एक क्लिक से पहले सोचें
रोटरी क्लब रॉयल्स के कार्यक्रम में बच्चों को बताए साइबर ठगी से बचने के तरीके
बीकानेर, 15 सितंबर। मोबाइल, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में डिजिटल दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी साइबर ठगी का कारण बन सकती है। इसी को लेकर रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स की ओर से रायन इंटरनेशनल स्कूल, पूगल रोड में विद्यार्थियों के लिए साइबर फ्रॉड अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता रोटे. अजय चौधरी ने फर्जी लिंक, संदिग्ध मैसेज, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन स्कैम, पासवर्ड चोरी और निजी जानकारी के दुरुपयोग से जुड़े खतरे समझाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध मैसेज की पुष्टि किए बिना जवाब न दें और OTP, पासवर्ड अथवा निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधानी बरतने की सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड होने पर घबराने या बात छिपाने के बजाय तुरंत अभिभावक, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी दें। रोटे. भुवनेश स्वामी ने तकनीक का उपयोग शिक्षा, ज्ञान और रचनात्मक कार्यों के लिए करने का संदेश दिया। क्लब अध्यक्ष रोटे. इंजी. विपिन लड्ढा ने कहा कि बच्चों के कम उम्र में डिजिटल दुनिया से जुड़ने के कारण उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना जरूरी है। विद्यालय प्राचार्या रितु ने कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। आयोजन के समन्वय में इंटरैक्ट क्लब एडवाइजर वंदना पारीक की भूमिका रही।
साइबर ठगी से बचने के आसान नियम
OTP-पिन किसी को नहीं: बैंक या किसी संस्था के नाम पर फोन आए, फिर भी OTP, UPI PIN या पासवर्ड साझा न करें।
QR कोड पर सावधानी: पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करने या UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। ऐसा करने को कहा जाए तो पहले पुष्टि करें।
KYC के नाम पर ठगी: ‘KYC नहीं हुई तो खाता बंद हो जाएगा’ जैसे मैसेज पर दिए लिंक को न खोलें। बैंक या संबंधित संस्था के आधिकारिक ऐप से जानकारी जांचें।
कस्टमर केयर नंबर जांचें: इंटरनेट या सोशल मीडिया पर मिले किसी भी कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें। नंबर संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से लें।
स्क्रीन शेयर न करें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट-एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें और न ही अपना फोन स्क्रीन साझा करें।
पासवर्ड अलग रखें: ईमेल, सोशल मीडिया और गेमिंग अकाउंट के लिए अलग-अलग मजबूत पासवर्ड रखें। जहां सुविधा हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखें: घर का पता, फोन नंबर, स्कूल की पूरी जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज और यात्रा की जानकारी सार्वजनिक न करें।
फेक प्रोफाइल से सावधान: नया अकाउंट, कम गतिविधि, संदिग्ध लिंक या अचानक पैसे मांगना फर्जी प्रोफाइल का संकेत हो सकता है। पहले पहचान की पुष्टि करें।
ऑनलाइन गेमिंग में भी सतर्क रहें: मुफ्त कॉइन, स्किन, रिवॉर्ड या गेम अपग्रेड के नाम पर मिले संदिग्ध लिंक पर लॉगिन या भुगतान न करें।
इनाम और नौकरी के नाम पर भुगतान से बचें: लॉटरी, गिफ्ट, नौकरी या स्कॉलरशिप के नाम पर पहले पैसे या बैंक संबंधी जानकारी मांगी जाए तो सावधान रहें।
ठगी होने पर तुरंत कार्रवाई: घटना को छिपाएं नहीं। अभिभावक या शिक्षक को बताएं और बैंक या संबंधित डिजिटल सेवा को तुरंत सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
याद रखें: Be Aware • Be Alert • Be Safe — जागरूक रहें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
Bikaner, Bikaner | Sep 15, 2026