चंद्रविजय महाविद्यालय में सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ
रिसर्च मेथडोलॉजी पर विशेषज्ञ ने शिक्षकों को दी शोध की बारीकियां, 45 प्रोफेसर्स ने कराया पंजीयन
डिंडौरी के शासकीय चंद्रविजय महाविद्यालय डिंडौरी में पीएम उषा कंपोनेंट-3 के अंतर्गत सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. अमर सिंह बुद्धे के मार्गदर्शन में शेडमैप, उद्यमिता विकास केंद्र डिंडौरी के तत्वावधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम में रिसर्च मेथडोलॉजी विषय पर विशेषज्ञ डॉ. रत्नेश तिवारी ने शिक्षकों को शोध की आधारभूत अवधारणाओं, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुनगा, हल्दी सहित विभिन्न औषधीय पौधों पर किए जा रहे अनुसंधानों के उदाहरणों के माध्यम से शोध की उपयोगिता को सरल तरीके से समझाया।
पीएम उषा परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार बेलिया ने कहा कि यह प्रशिक्षण शोध कार्य में जुटे शिक्षकों के लिए उपयोगी साबित होगा। साथ ही वरिष्ठ प्राध्यापकों को भविष्य में शोध मार्गदर्शक के रूप में आगे बढ़ने में भी यह कार्यक्रम मददगार होगा।
45 शिक्षकों ने कराया पंजीयन
सात दिवसीय शोध प्रविधि कार्यक्रम में लगभग 45 प्रोफेसर्स एवं शिक्षकों ने पंजीयन कराया है। कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. पार्वती कुशराम ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और समय-सारिणी से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
विद्यार्थियों को भी मिल रहा कौशल प्रशिक्षण
शेडमैप की ओर से विद्यार्थियों के लिए ब्यूटी एंड वेलनेस, मार्केटिंग एंड सेल्स प्रमोशन तथा कंप्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग एवं सीसीटीवी इंस्टॉलेशन विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इनमें करीब 40-40 विद्यार्थी प्रतिदिन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं स्टाफ मौजूद रहे।
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