स्मार्ट मीटर की स्पीड और बढ़ती महंगाई का असर अब आटा चक्की संचालकों के व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर घोड़े जैसी स्पीड (गति) के साथ ही बिजली के टैरिफ दरो में लगातार हो रही वृद्धि के साथ ही आटा चक्कियों में उपयोग होने वाले पार्ट्स, बेयरिंग, एमरी पत्थर, बेल्ट सहित अन्य आवश्यक सामग्री के दाम बढ़ने से संचालकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। बढ़ती लागत के कारण आटा चक्की का व्यवसाय घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए आटा चक्की संघ खरगोन ने मजबूरीवश अनाज पिसाई की दरों में आंशिक वृद्धि करने का निर्णय लिया है। संघ ने उपभोक्ताओं से नई दरों में सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
आटा चक्की संघ के अध्यक्ष हाजी छोटेखान एवं सचिव दिनेश जायसवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि बढ़ती बिजली दरों एवं चक्की संचालन में लगने वाली आवश्यक सामग्री की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के चलते पिसाई की दरों में संशोधन किया गया है।
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