सफलता की कहानी: निःशुल्क फिजियोथेरेपी से मरीजों को मिल रही राहत, जिला चिकित्सालय का फिजियोथेरेपी विभाग बना वरदान
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श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय जिला चिकित्सालय का फिजियोथेरेपी विभाग इन दिनों जिले सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत का केंद्र बन गया है। विभाग में मरीजों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क फिजियोथेरेपी उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। निजी क्लीनिकों में उपचार की महंगी फीस से परेशान मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल की यह सुविधा काफी लाभदायक साबित हो रही है।
वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राहुल मारोथिया एवं डॉ. प्रियंका सिंह की देखरेख में मरीजों को उनकी बीमारी और शारीरिक स्थिति के अनुसार उपचार एवं आवश्यक व्यायाम कराए जा रहे हैं। निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा के कारण फिजियोथेरेपी विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
आधुनिक उपकरणों से हो रहा उपचार -
जिला चिकित्सालय के फिजियोथेरेपी विभाग में शॉर्टवेव डायाथर्मी (SWD), अल्ट्रासाउंड थेरेपी, ट्रैक्शन मशीन और आईएफटी (IFT) सहित आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। इन उपकरणों के माध्यम से दर्द, मांसपेशियों की जकड़न और अन्य शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। डॉ. राहुल मारोथिया ने बताया कि आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी तकनीकों की मदद से पुराने एवं गंभीर दर्द से पीड़ित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। नियमित फिजियोथेरेपी, आवश्यक व्यायाम और चिकित्सकीय मार्गदर्शन से मरीजों की शारीरिक गतिशीलता एवं कार्यक्षमता में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक -
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार विभाग की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज कमर एवं गर्दन के दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क, घुटनों के दर्द, गठिया एवं ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा लकवा (पैरालिसिस) के बाद अंगों की गतिशीलता वापस लाने, हड्डी के फ्रैक्चर एवं दुर्घटना के बाद होने वाली शारीरिक जकड़न से पीड़ित मरीज भी नियमित रूप से फिजियोथेरेपी करा रहे हैं। खेलों के दौरान होने वाली स्पोर्ट्स इंजरी के मरीज भी विभाग में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
स्टाफ और एडवांस मशीनें बढ़ाने का प्रस्ताव -
जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा ने बताया कि जिला चिकित्सालय में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता है। फिजियोथेरेपी विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले समय में स्टाफ की संख्या बढ़ाने तथा कुछ अन्य एडवांस रिहैबिलिटेशन मशीनें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना तथा उन्हें उपचार के लिए अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है।
निःशुल्क सुविधा बनी ग्रामीण मरीजों की बड़ी उम्मीद -
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए जिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपी सेवा आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। निजी केंद्रों पर फिजियोथेरेपी के लिए होने वाले खर्च की तुलना में यहां निःशुल्क उपचार मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक राहत मिल रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में उपलब्ध यह सुविधा लोगों के बीच अपनी उपयोगिता और विश्वास स्थापित कर रही है। जिला चिकित्सालय का फिजियोथेरेपी विभाग अब केवल दर्द से राहत देने का माध्यम नहीं, बल्कि दुर्घटना, फ्रैक्चर और लकवे के बाद मरीजों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करने वाली महत्वपूर्ण पुनर्वास सेवा के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। #vidisha
9 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Sep 1, 2026