Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
बीजेपी
Gujarat
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Jharkhand
Breakingnews
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Nsui
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
Uttarakhand
Crimenews
image
image
image
image
image

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ---------------- आज दिनांक 15/07/2026 को नालंदा खुला विश्वविद्यालय में बिहार के माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन का आगमन हुआ। विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलपति प्रोफेसर रवींद्र कुमार, कुलसचिव प्रोफेसर अभय कुमार सिंह तथा विश्वविद्यालय परिवार द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों के समन्वयक एवं शिक्षकों में प्रोफेसर बीना प्रसाद, प्रोफेसर बद्री नारायण सिंह, प्रोफेसर बी. के. मिश्रा, प्रोफेसर पूनम सिंह, प्रोफेसर पी. के. पोद्दार, प्रोफेसर श्याम नंदन, प्रोफेसर विमला प्रसाद, प्रोफेसर धर्मशीला प्रसाद, डॉ. अमरनाथ पाण्डेय, डॉ. पल्लवी, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. संगीता कुमारी, सरफराज आलम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। माननीय कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय परिसर का भौतिक निरीक्षण किया तथा प्रधानमंत्री उषा (PM-USHA) परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित ऑनलाइन क्लास स्टूडियो एवं मास कम्युनिकेशन स्टूडियो का विधिवत लोकार्पण किया। अपने संबोधन में कुलाधिपति ने कहा कि वर्तमान समय मास मीडिया और संचार का युग है। अपनी बातों, उपलब्धियों एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से दुनिया तक पहुंचाने के लिए आधुनिक संचार माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध का नालंदा की धरती से गहरा संबंध है, किंतु विश्व के अनेक लोगों को इसकी समुचित जानकारी नहीं है, क्योंकि हम अपनी विरासत और उपलब्धियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार नहीं कर पाए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का बुद्धिमत्तापूर्ण एवं सकारात्मक उपयोग कर समाज तथा राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कुलपति प्रोफेसर रवींद्र कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि विश्वविद्यालयों की प्रगति एवं विकास कार्यों का स्वयं निरीक्षण करने की कुलाधिपति की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नालंदा खुला विश्वविद्यालय इस महत्वपूर्ण पहल की प्रथम कड़ी बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है तथा कुलाधिपति के मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। कार्यक्रम में बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, नालंदा की जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी, अपर समाहर्ता श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, सहित राज्य एवं जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. किरण पाण्डेय ने किया। अंत में उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय कुलाधिपति के मार्गदर्शन को विश्वविद्यालय के विकास के लिए प्रेरणादायी बताया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Nalanda University, Rajgir Nava Nalanda Mahavihara Nalanda Department of Tourism, Government of Bihar Press Information Bureau - PIB, Government of India #GovernorOfBihar #LtGenSyedAtaHasnain Nalanda Education Centre Bihar Education Department

59 views | Nalanda, Bihar | Jul 15, 2026

MORE NEWS

प्रेस विज्ञप्ति -3
नालंदा।
दिनांक - 8 अगस्त 2026
...............................

 *मॉडल आर० बी०.2 विद्यालय, नालंदा के छात्र/छात्राओं ने अपर समाहर्ता, नालंदा को देखा एक शिक्षक के रूप में श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, नालंदा ने आज निभाई शिक्षक की भूमिका* 

 *अपर समाहर्ता, नालंदा द्वारा मॉडल आर० बी० 2 विद्यालय, नालंदा, प्रखंड-सिलाव का औचक निरीक्षण किया गया।* 

 निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई तथा उपस्थिति विवरणी का जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में स्वयं वर्ग कक्षा में पहुँचे और उपस्थित छात्र-छात्राओं से बातचीत की।

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि नदियों और नालों का दूषित जल जो सीधे पीने योग्य नहीं होता, उसे बड़े-बड़े शहरों में 'सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से उपचारित एवं शुद्ध किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि क्षेत्र में भी आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की योजना पर कार्य हो रहा है, जिसके बनने के पश्चात विद्यार्थियों को उसका शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा ताकि वे जल संशोधन की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।

फ्रांसीसी क्रांति पर चर्चा / पर्यावरण और संसाधनों का उपयोग / नदियों के प्रदूषण, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और स्वच्छ पेयजल के महत्व के संबंध में बताया गया। साथ ही बताया गया कि औद्योगिक क्रांति के बाद कोयला जैसे सीमित संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ और अब हम सौर ऊर्जा तथा जल विद्युत जैसे नवीकरणीय स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं।

कक्षाओं में पठन-पाठन का स्तर उच्च एवं संवादात्मक रखा जाए ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।

सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी शिक्षा पर भी बल देने का निदेश दिया गया।

छात्रों को प्रेरित करते हुए बताया गया कि वे पाठ को क्यों, कब, कैसे और क्या जैसे प्रश्नों के साथ पढ़ें।

सभी शिक्षकों को सुझाव दिया गया कि छात्रों को डांटे नहीं बल्कि उनकी जिज्ञासा और सोचने की क्षमता का विकास करें।

छात्रों को प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करने, रटने के बजाय विषय की व्यावहारिक समझ विकसित करने और इतिहास तथा पर्यावरण विज्ञान के मूल सिद्धांतों को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Bihar Education Department

प्रेस विज्ञप्ति -3 नालंदा। दिनांक - 8 अगस्त 2026 ............................... *मॉडल आर० बी०.2 विद्यालय, नालंदा के छात्र/छात्राओं ने अपर समाहर्ता, नालंदा को देखा एक शिक्षक के रूप में श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, नालंदा ने आज निभाई शिक्षक की भूमिका* *अपर समाहर्ता, नालंदा द्वारा मॉडल आर० बी० 2 विद्यालय, नालंदा, प्रखंड-सिलाव का औचक निरीक्षण किया गया।* निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं, साफ-सफाई तथा उपस्थिति विवरणी का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में स्वयं वर्ग कक्षा में पहुँचे और उपस्थित छात्र-छात्राओं से बातचीत की। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि नदियों और नालों का दूषित जल जो सीधे पीने योग्य नहीं होता, उसे बड़े-बड़े शहरों में 'सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से उपचारित एवं शुद्ध किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि क्षेत्र में भी आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण की योजना पर कार्य हो रहा है, जिसके बनने के पश्चात विद्यार्थियों को उसका शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा ताकि वे जल संशोधन की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझ सकें। फ्रांसीसी क्रांति पर चर्चा / पर्यावरण और संसाधनों का उपयोग / नदियों के प्रदूषण, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और स्वच्छ पेयजल के महत्व के संबंध में बताया गया। साथ ही बताया गया कि औद्योगिक क्रांति के बाद कोयला जैसे सीमित संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ और अब हम सौर ऊर्जा तथा जल विद्युत जैसे नवीकरणीय स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं। कक्षाओं में पठन-पाठन का स्तर उच्च एवं संवादात्मक रखा जाए ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी शिक्षा पर भी बल देने का निदेश दिया गया। छात्रों को प्रेरित करते हुए बताया गया कि वे पाठ को क्यों, कब, कैसे और क्या जैसे प्रश्नों के साथ पढ़ें। सभी शिक्षकों को सुझाव दिया गया कि छात्रों को डांटे नहीं बल्कि उनकी जिज्ञासा और सोचने की क्षमता का विकास करें। छात्रों को प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करने, रटने के बजाय विषय की व्यावहारिक समझ विकसित करने और इतिहास तथा पर्यावरण विज्ञान के मूल सिद्धांतों को समझने पर विशेष ध्यान दिया गया है। Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Education Department

Nalanda, Bihar | Aug 8, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
नालंदा।
........................
दिनांक :- 08 अगस्त 2026 
....................................................

 *स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर विद्यालयों में आयोजित हुईं विविध प्रतियोगिताएँ, प्रखंड स्तर पर 09 अगस्त को भी होगा आयोजन* 

आगामी स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर जिले में उत्साहपूर्ण एवं देशभक्तिपूर्ण वातावरण के निर्माण तथा छात्र-छात्राओं में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता एवं राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न विद्यालयों में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को नालंदा जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच वाद-विवाद, रंगोली, निबंध लेखन एवं चित्रांकन (पेंटिंग) जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 

प्रतियोगिताओं में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया।

इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रनिर्माण, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने तथा अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। 

वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस एवं राष्ट्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि रंगोली एवं चित्रांकन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं संदेशपरक कलाकृतियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया।

 *09 अगस्त को प्रखंड स्तर पर होगा प्रतियोगिताओं का आयोजन* 

दिनांक 09 अगस्त 2026 को जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी छात्र-छात्राओं के लिए वाद-विवाद, रंगोली, निबंध लेखन एवं चित्रांकन (पेंटिंग) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ भाग लेंगे।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Mithilesh Kumar Tiwari 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Bihar Education Department

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ........................ दिनांक :- 08 अगस्त 2026 .................................................... *स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर विद्यालयों में आयोजित हुईं विविध प्रतियोगिताएँ, प्रखंड स्तर पर 09 अगस्त को भी होगा आयोजन* आगामी स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर जिले में उत्साहपूर्ण एवं देशभक्तिपूर्ण वातावरण के निर्माण तथा छात्र-छात्राओं में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता एवं राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न विद्यालयों में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 08 अगस्त 2026 को नालंदा जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच वाद-विवाद, रंगोली, निबंध लेखन एवं चित्रांकन (पेंटिंग) जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रनिर्माण, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने तथा अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस एवं राष्ट्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि रंगोली एवं चित्रांकन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं संदेशपरक कलाकृतियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया। *09 अगस्त को प्रखंड स्तर पर होगा प्रतियोगिताओं का आयोजन* दिनांक 09 अगस्त 2026 को जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी छात्र-छात्राओं के लिए वाद-विवाद, रंगोली, निबंध लेखन एवं चित्रांकन (पेंटिंग) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागी छात्र-छात्राएँ भाग लेंगे। Samrat Choudhary CMO Bihar Mithilesh Kumar Tiwari Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Education Department

Nalanda, Bihar | Aug 8, 2026

प्रेस विज्ञप्ति-2
स्थान : नालंदा
दिनांक : 08 अगस्त 2026
.........................................

 *नालंदा जिलाधिकारी ने 18 जन-शिकायतों पर तय की अधिकारियों की जवाबदेही।* 

● *जन-शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश।* 

 *● बेन एवं सिलाव प्रखंड में विवाह भवन निर्माण हेतु भूमि चयन, नेरूत पंचायत के सदरपुर एवं गोविंदपुर के परिसीमन, अतिक्रमण हटाने तथा दो भाइयों के बीच आपसी बंटवारे से संबंधित मामलों की हुई सुनवाई।* 

नालंदा जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने आज जन-सुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे कुल 18 फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना।

 जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की तथा कई मामलों में ऑन-द-स्पॉट आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जन-सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें तथा आवेदकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराएं।

जन-सुनवाई के क्रम में बेन एवं सिलाव प्रखंड में विवाह भवन निर्माण हेतु भूमि चयन, नेरूत पंचायत के सदरपुर एवं गोविंदपुर के परिसीमन से संबंधित शिकायतों को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। इन मामलों की जांच करते हुए नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु जिला पंचायती राज पदाधिकारी, नालंदा को निर्देशित किया गया।

इसी प्रकार, अतिक्रमण हटाने एवं दो भाइयों के बीच आपसी बंटवारे से संबंधित मामले की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालंदा को निर्देशित किया गया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन-शिकायतों के निष्पादन में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, शिकायतों के निष्पादन की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित आवेदकों को समय पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Panchayati Raj Department, Government of Bihar 
Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar 
Building Construction Department, Govt. of Bihar

प्रेस विज्ञप्ति-2 स्थान : नालंदा दिनांक : 08 अगस्त 2026 ......................................... *नालंदा जिलाधिकारी ने 18 जन-शिकायतों पर तय की अधिकारियों की जवाबदेही।* ● *जन-शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश।* *● बेन एवं सिलाव प्रखंड में विवाह भवन निर्माण हेतु भूमि चयन, नेरूत पंचायत के सदरपुर एवं गोविंदपुर के परिसीमन, अतिक्रमण हटाने तथा दो भाइयों के बीच आपसी बंटवारे से संबंधित मामलों की हुई सुनवाई।* नालंदा जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने आज जन-सुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे कुल 18 फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की तथा कई मामलों में ऑन-द-स्पॉट आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जन-सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों की जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें तथा आवेदकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराएं। जन-सुनवाई के क्रम में बेन एवं सिलाव प्रखंड में विवाह भवन निर्माण हेतु भूमि चयन, नेरूत पंचायत के सदरपुर एवं गोविंदपुर के परिसीमन से संबंधित शिकायतों को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। इन मामलों की जांच करते हुए नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु जिला पंचायती राज पदाधिकारी, नालंदा को निर्देशित किया गया। इसी प्रकार, अतिक्रमण हटाने एवं दो भाइयों के बीच आपसी बंटवारे से संबंधित मामले की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नालंदा को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जन-शिकायतों के निष्पादन में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, शिकायतों के निष्पादन की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित आवेदकों को समय पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Panchayati Raj Department, Government of Bihar Revenue and Land Reforms Dept, Govt. of Bihar Building Construction Department, Govt. of Bihar

Nalanda, Bihar | Aug 8, 2026

प्रेस विज्ञप्ति
स्थान- नालन्दा
दिनांक : 08 अगस्त 2026
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालंदा

*‘आवाज़ उठाइए, समाधान का रास्ता खोजिए—सिस्टम आपकी मदद के लिए खड़ा है’ : जिला पदाधिकारी*
• छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखने, निर्णय लेने, समस्या की पहचान करने और बदलाव की दिशा में पहला कदम उठाने  की प्रेरणा मिली।
• ⁠जिलाधिकारी ने छात्राओं को संदेश दिया कि “हर समस्या के समाधान की शुरुआत उसकी पहचान से होती है”—आवाज़ उठाइए, समाधान खोजिए और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की सहायता लीजिए।
• ⁠छात्राओं से यह भी जाना गया कि वे नालंदा एवं समाज के विकास में किस प्रकार योगदान देना चाहती हैं, वहीं उन्हें शिक्षा, करियर और जीवन में आने वाले भटकाव से बचने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
• ⁠छात्राओं को "ईश्वर उसी की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं का मूल मंत्रा मिला

 *बिहारशरीफ (नालंदा):* सप्ताह का वह दिन, जब नालंदा की जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका में नहीं, बल्कि एक अभिभावक, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका में छात्राओं से रूबरू होती हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत एस.एम.पी.डी. बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथुरिया की छात्राओं का जिला पदाधिकारी के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद के दौरान छात्राओं ने न केवल विद्यालय एवं आसपास की समस्याओं को खुलकर साझा किया, बल्कि अपने सपनों, करियर की आकांक्षाओं और जीवन में आने वाली चुनौतियों पर भी जिला पदाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

*छात्राओं ने खुलकर रखीं समस्याएं और अपने सपने*
संवाद के दौरान छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े एवं छात्राओं पर कमेंटबाजी/टीजिंग, स्कूल परिसर एवं आसपास साफ-सफाई की समस्या, स्ट्रीट लाइट की कमी, पर्याप्त CCTV कैमरों की आवश्यकता, पेयजल की व्यवस्था, शिक्षकों एवं क्लासरूम की कमी जैसी समस्याओं को सामने रखा।
कक्षा 12 की छात्रा नीलिमा कुमारी ने विद्यालय में भूगोल एवं हिंदी विषय के शिक्षकों की कमी तथा क्लासरूम की कमी की ओर जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने जीवन में पढ़ाई के दौरान आने वाले भटकाव से बचने का उपाय पूछते हुए कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का है और उन्होंने जिला पदाधिकारी से मार्गदर्शन मांगा।
कक्षा 9 की छात्रा शिवानी कुमारी ने अपनी भविष्य की आकांक्षाओं को साझा करते हुए कहा कि जिला पदाधिकारी से मिलना उनके लिए प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने विद्यालय के आसपास स्ट्रीट लाइट एवं साफ-सफाई जैसी समस्याओं को भी उठाया।

*‘समस्या की पहचान से समाधान और फिर बदलाव की ओर बढ़ें’*
छात्राओं की बात सुनने के बाद जिला पदाधिकारी ने मुस्कुराते हुए उनसे संवाद को परिचर्चा का रूप दिया। उन्होंने पूछा कि “मेरे सामने अपनी समस्या रखने से पहले क्या आपने कभी सोचा कि इस समस्या से कैसे निकला जा सकता है?”
उन्होंने टीजिंग जैसी घटना की स्थिति में छात्राओं से पूछा कि वे किस प्रकार प्रतिक्रिया देंगी। छात्राओं ने क्रमशः बताया कि ऐसी स्थिति में पहले स्थिति को समझना, आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों एवं शिक्षकों को बताना, स्कूल प्रबंधन को सूचित करना तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस-प्रशासन की मदद लेना चाहिए।
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं के जवाबों को सराहते हुए कहा कि जीवन में किसी भी समस्या के समाधान के लिए पहला चरण समस्या की पहचान है। इसके बाद यह तय करना जरूरी है कि जो हो रहा है वह सही है या गलत। यदि गलत है तो उसे बदलने के लिए निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि “जब आप स्वयं निर्णय लेना और उसके लिए आगे बढ़ना सीखती हैं, तभी नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

*‘ईश्वर उसी की मदद करता है, जो अपनी मदद खुद करता है’*
छात्राओं को प्रेरित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि अंग्रेजी की प्रसिद्ध उक्ति “God helps those who help themselves” का सीधा अर्थ है कि ईश्वर उसी की मदद करता है जो अपनी मदद स्वयं करने का प्रयास करता है।

उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी समस्या को छोटा समझकर नजरअंदाज न करें। मोबाइल या कोई सामान खो जाने पर लोग तुरंत शिकायत करते हैं, लेकिन टीजिंग या छेड़खानी की घटनाओं की शिकायत कई बार नहीं की जाती। इससे प्रशासन को यह पता ही नहीं चल पाता कि किस स्थान पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि “आपकी शिकायत प्रशासन के लिए केवल शिकायत नहीं है, बल्कि समस्या वाले स्थान की पहचान करने में मदद है।”
जिला पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में छात्राओं द्वारा बताई गई संवेदनशील जगहों पर 112 की गाड़ियों एवं पुलिस प्रशासन की टीम की तैनाती की गई है। साथ ही विद्यालयों के स्तर पर नियमित फॉलोअप एवं निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।

*‘आवाज़ उठाइए, Vocal बनिए—आप ही भविष्य हैं’*
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखने की सलाह देते हुए कहा कि “मौन मत रहिए, Vocal बनिए। आपकी Presence सबको पता होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि छात्राएं नालंदा, बिहार और देश का भविष्य हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने आसपास होने वाली गलत चीजों के प्रति सजग रहें और सही समय पर आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि जब आप भविष्य में इस कुर्सी पर बैठें, तब आपको इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसका अर्थ होगा कि समाज में बदलाव आया है।”

*तकनीक और AI को बनाएं समाधान का माध्यम*
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को वर्तमान समय को तकनीक एवं AI का दौर बताते हुए कहा कि यदि किसी समस्या का समाधान समझ में नहीं आ रहा है तो इंटरनेट एवं AI की सहायता से समाधान के विकल्प खोजे जा सकते हैं।
उन्होंने छात्राओं के सामने एक छात्रा को बुलाकर AI से सवाल पूछवाया और उसका लाइव डेमो प्रस्तुत किया। AI द्वारा दिए गए सुझावों को छात्राओं द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक समस्या के समाधान के नए रास्ते दिखा सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि AI से प्राप्त हर जानकारी को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय उसे समझना, जांचना और अपनी आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “आपकी परेशानी का जवाब आपकी fingertips पर है। मदद का रास्ता खोजिए, आपको कई रास्ते दिखाई देने लगेंगे।”

सरकारी प्लेटफॉर्म एवं ‘माई भारत’ पोर्टल से जुड़ने की अपील*
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को जिला प्रशासन, बिहार सरकार एवं भारत सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फॉलो करने की सलाह दी, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, अवसरों एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं की अद्यतन जानकारी मिलती रहे।
उन्होंने छात्राओं को ‘माई भारत’ पोर्टल से जुड़ने एवं स्वयं को रजिस्टर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी एवं उनके विकास के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से उपयोगी मंच है। विभिन्न गतिविधियों एवं क्विज आदि में भाग लेकर छात्राएं नए अनुभव और ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं।

*समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश*

संवाद के दौरान छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
विद्यालय में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। विद्यालय एवं आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।
विद्यालय क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। छात्राओं द्वारा बताई गई सुरक्षा संबंधी समस्याओं के स्थानों पर आवश्यक निगरानी एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

*छात्राओं को कराया गया ICCC एवं वन स्टॉप सेंटर का एक्सपोजर विजिट*
संवाद कार्यक्रम के उपरांत छात्राओं को व्यावहारिक जानकारी देने एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र से परिचित कराने के उद्देश्य से Integrated Command and Control Centre (ICCC) एवं One Stop Centre का एक्सपोजर विजिट कराया गया। ICCC में छात्राओं को शहर में सुरक्षा एवं निगरानी के लिए लगाए गए 491 CCTV कैमरों का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया। साथ ही शहर के 15 प्रमुख क्षेत्रों में स्थापित Public Address System तथा 10 प्रमुख स्थानों पर स्थापित Emergency Call Box (ECB) की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि आपात स्थिति में ECB के हेल्प बटन के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है।
वन स्टॉप सेंटर के भ्रमण के दौरान छात्राओं को पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, आपातकालीन सहायता, विधिक सहायता, काउंसलिंग एवं चिकित्सा सहायता सहित उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई।

इस संवाद एवं एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक (DPM), जिला मिशन समन्वयक,  तथा विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सभी छात्राओं के उज्ज्वल एवं स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Mithilesh Kumar Tiwari 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
ICDS Directorate Bihar 
Bihar Education Department

प्रेस विज्ञप्ति स्थान- नालन्दा दिनांक : 08 अगस्त 2026 जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालंदा *‘आवाज़ उठाइए, समाधान का रास्ता खोजिए—सिस्टम आपकी मदद के लिए खड़ा है’ : जिला पदाधिकारी* • छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखने, निर्णय लेने, समस्या की पहचान करने और बदलाव की दिशा में पहला कदम उठाने की प्रेरणा मिली। • ⁠जिलाधिकारी ने छात्राओं को संदेश दिया कि “हर समस्या के समाधान की शुरुआत उसकी पहचान से होती है”—आवाज़ उठाइए, समाधान खोजिए और जरूरत पड़ने पर प्रशासन की सहायता लीजिए। • ⁠छात्राओं से यह भी जाना गया कि वे नालंदा एवं समाज के विकास में किस प्रकार योगदान देना चाहती हैं, वहीं उन्हें शिक्षा, करियर और जीवन में आने वाले भटकाव से बचने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। • ⁠छात्राओं को "ईश्वर उसी की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं का मूल मंत्रा मिला *बिहारशरीफ (नालंदा):* सप्ताह का वह दिन, जब नालंदा की जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका में नहीं, बल्कि एक अभिभावक, मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका में छात्राओं से रूबरू होती हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत एस.एम.पी.डी. बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मथुरिया की छात्राओं का जिला पदाधिकारी के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद के दौरान छात्राओं ने न केवल विद्यालय एवं आसपास की समस्याओं को खुलकर साझा किया, बल्कि अपने सपनों, करियर की आकांक्षाओं और जीवन में आने वाली चुनौतियों पर भी जिला पदाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त किया। *छात्राओं ने खुलकर रखीं समस्याएं और अपने सपने* संवाद के दौरान छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े एवं छात्राओं पर कमेंटबाजी/टीजिंग, स्कूल परिसर एवं आसपास साफ-सफाई की समस्या, स्ट्रीट लाइट की कमी, पर्याप्त CCTV कैमरों की आवश्यकता, पेयजल की व्यवस्था, शिक्षकों एवं क्लासरूम की कमी जैसी समस्याओं को सामने रखा। कक्षा 12 की छात्रा नीलिमा कुमारी ने विद्यालय में भूगोल एवं हिंदी विषय के शिक्षकों की कमी तथा क्लासरूम की कमी की ओर जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने जीवन में पढ़ाई के दौरान आने वाले भटकाव से बचने का उपाय पूछते हुए कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का है और उन्होंने जिला पदाधिकारी से मार्गदर्शन मांगा। कक्षा 9 की छात्रा शिवानी कुमारी ने अपनी भविष्य की आकांक्षाओं को साझा करते हुए कहा कि जिला पदाधिकारी से मिलना उनके लिए प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने विद्यालय के आसपास स्ट्रीट लाइट एवं साफ-सफाई जैसी समस्याओं को भी उठाया। *‘समस्या की पहचान से समाधान और फिर बदलाव की ओर बढ़ें’* छात्राओं की बात सुनने के बाद जिला पदाधिकारी ने मुस्कुराते हुए उनसे संवाद को परिचर्चा का रूप दिया। उन्होंने पूछा कि “मेरे सामने अपनी समस्या रखने से पहले क्या आपने कभी सोचा कि इस समस्या से कैसे निकला जा सकता है?” उन्होंने टीजिंग जैसी घटना की स्थिति में छात्राओं से पूछा कि वे किस प्रकार प्रतिक्रिया देंगी। छात्राओं ने क्रमशः बताया कि ऐसी स्थिति में पहले स्थिति को समझना, आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों एवं शिक्षकों को बताना, स्कूल प्रबंधन को सूचित करना तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस-प्रशासन की मदद लेना चाहिए। जिला पदाधिकारी ने छात्राओं के जवाबों को सराहते हुए कहा कि जीवन में किसी भी समस्या के समाधान के लिए पहला चरण समस्या की पहचान है। इसके बाद यह तय करना जरूरी है कि जो हो रहा है वह सही है या गलत। यदि गलत है तो उसे बदलने के लिए निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि “जब आप स्वयं निर्णय लेना और उसके लिए आगे बढ़ना सीखती हैं, तभी नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।” *‘ईश्वर उसी की मदद करता है, जो अपनी मदद खुद करता है’* छात्राओं को प्रेरित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि अंग्रेजी की प्रसिद्ध उक्ति “God helps those who help themselves” का सीधा अर्थ है कि ईश्वर उसी की मदद करता है जो अपनी मदद स्वयं करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी समस्या को छोटा समझकर नजरअंदाज न करें। मोबाइल या कोई सामान खो जाने पर लोग तुरंत शिकायत करते हैं, लेकिन टीजिंग या छेड़खानी की घटनाओं की शिकायत कई बार नहीं की जाती। इससे प्रशासन को यह पता ही नहीं चल पाता कि किस स्थान पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि “आपकी शिकायत प्रशासन के लिए केवल शिकायत नहीं है, बल्कि समस्या वाले स्थान की पहचान करने में मदद है।” जिला पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में छात्राओं द्वारा बताई गई संवेदनशील जगहों पर 112 की गाड़ियों एवं पुलिस प्रशासन की टीम की तैनाती की गई है। साथ ही विद्यालयों के स्तर पर नियमित फॉलोअप एवं निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। *‘आवाज़ उठाइए, Vocal बनिए—आप ही भविष्य हैं’* जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को निडर होकर अपनी बात रखने की सलाह देते हुए कहा कि “मौन मत रहिए, Vocal बनिए। आपकी Presence सबको पता होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि छात्राएं नालंदा, बिहार और देश का भविष्य हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने आसपास होने वाली गलत चीजों के प्रति सजग रहें और सही समय पर आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि जब आप भविष्य में इस कुर्सी पर बैठें, तब आपको इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसका अर्थ होगा कि समाज में बदलाव आया है।” *तकनीक और AI को बनाएं समाधान का माध्यम* जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को वर्तमान समय को तकनीक एवं AI का दौर बताते हुए कहा कि यदि किसी समस्या का समाधान समझ में नहीं आ रहा है तो इंटरनेट एवं AI की सहायता से समाधान के विकल्प खोजे जा सकते हैं। उन्होंने छात्राओं के सामने एक छात्रा को बुलाकर AI से सवाल पूछवाया और उसका लाइव डेमो प्रस्तुत किया। AI द्वारा दिए गए सुझावों को छात्राओं द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक समस्या के समाधान के नए रास्ते दिखा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI से प्राप्त हर जानकारी को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय उसे समझना, जांचना और अपनी आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “आपकी परेशानी का जवाब आपकी fingertips पर है। मदद का रास्ता खोजिए, आपको कई रास्ते दिखाई देने लगेंगे।” सरकारी प्लेटफॉर्म एवं ‘माई भारत’ पोर्टल से जुड़ने की अपील* जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को जिला प्रशासन, बिहार सरकार एवं भारत सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को फॉलो करने की सलाह दी, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, अवसरों एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं की अद्यतन जानकारी मिलती रहे। उन्होंने छात्राओं को ‘माई भारत’ पोर्टल से जुड़ने एवं स्वयं को रजिस्टर करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी एवं उनके विकास के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से उपयोगी मंच है। विभिन्न गतिविधियों एवं क्विज आदि में भाग लेकर छात्राएं नए अनुभव और ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं। *समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश* संवाद के दौरान छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्यालय में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। विद्यालय एवं आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। विद्यालय क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। छात्राओं द्वारा बताई गई सुरक्षा संबंधी समस्याओं के स्थानों पर आवश्यक निगरानी एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। *छात्राओं को कराया गया ICCC एवं वन स्टॉप सेंटर का एक्सपोजर विजिट* संवाद कार्यक्रम के उपरांत छात्राओं को व्यावहारिक जानकारी देने एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र से परिचित कराने के उद्देश्य से Integrated Command and Control Centre (ICCC) एवं One Stop Centre का एक्सपोजर विजिट कराया गया। ICCC में छात्राओं को शहर में सुरक्षा एवं निगरानी के लिए लगाए गए 491 CCTV कैमरों का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया। साथ ही शहर के 15 प्रमुख क्षेत्रों में स्थापित Public Address System तथा 10 प्रमुख स्थानों पर स्थापित Emergency Call Box (ECB) की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि आपात स्थिति में ECB के हेल्प बटन के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है। वन स्टॉप सेंटर के भ्रमण के दौरान छात्राओं को पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, आपातकालीन सहायता, विधिक सहायता, काउंसलिंग एवं चिकित्सा सहायता सहित उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई। इस संवाद एवं एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला परियोजना प्रबंधक (DPM), जिला मिशन समन्वयक, तथा विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी ने सभी छात्राओं के उज्ज्वल एवं स्वर्णिम भविष्य की कामना की। Samrat Choudhary CMO Bihar Mithilesh Kumar Tiwari Information & Public Relations Department, Government of Bihar ICDS Directorate Bihar Bihar Education Department

Nalanda, Bihar | Aug 8, 2026

01.प्रेस विज्ञप्ति
      नालंदा।
-------------------

दिनांक: 07 अगस्त 2026
स्थान: आत्मा सभागार, बिहारशरीफ (नालंदा)

**दलहन की वैज्ञानिक खेती विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन**

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), नालंदा द्वारा आज दिनांक 07 अगस्त 2026 को आत्मा सभागार, बिहारशरीफ में "दलहन की वैज्ञानिक खेती" विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को दलहन, विशेषकर अरहर (तूर) की वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराकर उत्पादन एवं आय में वृद्धि करना था।
कार्यक्रम में जिले के सभी 20 प्रखंडों से लगभग 150 प्रगतिशील किसान उपस्थित हुए। साथ ही सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि | आत्मा की प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) एवं आत्मा नालंदा की प्रीति कुमारी सहित कृषि विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उप परियोजना निदेशक, आत्मा, नालंदा श्री धनंजय कुमार सिंह ने सभी किसानों एवं अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने जिले में दलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार, उत्पादकता बढ़ाने तथा वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का भी आह्वान किया।
मुख्य वक्ता के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), हरनौत के वैज्ञानिक श्री उमेश नारायण उमेश ने अरहर की वैज्ञानिक खेती पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरहर की खेती के लिए जल निकास वाली दोमट अथवा बलुई दोमट भूमि सर्वोत्तम होती है। किसानों को प्रमाणित एवं उन्नत किस्मों का चयन कर समय पर बुवाई करनी चाहिए।
उन्होंने किसानों को निम्न महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दीं—
खेत की 2–3 बार अच्छी जुताई कर समतल एवं भुरभुरी भूमि तैयार करें।
प्रमाणित एवं रोगमुक्त बीज का उपयोग करें तथा बुवाई से पूर्व राइजोबियम एवं पीएसबी कल्चर से बीजोपचार अवश्य करें।
अनुशंसित दूरी पर कतारों में बुवाई करने से पौधों का उचित विकास होता है।
मिट्टी जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें तथा सल्फर एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी उपयोग करें।
समय-समय पर खरपतवार नियंत्रण, जल निकासी तथा आवश्यक सिंचाई की व्यवस्था करें।
फली छेदक एवं अन्य कीटों की नियमित निगरानी कर समेकित कीट प्रबंधन (IPM) अपनाएं।
फसल पकने पर समय पर कटाई एवं उचित भंडारण से उपज की गुणवत्ता बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान अरहर की उपज एवं गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण ने किसानों को दाल मिल की उपयोगिता, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं बेहतर विपणन के संबंध में जानकारी दी तथा बताया कि प्रसंस्करण के माध्यम से किसान अपनी आय में अतिरिक्त वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया तथा वैज्ञानिक खेती अपनाने का संकल्प दिलाया गया। किसानों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
जारीकर्ता:
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), नालंदा।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Department of Agriculture, Government of Bihar

01.प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ------------------- दिनांक: 07 अगस्त 2026 स्थान: आत्मा सभागार, बिहारशरीफ (नालंदा) **दलहन की वैज्ञानिक खेती विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन** कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), नालंदा द्वारा आज दिनांक 07 अगस्त 2026 को आत्मा सभागार, बिहारशरीफ में "दलहन की वैज्ञानिक खेती" विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को दलहन, विशेषकर अरहर (तूर) की वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराकर उत्पादन एवं आय में वृद्धि करना था। कार्यक्रम में जिले के सभी 20 प्रखंडों से लगभग 150 प्रगतिशील किसान उपस्थित हुए। साथ ही सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि | आत्मा की प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) एवं आत्मा नालंदा की प्रीति कुमारी सहित कृषि विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उप परियोजना निदेशक, आत्मा, नालंदा श्री धनंजय कुमार सिंह ने सभी किसानों एवं अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने जिले में दलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार, उत्पादकता बढ़ाने तथा वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का भी आह्वान किया। मुख्य वक्ता के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), हरनौत के वैज्ञानिक श्री उमेश नारायण उमेश ने अरहर की वैज्ञानिक खेती पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरहर की खेती के लिए जल निकास वाली दोमट अथवा बलुई दोमट भूमि सर्वोत्तम होती है। किसानों को प्रमाणित एवं उन्नत किस्मों का चयन कर समय पर बुवाई करनी चाहिए। उन्होंने किसानों को निम्न महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां दीं— खेत की 2–3 बार अच्छी जुताई कर समतल एवं भुरभुरी भूमि तैयार करें। प्रमाणित एवं रोगमुक्त बीज का उपयोग करें तथा बुवाई से पूर्व राइजोबियम एवं पीएसबी कल्चर से बीजोपचार अवश्य करें। अनुशंसित दूरी पर कतारों में बुवाई करने से पौधों का उचित विकास होता है। मिट्टी जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें तथा सल्फर एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी उपयोग करें। समय-समय पर खरपतवार नियंत्रण, जल निकासी तथा आवश्यक सिंचाई की व्यवस्था करें। फली छेदक एवं अन्य कीटों की नियमित निगरानी कर समेकित कीट प्रबंधन (IPM) अपनाएं। फसल पकने पर समय पर कटाई एवं उचित भंडारण से उपज की गुणवत्ता बनी रहती है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान अरहर की उपज एवं गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण ने किसानों को दाल मिल की उपयोगिता, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं बेहतर विपणन के संबंध में जानकारी दी तथा बताया कि प्रसंस्करण के माध्यम से किसान अपनी आय में अतिरिक्त वृद्धि कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया तथा वैज्ञानिक खेती अपनाने का संकल्प दिलाया गया। किसानों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। जारीकर्ता: कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), नालंदा। Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Department of Agriculture, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Aug 7, 2026

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ---------------- आज दिनांक 15/07/2026 को नालंदा खुला विश्वविद्यालय में बिहार के माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन का आगमन हुआ। विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलपति प्रोफेसर रवींद्र कुमार, कुलसचिव प्रोफेसर अभय कुमार सिंह तथा विश्वविद्यालय परिवार द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों के समन्वयक एवं शिक्षकों में प्रोफेसर बीना प्रसाद, प्रोफेसर बद्री नारायण सिंह, प्रोफेसर बी. के. मिश्रा, प्रोफेसर पूनम सिंह, प्रोफेसर पी. के. पोद्दार, प्रोफेसर श्याम नंदन, प्रोफेसर विमला प्रसाद, प्रोफेसर धर्मशीला प्रसाद, डॉ. अमरनाथ पाण्डेय, डॉ. पल्लवी, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. संगीता कुमारी, सरफराज आलम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। माननीय कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय परिसर का भौतिक निरीक्षण किया तथा प्रधानमंत्री उषा (PM-USHA) परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित ऑनलाइन क्लास स्टूडियो एवं मास कम्युनिकेशन स्टूडियो का विधिवत लोकार्पण किया। अपने संबोधन में कुलाधिपति ने कहा कि वर्तमान समय मास मीडिया और संचार का युग है। अपनी बातों, उपलब्धियों एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से दुनिया तक पहुंचाने के लिए आधुनिक संचार माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध का नालंदा की धरती से गहरा संबंध है, किंतु विश्व के अनेक लोगों को इसकी समुचित जानकारी नहीं है, क्योंकि हम अपनी विरासत और उपलब्धियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार नहीं कर पाए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का बुद्धिमत्तापूर्ण एवं सकारात्मक उपयोग कर समाज तथा राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। कुलपति प्रोफेसर रवींद्र कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि विश्वविद्यालयों की प्रगति एवं विकास कार्यों का स्वयं निरीक्षण करने की कुलाधिपति की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नालंदा खुला विश्वविद्यालय इस महत्वपूर्ण पहल की प्रथम कड़ी बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है तथा कुलाधिपति के मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। कार्यक्रम में बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, नालंदा की जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी, अपर समाहर्ता श्री राजीव रंजन कुमार सिन्हा, सहित राज्य एवं जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. किरण पाण्डेय ने किया। अंत में उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय कुलाधिपति के मार्गदर्शन को विश्वविद्यालय के विकास के लिए प्रेरणादायी बताया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Nalanda University, Rajgir Nava Nalanda Mahavihara Nalanda Department of Tourism, Government of Bihar Press Information Bureau - PIB, Government of India #GovernorOfBihar #LtGenSyedAtaHasnain Nalanda Education Centre Bihar Education Department - Nalanda News