कर्मचारियों के हक की लड़ाई तेज, 25 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर महासंघ ने भरी हुंकार
दीपावली से पहले बोनस और लंबित परिलाभों के भुगतान की मांग, जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,16 अक्टूबर राज्य कर्मचारियों के लंबित परिलाभों के भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बकाया राशि जारी करने और दीपावली से पहले बोनस देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने आवाज बुलंद की। प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में महासंघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पूर्व में प्रस्तुत 25 सूत्रीय मांगपत्र का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समाधान अब और नहीं टाला जाना चाहिए। सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस निर्णय लेकर कर्मचारियों को उनके अधिकारों का लाभ सुनिश्चित करना चाहिए।
जीपीएफ, राज्य बीमा और सेवानिवृत्ति परिलाभों के भुगतान की मांग
महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया कि राज्य कर्मचारियों के लंबित परिलाभों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान, समर्पित अवकाश, जीपीएफ, राज्य बीमा ऋण तथा विभिन्न कर्मचारी वर्गों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है। अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारी वर्षों तक राजकीय सेवा देने के बाद भी अपने ही बकाया भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
महामंत्री समर्थ कुमावत ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के आह्वान पर 16 अक्टूबर को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। अभियान के तहत कर्मचारियों की 25 सूत्रीय मांगों के निराकरण के साथ दीपावली से पूर्व बोनस जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
दीपावली से पहले बोनस और बकाया भुगतान पर जोर
महासंघ ने मांग की कि पात्र राज्य कर्मचारियों को दीपावली से पहले बोनस का भुगतान नकद किया जाए, ताकि कर्मचारी और उनके परिवार त्योहार को सम्मानपूर्वक मना सकें। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ, राज्य बीमा, ग्रेच्युटी एवं समर्पित अवकाश सहित सभी लंबित परिलाभों का शीघ्र भुगतान किया जाए।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी सरकार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों को अपने अधिकारों के भुगतान के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़े, यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार की जिम्मेदारी है कि कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए उनकी जायज मांगों का समयबद्ध समाधान करे।
संविदा से लेकर विभिन्न कर्मचारी वर्गों ने उठाई आवाज
इस प्रदेशव्यापी अभियान में नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा, निविदा एवं ठेका कर्मचारी, जनता जल योजना के श्रमिक, आंगनबाड़ी कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के कार्मिकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, वाहन चालक, होमगार्ड, मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ कर्मचारियों सहित अन्य कर्मचारी वर्गों की सेवा सुरक्षा, आर्थिक हितों और लंबित मांगों को 25 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल कर सरकार के समक्ष रखा गया।
महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। कर्मचारियों के समर्पण और जिम्मेदारी के अनुरूप उनके अधिकारों की रक्षा तथा लंबित भुगतान का समय पर निस्तारण आवश्यक है।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संरक्षक राजेंद्र शर्मा, नीरज ओझा, हुकमीचंद गुप्ता, विनोद सोनी, राजकुमार शर्मा, घनश्याम असावा, काशीराम नायक, विनोद जीनगर, दीपक तोलम्बिया, ललित जीनगर, पुरुषोत्तम चावला, अंकित काबरा, नीरज व्यास, कुलदीप आर्य, करण सिंह, रामलाल भील, धीरज सिंह, राकेश यादव, पवन गर्ग, प्रहलाद सिंह एवं अनीता खोईवाल सहित महासंघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
महासंघ ने दोहराया कि कर्मचारियों की 25 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण, लंबित परिलाभों का भुगतान और दीपावली से पहले बोनस जारी करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।