सफल प्रस्तुति सूचना केंद्र सभागार में दी गई।

नाटक में प्रियांशु सिंह राव, रूपाली मोटवानी, यश कुमावत, नवीन चैबीसा, प्रद्युम्न चैहान, अक्षी पोरवाल, दक्ष शाह, शुभम शर्मा, सागर मोटवानी एवं दिव्यांश आमेटा ने अपनी सशक्त अभिनय प्रस्तुति दी।

कार्यशाला का दस्तावेजीकरण जयेश सिंधी ने किया है। नाटक की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी का कार्य मानस जैन एवं जुजार नाथद्वारा ने किया, जबकि मंच के पीछे की समस्त व्यवस्थाओं का सफल संचालन निष्ठा धाकड़ ने संभाला।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सूचना केंद्र में इस प्रकार की सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए उपनिदेशक (जनसंपर्क) गौरिकांत शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा कलाकारों को सीखने, सृजन करने और अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं।
उदयपुर जिले में त्रि-स्तरीय पंचायत राज चुनाव की तैयारियां पूर्ण
13.78 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान, जिले के छह नगर निकायों में 4.72 लाख से अधिक मतदाता करेंगें मतदान
जिला निर्वाचन अधिकारी की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

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उदयपुर, 5 अगस्त। उदयपुर जिले में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत राज चुनाव को लेकर जिला प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग आवश्यक तैयारियों में जुटा है। जिले की 20 पंचायत समितियों में कुल 13 लाख 78 हजार 261 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बुधवार को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि जिले में 20 पंचायत समितियों में 590 ग्राम पंचायतें, 318 पंचायत समिति वार्ड, 4,948 वार्ड तथा 1,593 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल मतदाताओं में 7 लाख पुरुष, 6 लाख 74 हजार 307 महिला एवं 4 तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) मतदाता शामिल हैं।
पंचायत समितिवार मतदाताओं की संख्या में भिंडर सर्वाधिक 97 हजार 782 मतदाताओं के साथ प्रथम स्थान पर है, जबकि मावली में 94 हजार 509, गोगुंदा में 86 हजार 793, वल्लभनगर में 86 हजार 282, घासा में 85 हजार 061 तथा खेरवाड़ा में 84 हजार 441 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं सलूम्बर (सुलाव) पंचायत समिति में 37 हजार 059 मतदाताओं के साथ सबसे कम मतदाता हैं।

अग्रवाल ने कहा कि उपखंड अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी मतदान केंद्र सुरक्षित एवं मतदान योग्य हो। उन्होंने सभी राजनैतिक दल प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे भी मतदान केंद्रों का अवलोकन कर व्यवस्था संबंधी आवश्यक सुझाव दें।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी दीपेंद्र सिंह राठौड़, भाजपा से मनीष शर्मा, दीपक शर्मा, शांतिलाल जैन, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से कौशल नागदा, पंकज पालीवाल, दिनेश दवे, महेंद्र डामोर, आप पार्टी से मोहम्मद हनीफ, राजेश चैहान, बसपा से जगदीश बावरिया, माकपा से राजेश सिंघवी, बाप से पुष्कर लाल मीणा उपस्थित रहे।

मतदाता सूची संशोधन का कार्य जारी :
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी 20 पंचायत समितियों में मतदाता सूचियां के प्रारूप का प्रकाशन 29 जनवरी को किया गया था, तत्पश्चात 25 फरवरी को अंतिम प्रकाशन कर दिया गया था। इसी प्रकार सभी नगर निकायों की संबंधित मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 24 मार्च से लेकर अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया 8 मई तक पूरी कर ली गई थी। मतदाता सूचियां को अद्यतन किए जाने का कार्यक्रम निरंतर चल रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन की लोक सूचना जारी किए जाने की तिथि से 10 दिन पूर्व तक मतदाता सूची संशोधन के लिए प्राप्त आवेदनों को निस्तारित किया जाएगा। इसी प्रकार नगर निकायों में नाम निर्देशन प्राप्त किए जाने की अंतिम तिथि से 10 दिन पूर्व तक प्राप्त होने वाले आवेदक को निर्धारित किया जा सकेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दल प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि किसी का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना, संशोधित करना, नाम हटाने संबंधी कार्रवाई करना चाहते हैं तो उक्त अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

छह नगर निकायों में 4.72 लाख से अधिक मतदाता :
आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए उदयपुर जिले की छह नगर निकायों में कुल 4 लाख 72 हजार 609 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन मतदाताओं के लिए जिले में 516 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल के अनुसार जिले में नगर निगम उदयपुर, मावली, वल्लभनगर, भींडर, फतेहनगर- सनवाड तथा कानोड़ नगर निकायों में चुनाव संपन्न होंगे। इन सभी निकायों में कुल 190 वार्ड हैं।

मतदाता आंकड़ों के अनुसार जिले में 2 लाख 37 हजार 935 पुरुष, 2 लाख 34 हजार 655 महिला तथा 19 ट्रांसजेंडर मतदाता पंजीकृत हैं। सबसे अधिक 4 लाख 15 हजार 672 मतदाता नगर निगम उदयपुर क्षेत्र में हैं, जहां 80 वार्डों के लिए 406 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अन्य नगर निकायों में मावली में 8,118, वल्लभनगर में 8,277, भींडर में 13,739, फतेहनगर- सनवाड में 17,473 तथा कानोड़ में 9,330 मतदाता मतदान करेंगे।
आरयूआईडीपी के पांचवें चरण में उदयपुर के लिए 272 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित, हितधारकों से लिए सुझाव

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उदयपुर, 5 अगस्त। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में बुधवार को नगर निगम सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। संवाद का उद्देश्य परियोजना की जानकारी साझा करना, क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा करना तथा जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना रहा। संवाद कार्यक्रम में परियोजना नगर प्रभारी अनिल पाटीदार ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रस्तावित कार्यों, उनके उद्देश्यों तथा शहर को मिलने वाले दीर्घकालिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से प्रदेश के 84 शहरों में आरयूआईडीपी के पांचवे चरण के तहत लगभग 9 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न आधारभूत विकास कार्य प्रारंभ करने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत अपशिष्ट जल प्रबंधन, शोधन एवं पुनः उपयोग, बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी गतिशीलता, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास तथा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं सतत बनाना है, जिससे विकसित राजस्थान-2047 एवं विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिल सके।

शहर में होंगे 272 करोड़ से अधिक के कार्य :
पाटीदार ने बताया कि उदयपुर शहर में आरयूआईडीपी के पांचवें चरण के अंतर्गत 272 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें वेस्ट वाटर मैनेजमेंट पर लगभग 103 करोड़ रुपये, बाढ़ प्रबंधन पर 21 करोड़ रुपये, विरासत एवं पर्यटन विकास पर 29 करोड़ रुपये तथा शहरी यातायात सुधार के लिए 118 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान शहर में प्रस्तावित परियोजनाओं पर जनप्रतिनिधियों एवं हितधारकों ने अपने सुझाव देते हुए परियोजनाओं के लिए व्यावहारिक एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप डीपीआर तैयार करने, सीवरेज कार्यों के निष्पादन में विशेष सावधानी बरतने, आवश्यकतानुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने तथा बाढ़ नियंत्रण सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

इस दौरान नगर निगम के निवर्तमान उपमहापौर पारस सिंघवी, उदयपुर विकास प्राधिकरण के तकनीकी निदेशक संजीव शर्मा, नगर निगम के अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा, अधिशासी अभियंता महेन्द्र समधानी सहित विभिन्न वार्डों के निवर्तमान पार्षद एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
79.58 करोड़ रुपये की लागत से उदयपुर जिले में 151 सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी
247.94 किलोमीटर सड़क नेटवर्क होगा मजबूत, सातों विधानसभा क्षेत्रों को मिली सड़कों की सौगातें
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उदयपुर, 5 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सुशासन के संकल्प के तहत प्रदेश में सड़क संपर्क को सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अंतर्गत मिसिंग लिंक एवं नॉन-पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रदेश के हर गांव, कस्बे और शहर को गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में उदयपुर जिले को 79.58 करोड़ रुपये की लागत से 151 सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की सौगात मिली है। इन कार्यों के माध्यम से जिले में 247.94 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पहले से अधिक मजबूत होगी।

उदयपुर जिले में स्वीकृत कार्यों में 68 मिसिंग लिंक तथा 83 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण से वर्षों से अधूरे सड़क संपर्क पूरे होंगे, वहीं जर्जर एवं नॉन-पैचेबल सड़कों के पुनर्निर्माण से आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनेगा। इन कार्यों से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

विधानसभा वार जारी हुई स्वीकृतियां
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अभिनंदन कुमार जैन एवं अचल गुप्ता ने बताया कि उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में कुल 42 सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 28 मिसिंग लिंक एवं 14 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। इन पर 11.49 करोड़ रुपये की लागत आएगी तथा 17.66 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसी प्रकार उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 16 कार्य स्वीकृत हुए हैं। इनमें 3 मिसिंग लिंक एवं 13 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। इन कार्यों पर 12.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे तथा 35.50 किलोमीटर सड़क नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र में 21 सड़क कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 4 मिसिंग लिंक तथा 17 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। कुल 47.63 किलोमीटर सड़क का निर्माण एवं उन्नयन 11.96 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।

इसी प्रकार खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 14 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 5 मिसिंग लिंक एवं 9 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। कुल 38.25 किलोमीटर सड़क नेटवर्क के विकास पर 10.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में 23 सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 8 मिसिंग लिंक तथा 15 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। इन कार्यों पर 11.95 करोड़ रुपये की लागत आएगी तथा 40.70 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का विकास होगा। मावली विधानसभा क्षेत्र में 17 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 8 मिसिंग लिंक एवं 9 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। कुल 27.75 किलोमीटर सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर 10.09 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र में 18 सड़क कार्य स्वीकृत हुए हैं। इनमें 4 मिसिंग लिंक तथा 14 नॉन-पैचेबल सड़क कार्य शामिल हैं। कुल 40.45 किलोमीटर सड़क नेटवर्क को 11.97 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा।
शिव-सती के वियोग से शिव-पार्वती विवाह तक, प्रशांत अग्रवाल ने सुनाया लोकमंगल का संदेश
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उदयपुर, 5 अगस्त।   नारायण सेवा संस्थान में चल रही शिव कथा में संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने शिव-सती प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, त्याग, करुणा और मानवता का संदेश दिया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान शिव का जीवन केवल आराधना का विषय नहीं, बल्कि लोकमंगल और समर्पण की प्रेरणा है।

दक्ष की यज्ञशाला में माता सती के देह त्याग के बाद भगवान शिव वियोग में डूब गए। वे माता सती के निष्प्राण शरीर को कंधे पर लेकर विचरण करने लगे। उनकी पीड़ा और तांडव से सृष्टि का संतुलन प्रभावित होने लगा। देवताओं के आग्रह पर भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को स्पर्श कराया। शरीर के अंग पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गिरे, जो कालांतर में 52 शक्तिपीठों के रूप में पूजित हुए। प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शिव ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा को भी सृष्टि के कल्याण का माध्यम बना दिया। यही लोकमंगल की अनूठी भावना है।
इसके बाद भगवान शिव अपने धाम चले गए। कथा में तारकासुर के अत्याचार और उसके संहार के लिए शिव-पार्वती के मिलन की आवश्यकता का प्रसंग सुनाया गया। माता पार्वती के रूप में सती के पुनर्जन्म और उनकी कठोर तपस्या के वर्णन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया और शिव-पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ। इस प्रसंग के दौरान कथा स्थल शिव-पार्वती के जयकारों से गूंज उठा।

प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शिव-पार्वती का विवाह हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम त्याग, तपस्या, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, श्रद्धा और धैर्य से मार्ग प्रशस्त होता है।
कथा के दौरान दिव्यांग लाभार्थियों एवं उनके परिजनों से संवाद भी किया गया। कई लाभार्थी भक्ति में भावविभोर नजर आए। कथा ने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति के साथ मानव सेवा, करुणा और परोपकार को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह "मल्हार" 8 अगस्त से
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उदयपुर, 5 अगस्त। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा 8 एवं 9 अगस्त को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह "मल्हार" का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन सायं 7 बजे आरंभ होने वाले इस समारोह में देश के प्रतिष्ठित कलाकार हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, तबला वादन, सितार वादन तथा मोहिनीअट्टम की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देंगे।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि समारोह में भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की विविध विधाओं के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे संगीत एवं नृत्य प्रेमियों को उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का रसास्वादन करने का अवसर मिलेगा।

8 अगस्त : शास्त्रीय गायन एवं तबला वादन :
समारोह के प्रथम दिवस 8 अगस्त को प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका गौरी पाठारे का शास्त्रीय गायन होगा। रागदारी, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सुरों की मधुरता से सजी उनकी प्रस्तुति संगीत प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। इसके उपरांत सुप्रसिद्ध तबला वादिका हेतल मेहता का एकल तबला वादन होगा। अपनी सशक्त लयकारी, नाद-सौंदर्य और ताल की विविध छटाओं से वे तबला वादन की समृद्ध परंपरा को साकार करेंगी।

गौरी पाठारे :
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित गायिका गौरी पाठारे ने किराना तथा जयपुर-अतरौली घराने की परंपरा में दीर्घकालीन साधना की है। रागों की गंभीर प्रस्तुति, भावपूर्ण गायकी और सुरों की सधी हुई अभिव्यक्ति उनकी विशिष्ट पहचान है। देश के अनेक प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में वे अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर चुकी हैं तथा अनेक सम्मानों से सम्मानित हो चुकी हैं।

हेतल मेहता :
हेतल मेहता देश की अग्रणी तबला वादिकाओं में प्रतिष्ठित स्थान रखती हैं। उन्होंने एकल तबला वादन की विशिष्ट शैली से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। लय, गति, बोलों की स्पष्टता और प्रभावशाली प्रस्तुति उनकी वादन शैली की विशेषताएं हैं। देश के अनेक प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में उनके एकल वादन को संगीत समीक्षकों और रसिकों ने समान रूप से सराहा है।

9 अगस्त : सितार की सुरलहरियां और मोहिनीअट्टम की मोहक प्रस्तुति
समारोह के दूसरे दिन 9 अगस्त को सुप्रसिद्ध सितार वादक विनायक चित्तर का सितार वादन होगा। रागों की मधुर अभिव्यक्ति, कल्पनाशील आलाप, आकर्षक जोड़-झाला और प्रभावशाली गतकारी से सजी उनकी प्रस्तुति श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरमयी दुनिया से रूबरू कराएगी। इसके उपरांत अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मोहिनीअट्टम नृत्यांगना पल्लवी कृष्णन की मोहिनीअट्टम प्रस्तुति होगी। भाव, लय, सौंदर्य और लास्य से परिपूर्ण उनकी प्रस्तुति भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा एवं सांस्कृतिक समृद्धि का अनुपम दर्शन कराएगी।

विनायक चित्तर :
विनायक चित्तर युवा पीढ़ी के प्रतिभाशाली सितार वादकों में प्रतिष्ठित स्थान रखते हैं। राग की शुद्ध प्रस्तुति, कल्पनाशील आलाप, आकर्षक जोड़-झाला तथा प्रभावशाली गतकारी उनकी वादन शैली की विशेष पहचान है। देश के अनेक प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में वे अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त कर चुके हैं।

पल्लवी कृष्णन :
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पल्लवी कृष्णन मोहिनीअट्टम की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त नृत्यांगना, गुरु एवं कोरियोग्राफर हैं। केरल कलामंडलम से प्रशिक्षित पल्लवी कृष्णन ने देश-विदेश के प्रमुख मंचों पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य का सफल प्रतिनिधित्व किया है। मोहिनीअट्टम की पारंपरिक गरिमा को समकालीन संवेदनाओं के साथ प्रस्तुत करना उनकी विशिष्ट पहचान है तथा इस नृत्य शैली के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।

भारतीय सांगीतिक विरासत के संरक्षण का उद्देश्य :
डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि "मल्हार" का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाना, युवा पीढ़ी में उसके प्रति रुचि जागृत करना तथा देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई गति प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न शास्त्रीय विधाओं की उत्कृष्ट परंपराओं का एक ही मंच पर रसास्वादन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने संगीत एवं नृत्य प्रेमियों से इस दो दिवसीय समारोह में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया। समारोह में प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क रहेगा।
-जीवन में शांति का मार्ग दिखाता है ‘शांतसुधारस’ ग्रंथ : आचार्य मुक्तिसागर सूरीश्वर
- आयड़ जैन तीर्थ में चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में दिए प्रेरक प्रवचन
- 6 अगस्त से शुरू होगा 42 दिवसीय श्री सम्मेद शिखर तप
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उदयपुर, 5 अगस्त। तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ जैन तीर्थ में मालव मार्तंड आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज, आचार्य अचलमुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज सहित ठाणा-4 के सान्निध्य में चातुर्मास महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ जारी है। प्रतिदिन आयोजित हो रही धर्मसभाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आराधक धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।

महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ तीर्थ के आत्मवल्लभ सभागार में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत मुक्तिसागर सूरीश्वर महाराज ने कहा कि जीवन में धन, पद, प्रतिष्ठा, परिवार, यश और वैभव प्राप्त होने के बाद भी मनुष्य को वास्तविक शांति नहीं मिलती। स्थायी शांति केवल आत्मचिंतन, धर्मसाधना और ‘शांतसुधारस’ जैसे आध्यात्मिक ग्रंथों के श्रवण एवं मनन से ही प्राप्त हो सकती है। आचार्यश्री ने कहा कि ‘शांतसुधारस’ एक अद्भुत एवं जीवन को दिशा देने वाला ग्रंथ है। यदि व्यक्ति संसार के दुखों, मोह-माया और असारता से ऊब चुका है तथा उसके अंतर्मन में शाश्वत सुख एवं मोक्ष प्राप्ति की तीव्र अभिलाषा जागृत हो गई है, तो उसके लिए शांतसुधारस का अध्ययन और श्रवण अमृत के समान है। संसार से विरक्ति और मोक्ष के प्रति अनुराग ही इस ग्रंथ को आत्मसात करने की वास्तविक पात्रता है।

उन्होंने कहा कि जब मनुष्य के भीतर संसार का भय और मोक्ष की प्यास जागती है, तभी धर्म का वास्तविक द्वार खुलता है। शांतसुधारस का संदेश व्यक्ति को आत्मकल्याण, संयम और आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है। आचार्यश्री के ओजस्वी एवं प्रभावशाली प्रवचनों का लाभ आयड़ श्रीसंघ के सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से पधारे अनेक आराधकों ने भी लिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि इन प्रवचनों से जीवन को सकारात्मक दिशा, आत्मिक शांति और धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा मिल रही है।

महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि 6 अगस्त (गुरुवार) से आचार्यश्री की निश्रा में 42 दिवसीय श्री सम्मेद शिखर तप का शुभारंभ होगा। इस कठिन तप आराधना में प्रथम एवं अंतिम बेला में छह-छह उपवास तथा मध्यकाल में 18 उपवास सहित निर्धारित विधि से तप पूर्ण किया जाएगा। इस विशेष साधना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता के लिए तैयारियां कर रहे हैं।

इस अवसर पर कुलदीप नाहर, भोपाल सिंह नाहर, अशोक जैन, राजेन्द्र जवेरिया, प्रकाश नागोरी, हेमंत सिंघवी, राजेश जवेरिया, दिनेश बापना, भोपाल सिंह परमार, अभय नलवाया, कैलाश मुर्डिया, चतर सिंह पामेच, सतीश कच्छारा, दिनेश भंडारी, चिमनलाल गांधी, प्रद्योत महात्मा, रमेश सिरोया, कुलदीप मेहता सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् उषा रानी का साहित्यिक अवदान सराहनीय
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र निदेशक ने प्रदान किया प्रशंसा पत्र
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उदयपुर, 5 अगस्त। शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका एवं वरिष्ठ साहित्यकार उषा रानी को उनके बहुमूल्य साहित्यिक योगदान के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

केंद्र निदेशक अश्विन दलवी की ओर से प्रदत्त प्रशंसा-पत्र में उल्लेख किया गया कि 11 दिसंबर 1949 को जन्मी उषा रानी ने अपने शिक्षकीय जीवन के साथ-साथ साहित्य साधना को भी निरंतर आगे बढ़ाया। उन्होंने अपनी सृजनात्मक लेखनी से हिन्दी साहित्य को समृद्ध किया है। उनकी 100 से अधिक कहानियों का प्रसारण आकाशवाणी बीकानेर एवं जयपुर केंद्रों से हो चुका है। इसके अतिरिक्त युववाणी कार्यक्रम में उनकी अनेक साहित्यिक वार्ताएं भी प्रसारित हुई हैं, जिन्हें श्रोताओं ने भरपूर सराहा।

उषा रानी की 638 से अधिक कहानियां देश की प्रतिष्ठित हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं एवं समाचार-पत्रों में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी रचनाए शिविरा, मुक्ता, सरिता सहित अनेक साहित्यिक एवं शैक्षणिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होकर व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंची हैं।

उनकी कहानियां सामाजिक सरोकारों, मानवीय मूल्यों, नारी सशक्तिकरण, संस्कारों तथा जीवन के यथार्थ को सहज एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती हैं। शिक्षा एवं साहित्य के प्रति उनका समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बहुमूल्य योगदान ने उन्हें प्रदेश के सम्मानित साहित्यकारों एवं शिक्षाविदों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है।
-9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान 14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
-घर-घर गूंजेगा देशभक्ति का संदेश, संस्कृति मंत्रालय ने जारी की रूपरेखा
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उदयपुर, 5 अगस्त। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से राज्य में 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही 14 अगस्त  को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम के अनुसार यह अभियान वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने को समर्पित रहेगा। इसी क्रम में उदयपुर जिले में भी गाइडलाइन के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान की रूपरेखा-
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (14 अगस्त)- देश के बंटवारे के दौरान आमजन को हुई पीड़ा और विस्थापन की याद में जिला, पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर शालीन वातावरण में सफेद पुष्पों के प्रयोग के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के आखिर में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। वहीं, 13 और 14 अगस्त को विभाजन पर आधारित प्रदर्शनी, लघु फिल्मों का प्रदर्शन एवं नाटकों का मंचन होगा। विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।

हर घर तिरंगा अभियान (9 से 17 अगस्त)-
अभियान के दौरान आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया जाएगा। 9 अगस्त को प्रातः 8 से 11 बजे तक प्रत्येक गांव और ढाणी में हाथों में तिरंगा लेकर प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी।
10 अगस्त दोपहर 1 बजे से सभी पंचायतों में ई-बाइक, साइकिल, ट्रैक्टर एवं प्रभात रैलियों का आयोजन होगा, जिसमें जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और आमजन भाग लेंगे।

11 और 12 अगस्त को नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में प्रातः 9 से शाम 6 बजे तक मेले व प्रदर्शनी आयोजित होंगे, जिसमें स्थानीय उत्पादकों को बिक्री हेतु स्टॉल उपलब्ध कराई जाएगी। 13 से 17 अगस्त तक प्रमुख सार्वजनिक स्थलों जैसे पंचायत कार्यालय, बस स्टैंड, आंगनवाड़ी पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा, जिस पर नागरिक अपने हस्ताक्षर कर देशभक्ति के संदेश लिख सकेंगे। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर प्रत्येक नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायत में ध्वजारोहण के साथ देश की एकता व अखंडता की शपथ दिलाई जाएगी।

14 अगस्त शाम 7 बजे से देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें स्वतंत्रता सेनानियों, सेवारतध्सेवानिवृत्त सैनिकों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।

देशभक्ति का छाएगा उल्लास :
13 से 17 अगस्त तक सभी राजकीय भवनों, स्मारकों को तिरंगी एलईडी लाइटों और रंगोली से सजाया जाएगा। आमजन को नो प्रॉफिट नो लॉस आधार पर रियायती दरों पर तिरंगे उपलब्ध कराए जाएंगे। 13 से 15 अगस्त तक सभी सरकारी व निजी कार्यालयों एवं 9 से 17 अगस्त तक निजी मकानों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

देशभक्ति का प्रसार करने के लिए वॉलंटियर्स को पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। इसके मायजीओवी पोर्टल पर 1 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज में विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। नागरिक अपनी सेल्फी विथ तिरंगा को हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा ने विभागों के परस्पर समन्वय से कार्यक्रम को जन-आंदोलन का रूप देते हुए सफल बनाने के निर्देश दिए हैं।
आबकारी आयुक्त के निर्देशन में
प्रदेश में अवैध मदिरा पर प्रभावी कार्रवाई
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उदयपुर, 5 अगस्त। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए जारी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, गश्त, रेड की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध मदिरा जब्त करते हुए हजारों लीटर वाॅश नष्ट कर अभियोग दर्ज किए।  

अवैध मदिरा पर कार्रवाई
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए अन्य राज्य की शराब की तस्करी, अवैध मदिरा के परिवहन व विक्रय पर आबकारी निरोधक टीमों द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा व बेगूं में आबकारी निरोधक दल की दबिश कार्रवाई में एक हजार लीटर वाॅष नष्ट कर 15 लीटर अवैध हथकड़ मदिरा जब्त की गई साथ ही एक बिना नंबर की मोटरसाईकिल से 62 पव्वे हथकड़ शराब के जब्त करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया। बीकानेर जोन के तहत होटल, ढ़ाबों की चैकिंग एवं दबिश कार्रवाई के तहत बीकानेर शहर, श्रीगंगानगर, संगरिया, नोहर, चूरू, रायसिंहनगर, सूरतगढ़ में ईपीएफ टीम ने 1800 लीटर वाॅष एव 5 भट्टियां नष्ट करते हुए बीयर 27 बोतल, देशी शराब 54 पव्वे, हथकड़ शराब 34 लीटर जब्त करते हुए 7 अभियुक्त को गिरफ्तार किया। जयपुर ग्रामीण आबकारी टीम ने चाकसू क्षेत्र के ग्राम माधोगढ़, तंुगा, बगरियां, नारायण बाबा की ढाणी, ढूंढ नदी क्षेत्र में कार्रवाई कर 25 हजार लीटर वाॅश सहित 15 भट्टियां मय उपकरण नष्ट की, साथ ही 70 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की गई। केकड़ी में दबिष की कार्रवाई में 200 लीटर वाॅश नष्ट कर 2 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई। आबकारी थाना क्षेत्र ब्यावर मंे ईपीएफ टीम ने 400 लीटर वाॅश सहित 3 पुरानी भट्टियां नष्ट कर 6 बोतल हथकड़ शराब जब्त की। जोधपुर शहर, ग्रामीण, पश्चिम एवं सरदारपुरा में संयुक्त दबिश के तहत बीयर के 58 केन, देशी शराब के 87 पव्वे, 19 पव्वे आईएमएफएल सहित 4 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई। कोटा के रामगंज मंडी क्षेत्र में कार्रवाई के तहत 700 लीटर वाॅश सहित 2 भट्टियां नष्ट कर अभियोग दर्ज किया। झुंझुनूं के चिड़ावा में 576 पव्वे अवैध मदिरा के जब्त किए गए। पाली सिटी में संयुक्त दबिश की कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में देषी व अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। किशनगढ़ रेलवे स्टेषन पर कार्रवाई में हरियाणा निर्मित बीयर बडवाइजर के 24 केन बरामद कर अभियोग दर्ज किया।

प्रदेश के समस्त जिलों में भी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, दबिश व सघन गश्त की जा रही है। प्रदेश में समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टोलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।

प्रमुख शासन सचिव वित्त
वीसी द्वारा 6 अगस्त को लेंगे आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक
उदयपुर, 5 अगस्त। प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया की अध्यक्षता में गुरूवार, 6 अगस्त 2026 को सांय 5 बजे विडियों काॅन्फ्रेंस के माध्यम से आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। वीसी में आबकारी राजस्व, मदिरा उठाव, आबकारी बंदोबस्त, निरोधात्मक गतिविधियां एवं बकाया वसूली संबंधी समीक्षा की जाएगी। विडियों कॉन्फ्रेंस में समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, उपायुक्त आबकारी निरोधक दल, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी प्रगति रिपोर्ट सहित संबंधित क्षेत्र के जिला स्तरीय वीसी कक्ष के माध्यम से शामिल होंगे। उक्त जानकारी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार शर्मा ने दी।
500 वर्ष पुरानी ‘जल सांझी’ कला ने जीता देशभर के ट्रैवल एजेंटों का दिल, मेवाड़ की विरासत के हुए मुरीद।
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फेम टूर के अंतर्गत रमाडा होटल में राजेश वैष्णव द्वारा आयोजित विशेष ‘जल सांझी’ कार्यक्रम ने देशभर से आए ट्रैवल एजेंटों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। करीब 500 वर्ष प्राचीन इस अद्भुत लोक कला की बारीकियों और सौंदर्य ने सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रसिद्ध कलाकार राजेश वैष्णव द्वारा पारंपरिक शैली में तैयार की गई आकर्षक जल सांझी को देखकर ट्रैवल एजेंट भाव-विभोर हो उठे और इस अनूठी कला की मुक्तकंठ से सराहना की। वहीं अंकुर वैष्णव ने जल सांझी के इतिहास, धार्मिक महत्व और इसकी निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए मेवाड़ की इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर से सभी को परिचित कराया।

फेम टूर के दौरान अतिथियों ने एकलिंगजी मंदिर, सास-बहू मंदिर, पुरोहितों का तालाब, फूलों की घाटी चीरवा सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक वातावरण ने सभी ट्रैवल एजेंटों को गहरे तक प्रभावित किया। इसके अलावा उन्होंने रामाडा, होली माउंट, वसंत कुंज, लालगढ़, लबुआ, दौलतगढ़ एवं वनिंदम ग्रैंड सहित उदयपुर के प्रमुख अतिथ्य संस्थानों का भी अवलोकन किया।

इससे पूर्व यूसीसीआई द्वारा सभी ट्रैवल एजेंटों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर यूसीसीआई अध्यक्ष संदीप बाफना, वरिष्ठउपाध्यक्ष अंशुल मोगरा, सचिव आशीष छाबड़ा, पर्यटन उपसमिति के चेयरमैन राकेश चौधरी सदस्य पानिल पोखरण, के.पी. अग्रवाल और अंबालाल साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। यह फेम टूर न केवल मेवाड़ के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम बना, बल्कि यहां की सदियों पुरानी कला, संस्कृति और अतिथि सत्कार की परंपरा ने देशभर से आए ट्रैवल एजेंटों के मन पर अमिट छाप छोड़ दी।