36 साल से सेवा दे रहे 28 संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग
23 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो 24 से ‘काम बंद-कलम बंद’ हड़ताल की चेतावनी
बाजपुर। नगर पालिका परिषद बाजपुर में पिछले 36 वर्षों से दैनिक वेतन और संविदा पर कार्यरत 28 कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर उत्तराखंड निकाय कर्मचारी महासंघ और देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने शहरी विकास निदेशालय को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि 23 सितंबर 2026 तक नियमितीकरण की कार्रवाई नहीं हुई तो 24 सितंबर से ‘काम बंद-कलम बंद’ हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
दो माह पहले हुआ था लिखित समझौता
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, नियमितीकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों ने 27 जून से क्रमिक अनशन शुरू किया था। इसके बाद 10 जुलाई से आमरण अनशन भी शुरू किया गया। आंदोलन के बाद 22 जुलाई को तत्कालीन अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कर्मचारियों के साथ लिखित समझौता हुआ था। इसमें दो माह के भीतर नियमितीकरण की कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया था। आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने आमरण अनशन समाप्त कर दिया, लेकिन कार्यालय परिसर में क्रमिक अनशन जारी रखा।
‘सरकार गंभीर नहीं, आंदोलन के लिए मजबूर’
महासंघ अध्यक्ष सीताराम तिवारी और देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश कुमार लाला ने संयुक्त रूप से कहा कि समझौते को हुए करीब दो माह होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों में रोष है और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शासन-प्रशासन संविदा कर्मचारियों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी जनता और प्रशासन को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन वर्षों की सेवा के बावजूद यदि उनका हक नहीं मिला तो वे आंदोलन तेज करने और हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी भेजी ज्ञापन की प्रतियां
कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग से संबंधित ज्ञापन शहरी विकास निदेशालय, देहरादून के निदेशक को भेजा है। इसकी प्रतियां मुख्यमंत्री के निजी सचिव, शहरी विकास मंत्री, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर, उपजिलाधिकारी बाजपुर और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई हैं। कर्मचारियों ने शासन से 36 वर्षों से सेवा दे रहे 28 कर्मचारियों के मामले में मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र नियमितीकरण के आदेश जारी करने की मांग की है।चाहें तो मैं इसका दैनिक जागरण शैली का और ज्यादा प्रभावशाली फ्रंट-पेज संस्करण, साथ में 2 लाइन का राजनीतिक/प्रशासनिक इंसर्ट भी तैयार कर सकता हूं।