प्रेस विज्ञप्ति
स्थान : नालंदा
दिनांक : 22 अगस्त 2026
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालंदा
“बड़ा बदलाव लाने के लिए छोटी-छोटी आहुतियाँ देनी पड़ती हैं—आपकी आवाज ही बदलाव की पहली सीढ़ी है”: जिला पदाधिकारी
• ‘सहे नहीं, कहे’—अन्याय एवं उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं।
• बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
• बड़े बदलाव की शुरुआत छोटी-छोटी सकारात्मक पहलों से होती है।
• समस्या होने पर शिक्षक, अभिभावक, प्रशासन अथवा उपलब्ध सहायता तंत्र से संपर्क करें।
• अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ें।
*बिहारशरीफ (नालंदा)*। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत बालिका उच्च विद्यालय, सोहसराय की छात्राओं के साथ जिला पदाधिकारी, नालंदा श्रीमती उदिता सिंह ने संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। संवाद के दौरान छात्राओं ने अपने सपनों, सामाजिक चुनौतियों, विद्यालय की समस्याओं तथा जिले के विकास को लेकर अपने विचार खुलकर साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं से उनके भविष्य के सपनों और पसंदीदा करियर के बारे में बातचीत से हुई। छात्राओं ने पायलट, डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, वकील, आईएएस, इंडियन आर्मी, शिक्षक, जज एवं सिविल सर्वेंट बनने की इच्छा व्यक्त की।
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अपने लक्ष्य को लेकर आत्मविश्वास बनाए रखें और शिक्षा को अपने सपनों की सबसे मजबूत नींव बनाएं।
*“जहां गलत हो रहा है, वहां आवाज उठाइए”*
संवाद के दौरान छात्राओं ने बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। एक छात्रा ने भावुक होकर बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार लड़कियों की कम उम्र में शादी कर दी जाती है, जिससे उनके सपने अधूरे रह जाते हैं।
इस पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह सहित किसी भी सामाजिक कुरीति की जानकारी मिलने पर प्रशासन को अवश्य सूचित करें। प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन कार्रवाई तभी संभव है जब लोग सामने आकर अपनी बात कहें। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के मामलों में सबसे पहले काउंसलिंग के माध्यम से परिवार को जागरूक किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा—
“सहे नहीं, कहे। गलत को गलत कहने का साहस रखिए। कानून में प्रावधान हैं, लेकिन उनका लाभ तभी मिलेगा जब हम अपनी आवाज उठाएंगे।”
* समस्या समाधान के कई रास्ते खुले हैं*
एक छात्रा ने बताया कि कई बार अभिभावक बेटियों को चुप रहने की सलाह देते हैं और समस्या बताने पर उन्हें ही डांट पड़ती है। इस पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति में छात्राएं अपनी शिक्षिका, प्रधानाध्यापिका अथवा भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि बड़े बदलाव अचानक नहीं आते। छोटी-छोटी पहल और निरंतर प्रयास से ही बड़े लक्ष्य हासिल होते हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में हताश या निराश नहीं होना है। धैर्य के साथ आगे बढ़ना है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कभी-कभी व्यक्तिगत स्तर पर साहस दिखाना पड़ता है। “बड़े बदलाव के लिए छोटी-छोटी आहुति देनी पड़ती है। यदि हम गलत को देखकर चुप रहेंगे, तो गलत होता रहेगा; लेकिन आवाज उठाएंगे तो बदलाव जरूर आएगा।”
उन्होंने छात्राओं को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रशासन तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया।
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बेटियों को अपने अधिकारों, कानूनों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अवसर प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आवश्यकता पड़ने पर अपनी आवाज उठाना भी है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने सपनों को छोटा न होने दें, निरंतर सीखें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें। “आपकी आवाज आपकी ताकत है। आप बोलेंगी, तभी व्यवस्था आपके साथ खड़ी होकर समाधान तक पहुंचेगी।”
*छात्राओं ने रखीं विद्यालय एवं क्षेत्र की समस्याएं*
संवाद के दौरान छात्राओं ने विद्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों की कई समस्याओं से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया। इनमें प्रमुख रूप से—
विद्यालय में हिंदी, विज्ञान एवं आर्ट्स विषयों के शिक्षकों की कमी।
स्वच्छ पेयजल एवं अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता।
विद्यालय भवन का कई बार सुरक्षा बलों के आवासन के लिए उपयोग होने से शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ने वाला प्रभाव।
क्षेत्र के अब्राह्मपुर गांव में पेयजल की समस्या।
जिला पदाधिकारी ने छात्राओं की बातों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आईसीसीसी में छात्राओं ने समझी शहर की सुरक्षा व्यवस्था
संवाद कार्यक्रम के बाद छात्राओं को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का एक्सपोजर विजिट कराया गया। नोडल पदाधिकारी ICCC श्री गुलरेज आलम ने छात्राओं को शहर की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी।
छात्राओं को शहर में लगाए गए 491 कैमरों, 15 प्रमुख क्षेत्रों में स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा 10 प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इमरजेंसी कॉल बॉक्स की कार्यप्रणाली समझाई गई। छात्राओं को बताया गया कि आपात स्थिति में हेल्प बटन के माध्यम से तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।
वन स्टॉप सेंटर में बाल विवाह, दहेज एवं घरेलू हिंसा की दी गई जानकारी
इसके बाद छात्राओं ने वन स्टॉप सेंटर का भ्रमण किया। नोडल पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास निगम सह जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली एवं यहां उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी।
छात्राओं को बाल विवाह, दहेज प्रथा एवं घरेलू हिंसा के कानूनी पहलुओं से अवगत कराया गया। साथ ही संकट की स्थिति में महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध संरक्षण, परामर्श एवं अन्य निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई। छात्राओं से खुलकर बातचीत करते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की छेड़खानी, उत्पीड़न अथवा असुरक्षा की स्थिति में चुप न रहने तथा तुरंत किसी विश्वसनीय व्यक्ति अथवा संबंधित संस्था को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश—बेटियों के सपनों और सुरक्षा के साथ खड़ा है जिला प्रशासन
कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला मिशन समन्वयक, मनो-सामाजिक परामर्शदाता, विद्यालय की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Education Department
ICDS Directorate Bihar
7 views | Nalanda, Bihar | Aug 22, 2026