दुर्गाधार बोरा में पशुपालन विभाग की बड़ी पहल, 56 पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने की कवायद!!
पशुधन की सेहत और बेहतर पोषण पर जोर, 23 महिला पशुपालकों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, 130 किलो उन्नत चारा बीज वितरित,,
रुद्रप्रयाग। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पशुपालन को स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बनाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने दुर्गाधार बोरा में जागरूकता अभियान चलाकर पशुपालकों को विभागीय योजनाओं, पशु स्वास्थ्य और बेहतर पोषण के प्रति जागरूक किया। शनिवार को आयोजित शिविर में 56 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया, जिनमें 23 महिला पशुपालक भी शामिल रहीं। शिविर के दौरान पशुओं के लिए 130 किलोग्राम चारा बीज वितरित कर चारा उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल की गई।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत के निर्देश पर आयोजित शिविर में विभागीय अधिकारियों ने पशुपालकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए पशुपालन को आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया गया।
बीमारियों से बचाव और पोषण पर विशेष जोर
शिविर में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराने की अपील की गई। पशुपालकों को पशुओं की नियमित देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन और संतुलित आहार के महत्व से अवगत कराया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि पशुधन का बेहतर स्वास्थ्य और पौष्टिक आहार पशुपालन की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
120 किलो जई और 10 किलो बरसीम का बीज बांटा,
पशुओं को पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुल 130 किलोग्राम चारा बीज वितरित किया गया। इसमें 120 किलोग्राम जई और 10 किलोग्राम बरसीम का बीज शामिल रहा। इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को अपने स्तर पर चारा उत्पादन बढ़ाने और पशुओं के पोषण में सुधार के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
डॉ. रचना थपलियाल ने कहा कि पशुपालकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पशुओं के नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य देखभाल और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना जरूरी है। इससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और पशुपालन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
शिविर के आयोजन में पशुधन प्रसार अधिकारी सत्यदेव, पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी विशेश्वरी देवी और वैक्सीनेटर आरती देवी ने योगदान दिया। पशुपालकों की सक्रिय भागीदारी के साथ जागरूकता शिविर संपन्न हुआ।