ईंट भट्ठा उद्योग को बचाने हेतु मुख्यमंत्री से 2 वर्ष अतिरिक्त समय की मांग, विधायक को सौंपा ज्ञापन
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#हरदोई: ईंट निर्माता कल्याण समिति, हरदोई द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार से साधारण ईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने हेतु निर्धारित समय सीमा में 2 वर्ष की बढ़ोतरी की मांग की गई है। समिति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को क्षेत्रीय बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
समिति के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल एवं महामंत्री योगेन्द्र दत्त मिश्रा ने बताया कि ईंट भट्ठा उद्योग एक ग्रामीण सीजनल कुटीर उद्योग है, जो बिना किसी सरकारी सहायता के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होता है। इस उद्योग से हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलता है तथा ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन भी रुकता है।
ज्ञापन में कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा सभी पारंपरिक ईंट भट्ठों को जिग-जैग तकनीक में परिवर्तित करने के निर्देश दिए गए हैं। ईंट भट्ठा स्वामी इस तकनीक का स्वागत करते हैं, लेकिन एक साधारण भट्ठे को जिग-जैग प्रणाली में बदलने में लगभग 50 से 60 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जो वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में संभव नहीं हो पा रहा है।
समिति ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में ईंट उद्योग भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है। कोयले की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि, जीएसटी दरों में बढ़ोतरी, उत्पादन लागत में इजाफा तथा सीजन के दौरान बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन आधे से भी कम रह गया है। इससे भट्ठा स्वामियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
इसके अतिरिक्त पर्यावरणीय निर्देशों के कारण भट्ठों में फुकाई देरी से शुरू करने की बाध्यता के चलते उत्पादन और भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उद्योग संचालकों के सामने अपने व्यवसाय को बचाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
ईंट निर्माता कल्याण समिति ने सरकार से मांग की है कि ग्रामीण रोजगार एवं इस पारंपरिक उद्योग को बचाने के लिए साधारण ईंट भट्ठों को जिग-जैग प्रणाली में परिवर्तित करने हेतु कम से कम 2 वर्ष का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाए। इस अवसर पर कई ईट भट्ठा संचालक मौजूद रहे।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Jun 16, 2026