#बालाघाट
सेक्टर पर्यवेक्षक की पहल से गंभीर कुपोषित बालक आयुष को NRC में कराया गया भर्ती
लगातार फॉलोअप और काउंसलिंग से परिजनों को समझाया, बालक को मिला उपचार और पोषण का सहारा
बालाघाट, 26 अगस्त। । कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से बच्चों को बचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे के मार्गदर्शन में सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अनामिका जैन द्वारा गंभीर कुपोषित बालक को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशील पहल की गई। उनके लगातार फॉलोअप, गृह भेंट और समझाइश के परिणामस्वरूप आंगनवाड़ी केंद्र सोनखार के 11 माह के बालक आयुष पटले को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) बालाघाट में भर्ती कराया गया है।
जुलाई में गंभीर कुपोषित श्रेणी में हुआ था चिन्हित
आंगनवाड़ी केंद्र सोनखार के अंतर्गत जुलाई माह में बालक आयुष पटले की स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति का परीक्षण किया गया था। जांच के दौरान बालक को Severe Acute Malnutrition (SAM) यानी गंभीर रूप से कुपोषित श्रेणी में चिन्हित किया गया। उस समय बालक की उम्र 11 माह, वजन 7 किलोग्राम और ऊंचाई 75 सेंटीमीटर दर्ज की गई थी। उसकी उम्र के अनुपात में यह स्थिति गंभीर कुपोषण की ओर संकेत कर रही थी। बालक के गंभीर कुपोषित पाए जाने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले द्वारा उसके स्वास्थ्य की निगरानी और नियमित फॉलोअप शुरू किया गया।
घर पहुंचकर लगातार किया फॉलोअप
बालक की स्थिति को देखते हुए सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अनामिका जैन द्वारा लगातार गृह भेंट की गई। इस दौरान उन्होंने बालक के स्वास्थ्य, खान-पान एवं पोषण संबंधी स्थिति की जानकारी ली तथा परिजनों को आवश्यक सलाह दी। 25 अगस्त 2026 को भी पर्यवेक्षक द्वारा बालक के घर पहुंचकर परिजनों से विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने माता-पिता एवं अन्य परिजनों को गंभीर कुपोषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही बालक को बेहतर उपचार, विशेष पोषण आहार और चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराने के लिए उसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की आवश्यकता समझाई।
समझाइश का मिला सकारात्मक परिणाम
पर्यवेक्षक की निरंतर समझाइश और काउंसलिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया। परिजनों ने बालक के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उसे NRC में भर्ती कराने की सहमति दी। इसके बाद 26 अगस्त 2026 को बालक आयुष पटले को जिला मुख्यालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), बालाघाट में सुरक्षित रूप से भर्ती कराया गया। NRC में अब बालक को चिकित्सकीय निगरानी के साथ आवश्यक पोषण आहार एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञों की देखरेख में बालक की स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष की NRC में भर्ती की यह पहल बताती है कि कुपोषण के खिलाफ केवल योजनाओं का संचालन ही नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी, गृह भेंट, परिवार की काउंसलिंग और समय पर उपचार तक पहुंच भी बेहद महत्वपूर्ण है।
परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे के मार्गदर्शन में सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अनामिका जैन द्वारा किए गए लगातार फॉलोअप और संवेदनशील प्रयास से गंभीर कुपोषित बालक को समय रहते विशेष उपचार और पोषण की सुविधा मिल सकी। महिला एवं बाल विकास विभाग का यह प्रयास कुपोषण से प्रभावित बच्चों को स्वस्थ जीवन की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभाग द्वारा अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि बच्चों के वजन, ऊंचाई, खान-पान और स्वास्थ्य में किसी प्रकार की कमी दिखाई देने पर तत्काल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक अथवा स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले से संपर्क करें, ताकि बच्चे की स्थिति का समय पर परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं पोषण सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
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28 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Aug 26, 2026