जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस, सीएम हेल्पलाइन की गंभीर शिकायतों पर प्रशासन सख्त
बैठक से अनुपस्थिति, अधीनस्थों पर नियंत्रण में लापरवाही और पैसे लेने के आरोपों वाली शिकायतों के बाद कार्रवाई
डिंडौरी जिला जेल की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई गंभीर शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समय-सीमा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में उदासीनता तथा अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
31 अगस्त को आयोजित समय-सीमा बैठक में जेल अधीक्षक बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित पाए गए। नोटिस में उल्लेख है कि उन्हें पूर्व में प्रत्येक समय-सीमा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद उनके स्थान पर अधीनस्थ कर्मचारी को भेजे जाने और उसके भी समय पर उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई है।
पैसे लेने की शिकायतों ने बढ़ाई मुश्किल
विगत माह जेल से संबंधित सीएम हेल्पलाइन में दो गंभीर शिकायतें दर्ज हुई थीं। शिकायतकर्ता गायत्री बनवासी ने कार्यवाहक प्रमुख प्रहरी जयलाल कोल पर सब्जी और दवाई मंगाकर राशि नहीं देने तथा प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद दिए गए लिखित कथन के अनुसार, 18 अगस्त को उन्हें 13 हजार रुपये नगद वापस किए गए।
वहीं घनश्याम साहू की शिकायत में आरोप लगाया गया कि राशि नहीं देने के कारण जेल में भोजन ठीक से नहीं दिया जा रहा है। इन शिकायतों के बाद जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था, अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण और बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
प्रशासन ने माना गंभीर लापरवाही
नोटिस में कहा गया है कि परिस्थितियों से प्रथम दृष्टया जेल अधीक्षक द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं सतत पर्यवेक्षण नहीं किए जाने की स्थिति सामने आती है। साथ ही जेल मैन्युअल के अनुरूप भोजन की गुणवत्ता पर अपेक्षित ध्यान नहीं देने को भी पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया है।
जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारी से पूछा है कि उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न प्रस्तावित की जाए।
सात दिन में देना होगा जवाब
जेल अधीक्षक को नोटिस प्राप्त होने के 7 दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं समय-सीमा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के मामले में 3 सितंबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है।
निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अब पूरे मामले में जेल अधीक्षक के जवाब और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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