Public App Logo
Profile Picture

news 24 Udaipur

@news24udaipur
236Followers
0Following
उदयपुर नगर निगम दीपावली मेले का आज से हुआ शुभारंभ. सर्वप्रथम भगवान विनायक जी के भजन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत . .
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नहीं आने पर नहीं खोल सके फेक्ट्री
- चिकित्सा विभाग द्वारा अनावश्यक किया जा रहा परेशान, प्रार्थी तनाव में, हो रहा आर्थिक नुकसान।
@followers @top fans District Collector & Magistrate - Udaipur Udaipur Police News 24 Udaipur Government of Rajasthan
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rajasthannews nis:value=RajasthanNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>

उदयपुर : 28/10/2026 - मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उदयपुर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उदयपुर द्वारा बिना सूचना के प्रार्थी सैफुद्दीन की फेक्ट्री पर जांच के लिए 17.10.2026 आए थे, लेकिन उस समय फेक्ट्री बंद थी, जिस पर वहां पर्ची चस्पा की गई की जब भी इस फेक्ट्री को खोला जाए तो चिकित्सा विभाग की उपस्थिति में खोला जाए। इसी नोटिस के क्रम में 23अक्टूबर 2026 को जिला कलेक्टर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विभाग को लिखित सूचना दी गई की हमारी फेक्ट्री को खोला जाएगा, आपके कहे अनुसार आप उपस्थित रहे। लेकिन विभाग से फूड इंस्पेक्टर आए लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उदयपुर अशोक आदित्य उपस्थित नहीं हुए। ऐसे में नियमानुसार फेक्ट्री को खोला जाना था, लेकिन सीएमएचओ की अनुपस्थिति में फेक्ट्री को नहीं खोला गया।  इसकी सूचना जिला कलक्टर उदयपुर व जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर को भी दी गई। 

28.10.2026 को प्रात: 11:00 बजे प्रार्थी द्वारा फैक्ट्री परिसर में प्रवेश करने के उद्देश्य से अधिकारियों को सूचित किया गया और उनके नहीं उपस्थित होने पर फैक्ट्री में नियमानुसार प्रवेश किया जाना था, लेकिन विभाग के भय व अनावश्यक परेशानी को देखते हुए प्रवेश नहीं किया गया। कानून सम्मत होने के बाद भी चिकित्सा विभाग के डर से प्रवेश की कार्रवाई नहीं की गई, ऐसे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अशोक आदित्य व उनकी टीम द्वारा अनावश्यक भय पैदा किया जा रहा है, जिससे प्रार्थी मानसिक तनाव में है, फेक्ट्री नहीं खुलने से प्रतिदिन आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहां जो भी प्रवेश की कार्यवाही नियमानुसार की जानी थी, उसमें एक बार फिर विलंब हो गया है, ऐसे में विभाग से अनुरोध है कि शीघ्र ही फेक्ट्री को खोलने में मदद की जाए।
पंचायतीराज आम चुनाव - 2026
द्वितीय चरण: मतदाताओं में दिखा उत्साह, दिनभर बूथों पर रेलमपेल
उदयपुर जिले की 6 पंचायत समितियों के 458 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान
जिला परिषद के 36 और पंचायत समिति सदस्य पद के 248 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में दर्ज
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=elections nis:value=elections nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=panchayatiraj nis:value=PanchayatiRaj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 28 अक्टूबर। पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण में बुधवार को उदयपुर जिले में लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की रेलमपेल रही। युवा मतदाताओं के साथ ही बुजुर्गों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान में भागीदारी निभाते हुए लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। जिले की 6 पंचायत समितियों के 458 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में प्रशासन एवं पुलिस की मुस्तैदी से जिले भर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

द्वितीय चरण के तहत जिले की बड़गांव, देवला, गोगुंदा, कोटड़ा, सायरा तथा सुलाव पंचायत समितियों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान हुआ। इस चरण में जिला परिषद के 14 तथा पंचायत समितियों के 96 वार्डों के लिए मतदान हुआ। मतदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही उत्सवी माहौल नजर आया। मतदान केंद्रों पर सुबह से मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया। कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें दिखाई दीं। लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं में विशेष उत्साह रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा, महिला और बुजुर्ग मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान में भाग लिया।

जिले की सभी छह पंचायत समितियों में सुबह 10 बजे तक कुल 11.89 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद मतदान की गति में तेजी आई और दोपहर 1 बजे तक 39.29 प्रतिशत तथा अपराह्न 3 बजे तक 55.70 प्रतिशत पहुंच गया।

बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने भी दिखाया उत्साह :
पंचायतीराज चुनाव के द्वितीय चरण में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था का परिचायक बना। उम्र के इस पड़ाव पर भी बुजुर्ग मतदाताओं ने मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। वहीं दिव्यांग मतदाता भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी मतदान केंद्रों तक पहुंच कर लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन किया।

युवा जोश से सराबोर रहा लोकतंत्र का उत्सव :
युवा मतदाताओं का उत्साह भी देखते ही बना। मतदान केंद्रों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने लोकतंत्र के उत्सव में नया जोश भर दिया। युवा मतदाताओं ने अपने क्षेत्र के विकास और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ मतदान में भागीदारी निभाई। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक युवाओं का उत्साह मतदान केंद्रों पर स्पष्ट दिखाई दिया।

आधी आबादी ने दिखाई पूरी भागीदारी :
महिला मतदाताओं ने भी उत्साहपूर्वक लोकतांत्रिक दायित्व निभाया। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर महिलाओं ने मतदान में भाग लिया और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने ग्रामीण लोकतंत्र में उनकी सशक्त भूमिका को रेखांकित किया।

सेवा और समर्पण की मिसाल बने एनएसएस-स्काउट स्वयंसेवक :
मतदान केंद्रों पर एनएसएस एवं स्काउट स्वयंसेवकों ने सेवा और समर्पण का परिचय दिया। स्वयंसेवकों ने मतदाताओं की सहायता करते हुए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने में सहयोग किया। विशेष रूप से बुजुर्ग एवं जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही। लोकतंत्र के इस महापर्व में स्वयंसेवकों की सेवाभावना ने सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया। उनके सहयोग से मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में सुविधा मिली।
विश्व स्ट्रोक दिवस: हर मिनट है महत्वपूर्ण, स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही मरीज को पहुंचाएं अस्पताल
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक वर्ष में 113 मरीजों को दिया गया थ्रॉम्बोलाइसिस उपचार, युवाओं में भी बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा
@followers @top fans News 24 Udaipur 
<nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=worldstrokeday nis:value=WorldStrokeDay nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 28 अक्टूबर। विश्व स्ट्रोक दिवस के अवसर पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, उदयपुर ने आमजन से स्ट्रोक के लक्षणों को समय रहते पहचानने और तुरंत अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रोक के उपचार में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम करने के साथ आजीवन विकलांगता के खतरे को भी घटाया जा सकता है।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण कुमार रालोत ने बताया कि स्ट्रोक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे कारणों से युवाओं में भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है।

एक वर्ष में 113 मरीजों को दिया विशेष उपचार
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में स्ट्रोक के 113 मरीजों को थ्रॉम्बोलाइसिस उपचार दिया गया। अस्पताल की आपातकालीन सेवा में प्रतिदिन तीन से चार संभावित स्ट्रोक रोगी पहुंचते हैं। समय सीमा के भीतर अस्पताल पहुंचने वाले उपयुक्त मरीजों को थ्रॉम्बोलाइसिस उपचार दिया जाता है। इस प्रक्रिया में रक्त वाहिकाओं में बने थक्के को घोलने के लिए विशेष दवाओं का उपयोग किया जाता है, जिससे मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलती है। देरी से अस्पताल पहुंचने पर उपचार के विकल्प सीमित हो सकते हैं और लंबे समय तक विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है।

फास्ट पद्धति से पहचानें स्ट्रोक के लक्षण
डॉ. रालोत ने बताया कि स्ट्रोक के लक्षणों को फास्ट पद्धति से आसानी से पहचाना जा सकता है। इसमें चेहरे का एक तरफ लटक जाना या मुंह टेढ़ा होना, एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी अथवा सुन्नपन आना, बोलने में परेशानी होना या बात समझने में कठिनाई होना प्रमुख लक्षण हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर समय गंवाए बिना मरीज को नजदीकी स्ट्रोक उपचार की सुविधा वाले अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि लक्षण कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाएं, तब भी चिकित्सकीय जांच के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचना आवश्यक है। लक्षणों के ठीक होने का इंतजार करना खतरनाक साबित हो सकता है।

अनियमित जीवनशैली से युवाओं में बढ़ रहा खतरा
अनियमित दिनचर्या, अत्यधिक तनाव, धूम्रपान, नशे की लत, अधिक नमक और चीनी का सेवन, तला-भुना भोजन, मोटापा, अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और मधुमेह स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारक हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और रक्तचाप, मधुमेह एवं कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण रखकर स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है।

अस्पताल में उपलब्ध हैं समन्वित उपचार सुविधाएं
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में स्ट्रोक रोगियों के उपचार के लिए न्यूरोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पुनर्वास विशेषज्ञों की समन्वित टीम उपलब्ध है। आधुनिक जांच तकनीकों से यह पता लगाया जाता है कि स्ट्रोक रक्त वाहिका में थक्का बनने के कारण हुआ है या मस्तिष्क में रक्तस्राव के कारण। इसके आधार पर उपचार निर्धारित किया जाता है, क्योंकि थक्का घोलने वाली दवाएं केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही दी जा सकती हैं।
न्यूरोसर्जन मस्तिष्क में रक्तस्राव, बढ़ते दबाव और अन्य गंभीर स्थितियों में आवश्यक शल्य चिकित्सा करते हैं। वहीं, पुनर्वास टीम शारीरिक व्यायाम, दैनिक गतिविधियों के प्रशिक्षण और वाणी चिकित्सा के माध्यम से मरीज को दोबारा चलने, बोलने और सामान्य जीवन जीने में मदद करती है। स्ट्रोक के बाद होने वाली चिंता, अवसाद, नींद और स्मृति संबंधी समस्याओं के समाधान में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजनः आवेदन की तिथि 31 दिसम्बर 2026 तक
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> 
उदयपुर, 28 अक्टूबर। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिये उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजनान्तर्गत षिक्षण संस्थाओं के लिये पोर्टल पुनः शुरू कर दिया गया है। इससे पूर्व उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना से संबंधित षिक्षण संस्थाओं के लिये छात्रवृति पोर्टल पर पंजीयन/नवीनीकरण, कोर्स मैपिंग, मान्यतापाठ्यक्रमवार फीस स्ट्रक्चर आदि सूचनायें अपडेट करने के लिये पोर्टल पर व्यवस्था शुरू कर दी गई थी। समस्त षिक्षण संस्थाओं को सूचित किया जाता है कि वह अपने षिक्षण संस्था से संबंधित सूचनायें एवं दस्तावेजों की निर्धारित स्थान एवं निर्देषानुसार पूर्ति करना सुनिष्चित करें। सूचना सबमिट करने से पूर्व विषेष रूप से जाँच लें कि सभी सूचना पूर्ण एवं सही भरी जावें। आवष्यक दस्तावेज एवं फीस की सूचना भी सही रूप में दर्ज करें ताकि बाद में कठिनाई नहीं आवें। उक्त सूचना अद्यत्तन का कार्य 31 दिसम्बर 2026 तक किया जा सकेगा। संयुक्त निदेशक गिरीष भटनागर ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की स्कॉलरशिप योजना में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विशेष समूह योजना (पूर्व में विशेष पिछड़ा वर्ग), अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त सहित अन्य छात्रवृति योजनाओं में ऑनलाईन आवेदन की तिथि 31 दिसम्बर 2026 तक एसएसओ पोर्टल पर ऑनलाईन छात्रवृति आवेदन कर सकेंगे।
आरएएस टॉपर्स देंगे सफलता के मंत्र, 1 नवंबर को विप्र प्रतिभा सम्मान समारोह
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन
पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक
@followers @top fans News 24 Udaipur VIPRA FOUNDATION
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=ras nis:value=RAS nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viprafoundation nis:value=viprafoundation nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 28 अक्टूबर। विप्र फाउंडेशन जिला शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ तथा सहस्र औदिच्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में रविवार 1 नवंबर को विप्र प्रतिभा सम्मान समारोह एवं निःशुल्क आरएएस परीक्षा मार्गदर्शन सेमिनार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक सहस्र औदिच्य समाज की नवी धर्मशाला, सी.ए. सर्किल, सेक्टर-14 में आयोजित किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान करने के साथ युवाओं को राजस्थान की उच्च प्रशासनिक सेवाओं में चयन के लिए प्रेरित करना और उन्हें अनुभवी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
 
कार्यक्रम की तैयारियों एवं सफल आयोजन की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए मेहता चैंबर में प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विप्र फाउंडेशन शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य डॉ. एच. आर. दवे ने की। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी पदाधिकारियों को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं तथा विभिन्न कार्यों के दायित्व सौंपे।

प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव गणेश नागदा ने संपूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए आयोजन की तैयारियों और विद्यार्थियों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने संबंधी गतिविधियों की रूपरेखा साझा की। बैठक में प्रणय जानी को विप्र फाउंडेशन प्रकोष्ठ एवं सहस्र औदिच्य समाज के बीच समन्वय स्थापित करने का दायित्व सौंपा गया, ताकि दोनों संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से कार्यक्रम को व्यापक सहभागिता के साथ सफल बनाया जा सके।

सेमिनार में आरएएस  परीक्षा में सफल टॉपर्स, अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों एवं प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञों द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा रणनीति, पाठ्यक्रम की समझ, प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन तथा प्रभावी अध्ययन पद्धति के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सुनियोजित तैयारी के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं में चयन के लिए प्रेरित करना है।
समारोह में वर्ष 2026 में कक्षा 12वीं, सीए, सीएस, नीट, आईआईटी  स्नातक अथवा उच्च स्तर की डिग्री/डिप्लोमा परीक्षाओं में 65 से 85 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों के प्रतिभा सम्मान हेतु पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं। इसके साथ ही आरएएस  परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी निःशुल्क मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।

पंजीकरण की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। आयोजकों ने पात्र विद्यार्थियों एवं आरएएस अभ्यर्थियों से समय पर पंजीकरण कर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। बैठक में नीरज नागदा, दिनेश शुक्ला सहित प्रकोष्ठ के अन्य पदाधिकारियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। अंत में राजेश पालीवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सूर्य के अनसुलझे रहस्यों पर उदयपुर में महामंथन, देशभर के 75 वैज्ञानिक जुटे
उदयपुर सौर वेधशाला में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सोलर फिजिक्स मीटिंग का आगाज
सौर विस्फोटों और अंतरिक्ष मौसम पर होगा मंथन
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=sunenergy nis:value=sunenergy nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sunlight nis:value=sunlight nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=solarpower nis:value=solarpower nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=soloproject nis:value=soloproject nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 28 अक्टूबर। सूर्य की रहस्यमयी गतिविधियों, सौर विस्फोटों और पृथ्वी के अंतरिक्षीय वातावरण पर उनके प्रभावों को समझने के लिए झीलों की नगरी उदयपुर में देशभर के वैज्ञानिकों का महाकुंभ शुरू हुआ। फतहसागर झील के मध्य स्थित विश्वप्रसिद्ध उदयपुर सौर वेधशाला में तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय की उदयपुर सोलर फिजिक्स मीटिंग-2026 का शुभारंभ बुधवार को हुआ। इसमें देश की प्रतिष्ठित अनुसंधान प्रयोगशालाओं, इसरो केंद्रों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 75 वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता सूर्य और अंतरिक्ष मौसम से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विषयों पर मंथन कर रहे हैं।

भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) की उदयपुर सौर वेधशाला की मेजबानी में 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस वैज्ञानिक बैठक का मुख्य विषय सौर घटनाएं और अंतरिक्ष मौसम रखा गया है। तीन दिनों तक वैज्ञानिक सूर्य पर होने वाले विस्फोटों, उनसे उत्पन्न गतिविधियों के अंतरिक्ष में प्रसार तथा पृथ्वी के आसपास के अंतरिक्षीय वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन और विश्लेषण करेंगे। साथ ही सूर्य के रहस्यों को सुलझाने में भारत के महत्वाकांक्षी आदित्य-एल 1 मिशन सहित अन्य अंतरिक्ष अभियानों की भूमिका पर भी विचार-विमर्श होगा।

आदित्य-एल 1 से सूर्य के अध्ययन को मिली नई दिशा - प्रो. जगदेव सिंह
बैठक के पहले दिन का प्रमुख आकर्षण पीआरएल का अमृत व्याख्यान रहा। इसमें प्रख्यात सौर वैज्ञानिक प्रो. जगदेव सिंह ने सूर्य के अध्ययन में हुई वैज्ञानिक प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण विचार रखे। उन्होंने पृथ्वी पर स्थापित दूरबीनों और अंतरिक्ष वेधशालाओं से प्राप्त सूर्य के महत्वपूर्ण अवलोकनों के माध्यम से सौर अनुसंधान की विकास यात्रा को रेखांकित किया। प्रो. सिंह ने बताया कि आधुनिक सौर अवलोकन तकनीकों ने सूर्य और उसके निरंतर परिवर्तनशील वातावरण को समझने की नई संभावनाएं विकसित की हैं। उन्होंने भारत के आदित्य-एल 1 मिशन के वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूर्य से जुड़े अनेक रहस्यों को समझना अभी शेष है। इनके समाधान के लिए भविष्य में और अधिक विशेष अंतरिक्ष अभियानों की आवश्यकता होगी। इससे पूर्व पीआरएल के डीन प्रो. एस. पल्लमराजू ने प्रो. जगदेव सिंह का परिचय कराते हुए सौर भौतिकी और सौर अवलोकन के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदानों पर प्रकाश डाला।

नई उपलब्धियों की ओर बढ़ रही उदयपुर वेधशाला
पीआरएल के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का स्वागत करते हुए उदयपुर सौर वेधशाला की गौरवशाली वैज्ञानिक यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वेधशाला की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होना भारतीय सौर अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अवसर सौर भौतिकी अनुसंधान के नए दौर में प्रवेश का भी प्रतीक है। उन्होंने वेधशाला में स्थापित अत्याधुनिक मल्टी-एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि इस दूरबीन ने संचालन के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को आधुनिक तकनीकों और सौर आंकड़ों के विश्लेषण में दक्ष बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से युवा शोधकर्ताओं को अंतरिक्ष विज्ञान की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा सकता है।

युवा वैज्ञानिकों ने सीखी सूर्य के आंकड़ों के विश्लेषण की बारीकियां
राष्ट्रीय बैठक के पहले दिन पीएचडी विद्यार्थियों और युवा वैज्ञानिकों के लिए विशेष सोलर डेटा एनालिसिस वर्कशॉप का आयोजन भी किया गया। इसमें प्रतिभागियों को सौर अवलोकनों से प्राप्त आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण और अनुसंधान कौशल को विकसित करने का अवसर मिला। कार्यशाला का उद्देश्य नई पीढ़ी के शोधकर्ताओं को आधुनिक सौर अनुसंधान की तकनीकों से परिचित कराना तथा सूर्य की गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम से जुड़े जटिल वैज्ञानिक प्रश्नों के अध्ययन के लिए उनकी विशेषज्ञता को मजबूत बनाना रहा।

फतहसागर के बीच वैज्ञानिकों ने देखीं सूर्य की वास्तविक समय की तस्वीरें
बैठक में शामिल वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने फतहसागर झील के मध्य द्वीप पर स्थित उदयपुर सौर वेधशाला का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने वेधशाला में स्थापित दूरबीनों से प्राप्त सूर्य की वास्तविक समय की छवियों का अवलोकन किया। वैज्ञानिकों ने सूर्य के अध्ययन में धरातल पर स्थापित वेधशालाओं की उपयोगिता तथा अंतरिक्ष अभियानों से प्राप्त आंकड़ों के साथ उनकी पूरक भूमिका को समझा। इस भ्रमण ने प्रतिभागियों को सौर अनुसंधान की व्यावहारिक तकनीकों से रूबरू होने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. भुवन जोशी ने बताया कि यह आयोजन देश के विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के बीच विचारों के आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान और वैज्ञानिक सहयोग को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच है। 29 और 30 अक्टूबर को आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में अंतरिक्ष मौसम, सौर विस्फोटों, सौर एक्स-रे खगोल विज्ञान, आदित्य- एल 1 सहित अन्य सौर अभियानों से प्राप्त अवलोकनों तथा सौर उपकरणों के क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति पर चर्चा होगी। इन सत्रों में विशेष रूप से सूर्य पर होने वाले विस्फोटों के पीछे की भौतिक प्रक्रियाओं, अंतरिक्ष में उनके विकास एवं प्रसार तथा पृथ्वी के अंतरिक्षीय वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उदयपुर शहर में भारी वाहनों का प्रवेश होगा नियंत्रित
11 प्रमुख मार्गों पर सुबह 7 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
जिला मजिस्ट्रेट ने जारी की अधिसूचना
@followers @top fans District Collector & Magistrate - Udaipur News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=novehiclezone nis:value=NoVehicleZone nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipurpolice nis:value=udaipurpolice nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=heavyvehicle nis:value=heavyvehicle nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 28 अक्टूबर। जिला प्रशासन ने शहर की आंतरिक सड़कों पर लगातार लग रहे जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट गौरव अग्रवाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, उदयपुर शहर के 11 प्रमुख चिन्हित स्थानों पर सुबह 7 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक 10,000 किलोग्राम (10 टन) से अधिक सकल वाहन वजन वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों के प्रवेश और आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 28 अक्टूबर 2026 से ही प्रभावी हो गया है और आगामी एक महीने की अवधि तक लागू रहेगा।

इसलिए लिया गया यह फैसला
प्रशासन के अनुसार, शहर के आंतरिक मार्ग बेहद व्यस्त हैं और इनके दोनों ओर घनी आवासीय कॉलोनियां, बड़े अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और व्यापारिक बाजार स्थित हैं। इन सड़कों पर लगातार ट्रक, डम्पर और ट्रेलर जैसे भारी वाहनों के प्रवेश करने से हर समय ट्रैफिक जाम और गंभीर सड़क हादसों का खतरा बना रहता था। इसके अलावा आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए कानून-व्यवस्था और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए मोटर वाहन अधिनियम 1988 और राजस्थान मोटर यान नियम 1990 के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।

इन 11 प्रमुख मार्गों पर रहेगा नो-एंट्री का पहरा
- ट्रांसपोर्ट नगर से प्रतापनगर चौराहा की तरफ और शहर की ओर आने वाले मार्ग पर।
- बलीचा चौराहा, प्रतापनगर चौराहा, चित्रकूटनगर से भुवाणा चौराहा तक।
- रामपुरा चौराहा से सुभाष चौराहा की तरफ आने वाले रास्ते पर।
- भुवाणा चौराहा से भुवाणा गांव, सेलिब्रेशन मॉल, आरके सर्कल होते हुए शहर की तरफ।
- बेदला से साईफन तिराहा होते हुए फतहपुरा चौराहा शहर की तरफ।
- सुखेर घाटी से सापेटिया होते हुए बेदला लाल बोट तिराहा तक।
- एकलिंगपुरा चौराहा से हिरण मगरी की तरफ आने वाले मुख्य मार्ग पर।
- लेबर चौराहा सविना से खेडा सर्कल की ओर जाने वाली सड़क पर।
- चुंगी नाका गोवर्धन विलास से उदयपुर शहर एवं सीए सर्कल की ओर।
- संत टेरेसा स्कूल नेला तालाब से सीए सर्कल और खेडा सर्कल की ओर।
- नया आरटीओ से कालका माता रोड एवं यूनिवर्सिटी रोड की ओर।

विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी छूट :
प्रतिबंधित अवधि (सुबह 7 से रात 10 बजे) के दौरान ट्रक, ट्रेलर और भारी मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह वर्जित रहेगा। हालांकि, किसी विशेष या आपातकालीन परिस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही इन मार्गों पर आवागमन की छूट मिल सकेगी। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नगर निगम और उदयपुर विकास प्राधिकरण को इन सभी चिन्हित स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में यातायात संकेत बोर्ड लगाने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
केंद्रीय सचिव सुधांश पंत 1 नवंबर को उदयपुर आएंगे
@followers @top fans News 24 Udaipur 
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 28 अक्टूबर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सुधांश पंत 1 नवंबर से उदयपुर प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सचिव श्री पंत 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे महाराणा प्रताप एयरपोर्ट, डबोक पहुंचेंगे। श्री पंत विद्या भवन सोसायटी की ओर से आयोजित एसईईडी-2 राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। सचिव श्री पंत 2 नवंबर को राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे तथा विभिन्न स्थलों का दौरा कर विभागीय योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे। वे 3 नवंबर को सुबह विमान द्वारा उदयपुर से प्रस्थान करेंगे।
-संकट मोचन बालाजी मंदिर में 25 अक्टूबर को होगा विशाल शारदीय पूर्णिमोत्सव, 200 किलो दूध का लगेगा भोग
-धवल रोशनी में विराजेंगे ठाकुरजी, भव्य महाआरती, रुद्राभिषेक एवं भजन संध्या का होगा आयोजन
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर। श्री बजरंग बली प्रचार समिति एवं शारदीय पूर्णिमोत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में रविवार, 25 अक्टूबर को संकट मोचन बालाजी मंदिर, पंचदेवरिया, चांदपोल बाहर में विशाल शारदीय पूर्णिमोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। मंदिर में तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं तथा फूलों से आकर्षक सजावट की जा रही है। ठाकुरजी धवल रोशनी में विराजेंगे और आतिशी नजारों के बीच भव्य महाआरती होगी।

आयोजन व्यवस्थापक पंडित पवन सुखवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत बालाजी महाराज का भव्य तेल रुद्राभिषेक किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से बालाजी महाराज को 200 किलो दूध का भोग अर्पित किया जाएगा। आयोजन में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य महानुभावों एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी।

कार्यक्रम के तहत शाम 5 बजे से 7 बजे तक श्री दुष्यंत कुमावत एवं महेश श्रीमाली तथा मधुसूदन सुखवाल के सान्निध्य में सुंदरकांड पाठ होगा। इसके बाद शाम 7 बजे से 8 बजे तक धन सिंह जी की मंडली एवं भक्त मंडली द्वारा भजन संध्या आयोजित की जाएगी। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालु सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ भी करेंगे।

रात्रि 8 बजे से श्रद्धालुओं द्वारा चंद्रमा की रोशनी में ठाकुरजी की भव्य महाआरती की जाएगी। महाआरती के दौरान समिति की ओर से आतिशबाजी का आयोजन भी रखा गया है। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था मंदिर परिसर में की जाएगी।

आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शारदीय पूर्णिमोत्सव में भाग लेने एवं धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की गई है।
(1) बहुप्रतीक्षित शक्तिनगर बॉटलनेक का रास्ता साफ , आज से शुरू होगा निर्माण कार्य।
महापौर पारस सिंघवी के प्रयास हुए सफल, दीपावली से पहले उदयपुरवासियों को मिलेगी एक और सौगात।
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonflower nis:value=nonflower nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर। उदयपुर शहर के बहुप्रतीक्षित शक्तिनगर बॉटलनेक के समाधान का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। नगर निगम महापौर पारस सिंघवी के विशेष प्रयासों और विस्थापित परिवारों के साथ सकारात्मक संवाद के बाद इस महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने पर सहमति बन गई है। शुक्रवार को महापौर कार्यालय में आयोजित बैठक में सभी संबंधित विस्थापित परिवारों की सहमति से शनिवार से निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम द्वारा दीपावली से पहले शहरवासियों को इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की सौगात देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।

महापौर पारस सिंघवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, उपनगर नियोजक सिराजुद्दीन, अधिशासी अभियंता अखिल गोयल, निगम पुलिस निरीक्षक मंगीलाल डांगी, क्षेत्रीय पार्षद विजय आहूजा सहित शक्तिनगर बॉटलनेक से संबंधित सभी आठ विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में लंबे समय से लंबित प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आपसी सहमति से समाधान निकालते हुए निर्माण कार्य शुरू करने का मार्ग प्रशस्त किया गया।

सात दिन में जमा करानी होगी शेष राशि।
बैठक में सहमति बनी कि जिन विस्थापित परिवारों ने निर्धारित राशि अभी तक जमा नहीं कराई है, वे आगामी सात दिवस में राशि जमा कराएंगे। वहीं, जिन दो परिवारों को भूखंड के बदले राशि दी जानी है, उन्हें नगर निगम की ओर से शुक्रवार को ही चेक प्रदान कर दिए गए है। इससे प्रकरण के शेष वित्तीय एवं प्रशासनिक पहलुओं का समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित परिवारों द्वारा निर्धारित राशि जमा कराने के 30 दिवस के भीतर अधिग्रहित भूमि के बदले आवंटित किए जाने वाले भूखंडों के आवंटन पत्र एवं कब्जा पत्र जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही सभी संबंधित भूखंडधारकों द्वारा समर्पित भूमि का कब्जा शुक्रवार को ही नगर निगम को सौंप दिया जाएगा। भूमि का कब्जा मिलने के बाद निगम द्वारा भराव हटाने, सड़क निर्माण और नालियों के निर्माण सहित आवश्यक विकास कार्य तत्काल प्रभाव से शनिवार से ही शुरू कर दिए जाएंगे जिससे दीपावली तक कार्य संपूर्ण हो सके।

महापौर सिंघवी की पहल से वर्षों से लंबित कार्य को मिली गति।
शक्तिनगर बॉटलनेक की समस्या के समाधान को लेकर नगर निगम लंबे समय से प्रयासरत था, लेकिन विभिन्न कारणों से सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ पा रहे थे। इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए महापौर पारस सिंघवी ने पहल करते हुए संबंधित परिवारों के प्रतिनिधि सुनील कालरा, पुरुषोत्तम लीलानी, ओमप्रकाश डोडेजा, संजय पाहूजा, स्वरूप विनोद तुलसीजा, नन्दलाल बुद्धराज, मनोज कालरा सुजाता कालरा और निगम अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया। शुक्रवार को आयोजित बैठक में सभी पक्षों की बात सुनकर व्यावहारिक समाधान पर सहमति बनाई गई।महापौर पारस सिंघवी के प्रयासों से बनी इस सहमति को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बॉटलनेक के समाधान से संबंधित सड़क एवं आधारभूत संरचना विकास कार्यों को गति मिलेगी और क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
दीपावली से पहले विकास कार्य की सौगात।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि निगम का प्रयास है कि दीपावली से पहले इस महत्वपूर्ण कार्य को गति देकर शहरवासियों को राहत प्रदान की जाए। शनिवार से निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही शक्तिनगर बॉटलनेक के समाधान की दिशा में लंबे समय से प्रतीक्षित कार्रवाई धरातल पर उतरने जा रही है। महापौर पारस सिंघवी की पहल और सभी संबंधित पक्षों की सहमति से लिया गया यह निर्णय उदयपुर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

(2) सफाई में अव्यस्था एवं तय शर्तों के अनुसार सफाई कार्य नहीं करने पर ठेकेदार को नोटिस।
सफाई को लेकर लापरवाही नहीं होगी बरदास्त।
लाखों खर्च होने के बावजूद यू डी ए क्षेत्रों में आशानुरूप सफाई नहीं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्यवाही - महापौर।

उदयपुर। शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और रोड स्वीपिंग से एकत्रित कचरे का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आया कि ठेका फर्म द्वारा निविदा में निर्धारित शर्तों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है तथा कचरा संग्रहण, परिवहन और एमटीएस की सफाई से संबंधित विभिन्न शर्तों की पालना में लापरवाही बरती जा रही है। निगम महापौर पारस सिंघवी ने स्पष्ट किया है कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर संबंधित फर्म के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निगम महापौर पारस सिंघवी ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में रोड स्वीपिंग से एकत्रित कचरे के निस्तारण के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके तहत आपी मल्टी क्लीन सर्विसेज को 1 अप्रैल 2026 को कार्यादेश जारी किया गया था। निरीक्षण के दौरान निविदा की शर्त संख्या 4 के बिंदु 4.1.6 के विभिन्न प्रावधानों की पालना में कमी सामने आई। निविदा की शर्तों के अनुसार प्राथमिक कचरा संग्रहण एवं परिवहन के लिए 23 ऑटो टिपर लगाए जाने हैं। प्रत्येक टिपर के साथ एक चालक और एक स्वीपर अथवा सैनिटेशन वर्कर की तैनाती अनिवार्य है। इसी प्रकार द्वितीय परिवहन के लिए छह कॉम्पेक्टर गाड़ियां, एक एक्सकेवेटर-कम-लोडर मशीन, दो डंपर ट्रक और पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग किया जाना निर्धारित है। वहीं, प्रत्येक एमटीएस पर दो स्वीपर तैनात कर परिसर की नियमित सफाई करवाना भी निविदा की अनिवार्य शर्त है।

निरीक्षण के दौरान इन निर्धारित व्यवस्थाओं से संबंधित शर्तों की पूर्ण पालना नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को फर्म को पाबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निर्देशित किया गया है कि यदि फर्म द्वारा शर्तों की पालना सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो उसे डिबार करने संबंधी कार्रवाई की जाए और तीन दिवस के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

निगम महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि सफाई व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यूडीए क्षेत्रों में अपेक्षित स्तर की सफाई नहीं होना गंभीर विषय है। इसलिए ठेका फर्म को अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप निर्धारित संसाधनों, कर्मचारियों और व्यवस्थाओं के साथ कार्य करना होगा। सफाई कार्यों की निगरानी की जाएगी तथा निविदा की शर्तों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा जयपुर के पत्रिका गेट पर स्वच्छता प्रदर्शनी एवं ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित

-महाप्रबंधक श्री पंकज शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर ,आमजन को रेलवे में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का दिया संदेश
@followers @top fans News 24 Udaipur
 <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=railwaynews nis:value=RailwayNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=swatchbharatabhiyan nis:value=swatchbharatabhiyan nis:enabled=true nis:link/>
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में स्वच्छता को बढ़ावा देने, यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान-6.0 के अंतर्गत शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित पत्रिका गेट पर स्वच्छता प्रदर्शनी एवं ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्म, प्रदर्शनी एवं प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के स्वागत संबोधन में उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रदान करते हुए विशेष अभियान-6.0 के उद्देश्यों एवं रेलवे में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।

श्री पंकज शर्मा , महाप्रबंधकउत्तर पश्चिम रेलवे  ने स्वच्छता प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आमजन को रेलवे में स्वच्छता संबंधी पहलों, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को स्वच्छ रेल परिसर के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

महाप्रबंधक श्री पंकज शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया गया। इस दौरान 8,000 से अधिक स्वच्छता लक्षित इकाइयों को चिह्नित कर उनके रूपांतरण एवं सुधार की दिशा में कार्य किया गया। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों एवं रेलवे परिसरों में विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें सफाई मित्रों, यात्रियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई।

महाप्रबंधक ने बताया कि विशेष अभियान-6.0 के अंतर्गत ई-वेस्ट के समुचित निस्तारण तथा स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 22 अक्टूबर 2026 को उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर मेगा ड्राइव के अंतर्गत ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेल जन संवाद के दौरान रेल सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया गया तथा यात्रा के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं की गहनता से समीक्षा कर उनके समाधान और आवश्यक सुधार के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता को हमें अपनी आदत और कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के बैंड दल ने मनमोहन प्रस्तुतियां दी गई।

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा आमजन एवं यात्रियों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से रेलवे सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने, स्वच्छता व्यवस्था में निरंतर सुधार करने तथा स्वच्छ रेल वातावरण विकसित करने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस दौरान अपर महाप्रबंधक श्री जे.एस लाकरा मंडल रेल प्रबंधक जयपुर मंडल श्री रवि जैन सहित मुख्यालय के अधिकारी गण, कर्मचारी गण, मीडिया मीडिया के प्रतिनिधिगण एवं आमजन उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने देवास परियोजना एवं उदयपुर की जल प्रबंधन प्रणाली का किया अवलोकन
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=devasvisit nis:value=devasvisit nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 23 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शासन सचिव, जल शक्ति विभाग, अभिषेक जैन के नेतृत्व में राजस्थान के अध्ययन भ्रमण पर आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर में देवास प्रथम एवं द्वितीय परियोजना, आकोदड़ा बांध तथा देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सुरंग कार्य का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल में अतिरिक्त सचिव, तीन मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उदयपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल से भी शिष्टाचार भेंट की तथा अध्ययन भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए। इस दौरान उदयपुर जिला कलक्टर द्वारा विस्तार से उदयपुर की कुशल जल प्रबधंन प्रणाली के बारे में बताया गया।

प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर जल संसाधन विभाग की ओर से अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं नोडल अधिकारी बिरेंद्र सिंह सागर अधीक्षण अभियंता मनोज जैन द्वारा प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को देवास परियोजनाओं की कार्यप्रणाली, जल संग्रहण एवं हस्तांतरण व्यवस्था तथा उदयपुर की विभिन्न झीलों एवं बांधों की परस्पर कनेक्टिविटी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मदार, छोटा मदार एवं नांदेश्वर चौनल, देवास सुरंग तथा संबंधित जल संरचनाओं के माध्यम से पिछोला, फतेहसागर एवं उदयसागर सहित विभिन्न जलाशयों में जल के प्रवाह एवं उपयोग की व्यवस्था का अवलोकन किया। इस समन्वित प्रणाली से उपलब्ध जल का प्रभावी उपयोग करने तथा उदयपुर की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिलती है।

प्रतिनिधिमंडल ने देवास तृतीय एवं चतुर्थ परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सुरंग कार्य का भी निरीक्षण किया तथा निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया एवं प्रगति की जानकारी प्राप्त की। परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरांत आवश्यकता के अनुसार लगभग 1,000 एमसीएफटी जल पिछोला झील में हस्तांतरित किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के स्वचालित फिल्ट्रेशन प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट का संचालन एलएंडटी द्वारा विभाग की निगरानी में किया जा रहा है। अधिकारियों ने जल शोधन प्रक्रिया, स्वचालित संचालन प्रणाली एवं विभिन्न तकनीकी घटकों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।

प्रमुख शासन सचिव अभिषेक जैन ने उदयपुर की जल संरक्षण एवं जल संसाधन प्रबंधन व्यवस्था की सराहना करते हुए अध्ययन भ्रमण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान प्राप्त तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव हिमाचल प्रदेश में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने राजस्थान में प्रतिनिधिमंडल के आतिथ्य एवं स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने देवास परियोजना, झीलों की परस्पर कनेक्टिविटी तथा स्वचालित जल शोधन प्रणाली के निरीक्षण पर संतोष व्यक्त किया और जल संरक्षण एवं उपलब्ध जल के समुचित उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उदयपुर के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी अवलोकन किया गया। जिले के नैसर्गिक सौंदर्य, सुरम्य झीलों एवं मनोहारी प्राकृतिक परिवेश को देखकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अभिभूत हो गए तथा उन्होंने उदयपुर की प्राकृतिक सुंदरता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
पंचायतीराज चुनाव - 2026
284 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए मतदान शनिवार को
@followers @top fans News 24 Udaipur District Collector & Magistrate - Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=panchayatiraj nis:value=PanchayatiRaj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=election nis:value=election nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 23 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव- 2026 के प्रथम चरण के तहत जिले की 10 पंचायत समितियों की 284 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान शनिवार को होगा। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम जारी किए जाएंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि प्रथम चरण में 10 पंचायत समितियों की 284 ग्राम पंचायतो में कुल 284 सरपंच तथा कुल 2466 वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को संपन्न हुई। शनिवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर माकूल प्रबंध किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि झाड़ोल में सरपंच के 34 एवं वार्ड पंच के 264 पद, फलासिया में सरपंच के 35 और वार्डपंच के 277, ओगणा में सरपंच के 24 और वार्डपंच के 176, गिर्वा में सरपंच के 27 एवं वार्डपंच के 229, नाई में सरपंच के 20 एवं वार्डपंच के 166, मावली में सरपंच के 29 एवं वार्डपंच के 285, घासा में सरपंच के 26 एवं वार्डपंच के 260, वल्लभनगर में सरपंच के 28 एवं वार्डपंच के 270, भीण्डर में सरपंच के 32 एवं वार्डपंच के 308 तथा कुराबड़ में सरपंच के 29 तथा वार्ड पंच के 227 पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया हो रही है।
आबकारी आयुक्त ने प्रदेश में संचालित
मदिरा निर्माण इकाईयों की वीसी द्वारा ली बैठक
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=excisedepartment nis:value=ExciseDepartment nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 23 अक्टूबर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेश मेें संचालित मदिरा निर्माण इकाईयों की विडियों कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक लेते हुए वित्तिय वर्ष के तहत उत्पादन, आपूर्ति, राजस्व, बोटलिंग फीस, आबकारी शुल्क, परमिट फीस, जिलों की मांग के अनुरूप आपूर्ति पूर्ति के संबंध में आवश्यक निर्देश प्रदान किए।

आबकारी आयुक्त ने वीसी में प्रासव अथवा मदिरा निर्माण इकाईयों के प्रभारी आबकारी अधिकारियों से गत वर्ष की तुलना में उत्पादन, आपूर्ति, राजस्व, बोटलिंग फीस, उत्पादन यूनिट्स की समस्याएं, श्रमिक उपलब्धता आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी लेते हुए कहा कि कई यूनिट्स अपनी उत्पादन क्षमता के अनुरूप कार्यरत नही है। उत्पादन संबंधी समस्या निस्तारण के लिए मदिरा निर्माण इकाईयों को निर्धारित 12 घंटे के समय तक कार्यरत रखना सुनिश्चित करें साथ ही श्रमिक संबंधी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर रिव्यू कर आवष्यक समाधान करें। इसी क्रम में जिन यूनिट्स में प्रोडक्शन लाईन एक से अधिक है वहां दूसरी प्रोडक्शन लाईन को प्रारंभ किया जाना चाहिए जिससे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

वीसी में संबंधित जिला आबकारी अधिकारियों को भी मदिरा निर्माण इकाईयों संबंधी समस्याओं को रिव्यू कर निस्तारण संबंधी निर्देश प्रदान किए गए। इस मौके पर समस्त डीईओ को 15 प्रतिशत अधिक राजस्व ग्रोथ सुनिश्चित करते हुए वांछित लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देशित भी किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने मदिरा निर्माण इकाईयों से उत्पादन एवं आपूर्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। वीसी में प्रदेश के समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, जिला आबकारी अधिकारी, प्रभारी आबकारी अधिकारी मदिरा निर्माण इकाईयां आदि मौजूद रहे।
अवैध रूप से रह रहे विदेशियों पर पुलिस की पैनी नजर
वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रही थाईलैंड की महिला डिटेन
सीआईडी विशेष शाखा उदयपुर की कार्रवाई, जुलाई 2025 में समाप्त हो चुकी थी वीजा अवधि
थाईलैंड की महिला मित्र की मृत्यु पर अहमदाबाद से पहुंची थी उदयपुर, निष्कासन की कार्रवाई शुरू
@followers @top fans Rajasthan Police Udaipur Police News 24 Udaipur 
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=cid nis:value=CID nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=visa nis:value=visa nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=deportes nis:value=Deportes nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर, 23 अक्टूबर। अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशियों पर पुलिस की पैनी नजर है। सीआईडी विशेष शाखा (वीजा) जोन उदयपुर ने अवैध रूप से भारत में निवास कर रही थाईलैंड की एक महिला को डिटेन किया है। महिला की वीजा अवधि जुलाई 2025 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वह भारत में रह रही थी। सीआईडी की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए महिला को उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल से डिटेन किया। महिला के विरुद्ध इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं विदेशी पंजीयन अधिकारी, सीआईडी विशेष शाखा (वीजा) जोन उदयपुर डॉ. विक्रम सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।

गोपनीय सूचना पर पहुंची टीम
सीआईडी विशेष शाखा को 23 अक्टूबर को गोपनीय सूचना मिली थी कि उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल में उपचाररत थाईलैंड की नागरिक मिस बेंजामास सुक्सोमपोंग की 22 अक्टूबर को मृत्यु हो गई है। मृतका की वीजा अवधि भी समाप्त हो चुकी थी और वह निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रह रही थी। सूचना में यह भी सामने आया कि मृतका से मिलने के लिए उसकी एक महिला मित्र अहमदाबाद से गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंची है, जो स्वयं भी वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से निवास कर रही है। इस पर सीआईडी विशेष शाखा की टीम ने गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंचकर जांच की। इस दौरान थाईलैंड की नागरिक मिस सोमपोर्न लेंगथाइसोंग (43 वर्ष) मिली। पूछताछ एवं दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि महिला की वीजा अवधि जुलाई 2025 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वह भारत में रह रही थी। इस पर टीम ने महिला को डिटेन कर लिया।

महिला मित्र के निधन पर अहमदाबाद से आई थी उदयपुर
जांच में सामने आया कि डिटेन की गई थाईलैंड की महिला अपनी महिला मित्र के निधन की सूचना पर 23 अक्टूबर को ही अहमदाबाद से उदयपुर पहुंची थी। वह गीतांजलि हॉस्पिटल में अपनी मृतक मित्र से संबंधित कार्य के लिए आई थी। इसी दौरान सीआईडी टीम ने उसे डिटेन कर लिया। उधर, मृतक थाईलैंड की महिला के भाई एवं उसकी पुत्री भी थाईलैंड से उदयपुर पहुंचे। मृतका का अंतिम संस्कार उदयपुर के अशोक नगर श्मशान घाट पर किया गया।

नारी निकेतन में रखा, निष्कासन की कार्रवाई जारी
सीआईडी विशेष शाखा की ओर से डिटेन की गई थाईलैंड की नागरिक मिस सोमपोर्न लेंगथाइसोंग को फिलहाल उदयपुर के नारी निकेतन में रखा गया है। उसके विरुद्ध इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत भारत से निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है।

होटल, रिसॉर्ट और विला संचालकों को नियमों की पालना के निर्देश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं विदेशी पंजीयन अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने सभी होटल, विला एवं रिसॉर्ट संचालकों को विदेशी नागरिकों के ठहराव के संबंध में निर्धारित नियमों की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों के ठहरने के संबंध में इमिग्रेशन एवं फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप ही होटल एवं अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों का संचालन किया जाए।

कार्रवाई में इनकी रही भूमिका
कार्रवाई में सीआईडी विशेष शाखा (वीजा) जोन उदयपुर की पुलिस निरीक्षक एवं एफआरओ प्रभारी अनिता शर्मा, पुलिस निरीक्षक एवं सीआईयू प्रभारी अरविंद कुमार सालवी, उप निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार, नरेश चौबीसा तथा यमनेश कुमार शामिल रहे।
-नारायण सेवा संस्थान की पहल: अब कृत्रिम पैर के सहारे चलेगी दिव्यांग गोमाता
-तकनीक और सेवा का अनूठा संगम, मॉड्यूलर कृत्रिम अंग लगाकर गोमाता को फिर चलाया
@followers @top fans News 24 Udaipur Narayan Seva Sansthan
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonflower nis:value=nonflower nis:enabled=true nis:link/>

उदयपुर, 23 अक्टूबर। संवेदना जब संकल्प बनती है, तो सेवा की राह केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं रहती, वह मूक प्राणियों की पीड़ा भी समझती है। नारायण सेवा संस्थान ने इसी मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए दुर्घटना में अपना अगला बायां पैर गंवा चुकी एक गोमाता को मॉड्यूलर कृत्रिम अंग लगाकर फिर से चलने में मदद की है। संस्थान की यह पहल आधुनिक तकनीक के साथ जीव मात्र के प्रति करुणा और सेवा का प्रेरक उदाहरण बन गई है।

कुछ दिन पहले संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के संज्ञान में आया कि राजसमंद जिले के घोड़ाघाटी में एक गोमाता का दुर्घटना में अगला बायां पैर कट गया है। चलने-फिरने में असमर्थ गोमाता की पीड़ा ने उन्हें संवेदनशीलता के साथ तत्काल पहल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संस्थान के प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स (पीएंडओ) विभाग को विशेषज्ञ टीम गठित कर मौके पर भेजा।

टीम ने गोमाता की शारीरिक स्थिति, प्रभावित पैर और कृत्रिम अंग लगाने की संभावनाओं का बारीकी से आकलन किया। उसकी बनावट और जरूरतों के अनुरूप कृत्रिम अंग तैयार करने के लिए आवश्यक माप लिए गए। इसके बाद संस्थान की पीएंडओ हेड  डॉ. मानस रंजन साहू ने स्वयं तकनीकी जिम्मेदारी संभाली। गोमाता के माप के अनुरूप विशेष सामग्री, सटीक मॉडलिंग, मजबूती और फिटमेंट को ध्यान में रखते हुए मॉड्यूलर नारायण आर्टिफिशियल लिंब तैयार किया गया।

कृत्रिम अंग तैयार होने के बाद तकनीकी टीम दोबारा घोड़ाघाटी पहुंची और विशेषज्ञता के साथ उसका फिटमेंट किया। कृत्रिम पैर के सहारे गोमाता को खड़ा कर चलाने का प्रयास सफल रहा। जिस गोमाता के लिए कुछ कदम चलना भी कठिन हो गया था, उसे दोबारा अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ते देख मौके पर मौजूद लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। यह दृश्य केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि उस संवेदना की जीत भी था, जिसने एक मूक प्राणी की पीड़ा को समझकर उसके जीवन में नई संभावना जगाई।

इस उपलब्धि पर संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “दुर्घटना में दिव्यांग हुए व्यक्ति अपनी पीड़ा शब्दों में व्यक्त कर सकते हैं, लेकिन किसी मूक प्राणी के दर्द को समझने के लिए संवेदनशील हृदय चाहिए। गोमाता अपनी तकलीफ बता नहीं सकती थी, लेकिन उसकी पीड़ा को महसूस करना हमारा दायित्व था। हमें खुशी है कि संस्थान की तकनीकी दक्षता और सेवा भावना के माध्यम से उसे फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर चलने में मदद मिल सकी।”

नारायण सेवा संस्थान लंबे समय से दिव्यांगजनों को आधुनिक कृत्रिम अंगों और सहायक उपकरणों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। घोड़ाघाटी की गोमाता के लिए किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य केवल सुविधा जुटाना नहीं, बल्कि पीड़ा कम करना और जीवन को बेहतर बनाना भी है।
16 साल बाद पिता-पुत्र का हुआ भावुक मिलन, अपना घर आश्रम उदयपुर ने परिवार से मिलाया
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=news24udaipur nis:value=news24udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonflower nis:value=nonflower nis:enabled=true nis:link/>
अपनों से बिछड़े व्यक्ति को फिर से अपने परिवार से मिलाने का क्षण जितना सुखद होता है, उतना ही भावुक भी। अपना घर आश्रम उदयपुर ने पुनर्वास सेवा के क्रम में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए 122वें प्रभुजी का उनके परिजनों से मिलन करवाया। करीब 16 वर्षों से परिवार से बिछड़े शेखर शुक्ला को अपने पिता और भाइयों से मिलते देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने बताया कि 17 अप्रैल 2026 को खेरवाड़ा क्षेत्र से लावारिस अवस्था में मिले शेखर प्रभुजी को सेवा, उपचार और पुनर्वास के उद्देश्य से अपना घर आश्रम उदयपुर में भर्ती कराया गया था। आश्रम में नियमित सेवा, देखभाल, उपचार और काउंसलिंग के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। काउंसलिंग के दौरान शेखर प्रभुजी ने अपने गांव और परिवार के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने अपना गांव टिहरी/टेहरा, जिला सागर, मध्यप्रदेश बताया।

इसके बाद आश्रम की टीम ने सागर जिले से संबंधित सोशल मीडिया स्रोतों के माध्यम से उनके परिजनों की तलाश शुरू की। शेखर प्रभुजी का विवरण और फोटो संबंधित लोगों तक पहुंचाए गए। प्रयासों के परिणामस्वरूप आशु धीमोले के माध्यम से उनके परिवारजनों से संपर्क स्थापित हो गया। इसके बाद उनके बड़े भाई शैलेश शुक्ला से वीडियो कॉल पर बात कराई गई और परिवार को शेखर प्रभुजी के उदयपुर स्थित आश्रम में होने की जानकारी दी गई। लंबे समय से बिछड़े भाई को सामने देखकर शैलेश शुक्ला भावुक हो गए और बातचीत के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

अपने खोए हुए बेटे को वापस पाने की आस लगाए बैठे पिता संतोष शुक्ला अपने परिवारजनों के साथ उदयपुर पहुंचे। उनके साथ शेखर के भाई शरद शुक्ला और अमित शुक्ला भी अपने भाई को लेने आए। वर्षों बाद पिता-पुत्र और भाइयों का आमने-सामने मिलन हुआ तो माहौल भावुक हो गया।
पिता संतोष शुक्ला ने बताया कि फरवरी 2010 से मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उनका बेटा घर से चला गया था। परिवार ने उसे आसपास के क्षेत्रों में बहुत तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। बेटे के मिलने की उम्मीद धीरे-धीरे धुंधली पड़ने लगी थी। उन्होंने कहा, “ईश्वर की कृपा से आज मेरा पुत्र मुझे वापस मिल गया। अपना घर आश्रम उदयपुर का मैं हृदय से धन्यवाद करता हूं। यहां की व्यवस्था परिवार से भी बढ़कर है। आश्रम में ऐसा लगता है कि यह कोई आश्रम नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहां प्रभुजियों की अपनेपन और आत्मीयता से सेवा की जाती है।”

आश्रम की आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद शेखर प्रभुजी को  आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया, वित्त सचिव प्रकाश जोशी एवं अरावली लायंस ट्रस्ट के को-चेयरमैन, एवं समाजसेवी बंसीलाल कुम्हार ने  तिलक लगाकर, पगड़ी पहनाकर और ऊपरना ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई और उनके सकुशल एवं सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की। इसके बाद उन्हें उनके पिता और भाइयों के साथ उनके गांव मरदापुर, जिला सागर, मध्यप्रदेश के लिए विदा किया गया।

अपना घर आश्रम उदयपुर का यह प्रयास एक बार फिर साबित करता है कि सेवा, संवेदना और निरंतर प्रयासों से बिछड़े परिवारों को फिर से मिलाया जा सकता है। शेखर प्रभुजी का अपने परिवार से मिलन न केवल आश्रम के लिए पुनर्वास की एक और उपलब्धि है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी आशा की किरण है, जो वर्षों से अपने बिछड़े अपनों की तलाश कर रहे हैं।

गोपाल कनेरिया
अध्यक्ष, अपना घर आश्रम उदयपुर
दीपावली तक केबल भूमिगत करें ऑपरेटर, अन्यथा नगर निगम करेगा सख्त कार्रवाई।
महापौर, आयुक्त ने केबल ऑपरेटरों को दिए अंतिम निर्देश।
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर। शहर की सुंदरता को बनाए रखने और सड़कों पर लटकते केबल तारों से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से नगर निगम महापौर पारस सिंघवी एवं आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बुधवार को नगर निगम के मिनी बैठक हॉल में केबल ऑपरेटरों की बैठक ली। बैठक में शहर के प्रमुख केबल ऑपरेटरों के साथ अधिशासी अभियंता रितेश पटीदार, पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी सहित निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में आयुक्त अभिषेक खन्ना ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर की सुंदरता बिगाड़ रहे लटकते केबल तारों को दीपावली तक अनिवार्य रूप से भूमिगत किया जाए। विशेष रूप से पुराने शहर के क्षेत्र जहां स्मार्ट सिटी के अंतर्गत विकसित 17 वार्डों में बनाई गई भूमिगत डक्ट में सभी केबल ऑपरेटर अपने केबल तार डालें। निर्धारित समय सीमा तक केबल भूमिगत नहीं करने पर दीपावली के अगले दिन से निगम द्वारा बिना किसी अतिरिक्त नोटिस या सूचना के कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। इस दौरान केबल ऑपरेटर को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित ऑपरेटर की ही होगी।आयुक्त ने बताया कि बीएसएनएल एवं अन्य टेलीफोन कंपनियों के साथ बैठक कर उनके अनुपयोगी पोल हटाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। पोल हटने के बाद उन पर लटके केबल तार भी प्रभावित होंगे। निगम द्वारा पिछले तीन वर्षों से केबल ऑपरेटरों को नोटिस देकर तार भूमिगत करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शहर की सुंदरता बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

बैठक में महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी भी केबल ऑपरेटर या व्यापारी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उदयपुर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है। शहर के प्रमुख मार्गों पर झूलते तार पर्यटकों और शहरवासियों के बीच गलत संदेश दे रहे हैं, इसका उलाहना निगम को उठाना पड़ता है। कई केबल ऐसी भी हैं, जो लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी हैं, फिर भी उन्हें हटाया नहीं जा रहा है जो कि सरासर गलत है।

महापौर ने ऑपरेटरों से कहा कि जिन क्षेत्रों में भूमिगत डक्ट या पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है, वहां की समस्या लिखित रूप में नगर निगम को बताएं, ताकि उसका समाधान निकाला जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि केबल ऑपरेटरों के साथ-साथ निजी टेलीफोन कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को भी व्यवस्था सुधारने के लिए पाबंद किया गया है। महापौर पारस सिंघवी ने सभी केबल ऑपरेटरों से दीपावली तक आवश्यक कार्य पूरा कर शहर को सुंदर बनाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा व्यापारियों, होटल संचालकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ भी बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि सामूहिक प्रयासों से उदयपुर को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सके।
महापौर के निर्देश पर आयोजित हुई बैठक।

नगर निगम द्वारा शहर में लटक रहे केवल तारों के खिलाफ कार्यवाही आरंभ की जा रही थी जिसकी सूचना महापौर पारस सिंघवी को मिली। सूचना प्राप्त होने पर महापौर सिंघवी ने संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को एक बार अंतिम बैठक आयोजित कर केबल ऑपरेटर को मौका देने के निर्देश दिए। इस पर निगम आयुक्त द्वारा केवल ऑपरेटर के साथ बैठक का आयोजन किया गया। महापौर ने कहा कि किसी का नुकसान करना हमारा उद्देश्य नहीं है हम सभी एक टीमवर्क के साथ शहर को सुंदर बनाएं ऐसी सभी की मंशा है।
पंचायतीराज चुनाव - 2026
प्रथम चरण: लोकतंत्र के महापर्व में दिखी उत्साहपूर्ण भागीदारी
सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ मतदान
प्रथम चरण में शाम छह बजे तक लगभग 64 फीसदी हुआ मतदान 
जिले की 10 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 25 और पंचायत समिति के 160 वार्डों के लिए हुआ मतदान
@followers @top fans District Collector & Magistrate - Udaipur News 24 Udaipur 
<nis:link nis:type=tag nis:id=election nis:value=election nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=panchayatiraj nis:value=PanchayatiRaj nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>

सांय 6 बजे तक जिले में 63.81 फीसदी मतदान

पंचायत समिति भींडर में 59.93 फीसदी मतदान

घासा में 61.05 फीसदी मतदान

गिर्वा में 68.11 फीसदी मतदान

झाड़ोल में 73.50 फीसदी मतदान

कुराबड़ में 57.14 फीसदी मतदान

मावली में 55.32 फीसदी मतदान

नाई में 79 फीसदी मतदान

ओगणा में 61.93 फीसदी मतदान

फलासिया में 71 फीसदी मतदान

वल्लभनगर में 60.91 फीसदी मतदान

नोट : महत्वपूर्ण सूचना
मतदान की खबर में फिलहाल शाम 6 बजे तक के मतदान प्रतिशत के लगभग आंकड़े शामिल किए गए हैं। प्रथम चरण के मतदान के अंतिम आंकड़े निर्वाचन विभाग की ओर से अधिकृत रूप से प्राप्त होने पर पृथक से जारी किए जाएंगे।  - धन्यवाद
नगर निगम दीपावली मेले में दो दिन सजेगा स्थानीय प्रतिभाओं का मंच।
150 से अधिक आवेदन प्राप्त, 95 प्रतिभाओं के ऑडिशन पूरे, 62 अभ्यर्थियों का चयन।
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=deepawalimela nis:value=deepawalimela nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nagarnigamudaipur nis:value=NagarNigamUdaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर। नगर निगम उदयपुर द्वारा 28 अक्टूबर से आयोजित होने वाले दीपावली मेले की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। मेले में शहर की स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के लिए दो दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में शहर की प्रतिभाएं अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। इसके लिए नगर निगम में ऑडिशन की प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही है।

महापौर पारस सिंघवी के निर्देश पर नगर निगम द्वारा स्थानीय प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने और उनकी कला को निखारने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दीपावली मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए शहर के कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस पहल को अच्छा प्रतिसाद मिला है और अब तक 150 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति देने के लिए आवेदन किया है।आवेदन करने वाले प्रतिभागियों में से अब तक 95 अभ्यर्थी अपने ऑडिशन दे चुके हैं, जिनमें से 62 प्रतिभागियों का चयन किया जा चुका है। चयन प्रक्रिया में प्रतिभागियों की कला, प्रस्तुति और मंच पर प्रदर्शन की क्षमता को ध्यान में रखा जा रहा है, ताकि मेले में दर्शकों को आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलें।ऑडिशन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम द्वारा पार्षदों के साथ विशेषज्ञ निर्णायकों की टीम भी गठित की गई है। निर्णायक मंडल में पार्षद निधि गोदा, तारा सुहालका, वंदना प्रजापत एवं डिंपल कंवर शामिल हैं। इनके साथ विशेषज्ञ निर्णायकों के रूप में मनमोहन भटनागर, अमित माली एवं डॉ. वीणा लोहार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।मनमोहन भटनागर विगत 12 वर्षों से नगर निगम की स्थानीय प्रतिभाओं के चयन की जिम्मेदारी निरंतर निभा रहे हैं। वहीं अमित माली लगभग पांच वर्षों से तथा डॉ. वीणा लोहार करीब सात वर्षों से इस चयन प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। इनके अनुभव से प्रतिभाओं के निष्पक्ष मूल्यांकन और योग्य कलाकारों के चयन में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। बुधवार को आयोजित ऑडिशन प्रक्रिया में चार पार्षदों एवं तीन विशेषज्ञ निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। इस दौरान कनिष्ठ लिपिक प्रदीप वैष्णव ने भी व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।
महापौर पारस सिंघवी की मंशा के अनुरूप नगर निगम का प्रयास है कि दीपावली मेला स्थानीय कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच बने। नगर निगम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को प्रतिभाशाली कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने का अवसर मिले और स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान मिल सके।
संकट मोचन बालाजी मंदिर में श्रीराम यज्ञ एवं दशहरा मेले का आयोजन, 21 फीट के रावण का किया दहन
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर। बजरंग बली प्रचार समिति, उदयपुर की ओर से मंगलवार को संकट मोचन बालाजी मंदिर, पंचदेवरिया, चांदपोल बाहर में विशाल श्रीराम यज्ञ, हवन-पूजन एवं दशहरा मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, महाआरती, आतिशबाजी एवं महाप्रसाद का आयोजन हुआ। मेले के मुख्य आकर्षण 21 फीट ऊंचे रावण के दहन को देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे सुंदरकांड पाठ के साथ विशाल श्रीराम यज्ञ एवं हवन-पूजन से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां देकर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की गई। दोपहर 12 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति एवं महाआरती की गई। यज्ञ आयोजन में दुश्यन्त कुमावत, नरेंद्र कुमावत, मधुसूदन सुखवाल एवं महेश श्रीमाली का सहयोग रहा।

शाम 6 बजे से दशहरा मेले का आयोजन हुआ। इस दौरान देशभक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया। हर्ष पालीवाल एवं सोनू की बोर्ड पर एम.एम. ग्रुप द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। बजरंग बली प्रचार समिति एवं आलोक संस्थान, फतहपुरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष रामायण प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। प्रश्नोत्तरी ने आयोजन को रोचक बनाया तथा उपस्थित लोगों को रामायण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से रूबरू होने का अवसर दिया।

इसके बाद 21 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। रावण दहन के दौरान आतिशबाजी से वातावरण उत्सवमय हो गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में प्रदीप कुमावत, नरेंद्र पालीवाल, जितेश कुमावत, दुर्गेश शर्मा, निश्चय कुमावत एवं मदन सोनी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई।

बजरंग बली प्रचार समिति के आयोजन व्यवस्थापक पं. पवन कुमार सुखवाल ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
खुले में मीट व्यवसाय करने वालों को नगर निगम ने जारी किए नोटिस।
निर्देशों की पालना नहीं करने पर लाइसेंस होंगे निरस्त।
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nagarnigamudaipur nis:value=NagarNigamUdaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर। शहर में खुले में मीट व्यवसाय करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित व्यवसायियों को नोटिस जारी किए हैं। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने तथा मीट व्यवसाय को निर्धारित नियमों एवं निगम के निर्देशों के अनुरूप संचालित करवाना है।

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा ने खुले में मीट व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी कर आवश्यक निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस में दिए गए निर्देशों की पालना नहीं करने वाले व्यवसायियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अवहेलना जारी रहने पर संबंधित दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे। निगम द्वारा दिये गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने और निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी। सभी संबंधित व्यवसायियों से निगम के निर्देशों का पालन करने तथा निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुरूप ही व्यवसाय संचालित करने की अपील की गई है।
 
यह है नियम। :-
शहर में वे सभी मिट व्यवसायी जिनको नगर निगम द्वारा अनुज्ञा जारी की गई है वह कांच के बॉक्स में एवं पूरी तरह व्यवस्थित एवं स्वच्छ वातावरण में यह व्यवसाय करेंगे जिससे कि आसपास किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं फैले, साथ ही स्वच्छता को लेकर भी सरकार द्वारा नियम एवं निर्देश जारी किए गए हैं उनकी भी पालन सुनिश्चित करनी होगी।
* मेहनत और पूंजी लगने के बाद भी किसानों के हाथ खाली
* मानसून की बेरुखी से खरीफ फसल उत्पादन हुआ प्रभावित, सोयाबीन में तो लागत निकालना भी मुश्किल
@followers @top fans News 24 Udaipur Government of Rajasthan
<nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/> 
भादसोड़ा। इस वर्ष मानसून की बेरुखी और कमजोर बारिश का असर खरीफ फसलों के उत्पादन पर देखने को मिला है। विशेष रूप से सोयाबीन की फसल ने किसानों को गहरी निराशा में डाल दिया हैं। खाद-बीज और मेहनत मजदूरी पर खर्च होने के बावजूद किसानों को इतनी आमदनी भी नहीं हो पाई कि उनकी लागत निकल सके, ऐसे में किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और आगामी खेती को लेकर चिंतित हैं।  इस बार क्षेत्र में कमजोर मानसून होने से बारिश की कमी के चलते किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। फसल का अपेक्षित उत्पादन नहीं मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सोयाबीन उत्पादन करने वाले किसानों के सामने स्थिति ऐसी बन गई है कि फसल बेचने के बाद भी खेती में लगाया गया खर्च प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।

भादसोड़ा निवासी किसान राधे सुथार का कहना है कि खेती में हर साल खर्च बढ़ता जा रहा है। खाद, बीज और मजदूरी की बढ़ती लागत के बीच किसान पहले ही आर्थिक दबाव में हैं। इस बार कमजोर मानसून ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी। सोयाबीन की फसल से अच्छी कमाई की उम्मीद तो दूर, अब लागत की भरपाई करना भी चुनौती बन गया है। सीजन की मेहनत के बाद हाथ खाली रहने से किसानों में निराशा और चिंता का माहौल है। किसानों की पीड़ा यही है कि जिस खेती से परिवार की आजीविका चलती है, उसी खेती में इस बार लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। अब किसान सरकार और प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत प्रदान की जाएगी।
झील विकास प्राधिकरण ने उदयपुर की झीलों  में पानी का वाष्पीकरण रोकने के लिए प्रसाशन से लगाई गुहार 
@followers @top fans News 24 Udaipur
<nis:link nis:type=tag nis:id=udaipur nis:value=Udaipur nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viralpost nis:value=viralpost nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nonfollowers nis:value=nonfollowers nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=fatehsagar nis:value=fatehsagar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=picholalake nis:value=picholalake nis:enabled=true nis:link/>
उदयपुर की पिछोला तालाब व फतह सागर तालाब में इस वर्ष मानसून कमजोर रहने से पेयजल की किल्लत हो रही है। पानी छिछला होने से तेजी से वाष्पीकरण हो रहा है और आगे आने वाली गर्मियों में वाष्पीकरण और तेज होगा।

तालाब में वाष्पीकरण रोकने के लिए सेटिल अल्कोहल और स्टीरियल अल्कोहल सिर्फ एक अणु जितनी पतली, अदृश्य परत बना देते हैं। यह परत पानी के अणुओं को हवा में उड़ने से रोकती है, जिससे वाष्पीकरण 30% से 50% तक कम हो जाता है। यह रसायन जलीय जीवों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है। यह परत इतनी बारीक होती है कि पानी में घुलनशील ऑक्सीजन (O₂) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का आदान-प्रदान आसानी से होता रहता है, जिससे मछली व अन्य जलीय जीवों को कोई नुकसान नहीं होता है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि पिछोला तालाब व फतह सागर के पानी को वाष्पीकरण से बचाने के लिए रासायनिक क्रिया अपनाकर पेयजल की बचत करें। पहले भी पिछोला तालाब में वाष्पीकरण रोकने के लिए रसायन का उपयोग किया गया है। मुझ प्रार्थी को भी अवगत कराएँ।