ज़िलाधिकारी ने अभियंताओं एवं अधिकारियों को बागमती नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण में तेजी लाने का दिया निर्देश
डीएम ने भू-अर्जन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का दिया निर्देश
ज़िलाधिकारी, मुज़फ़्फ़रपुर ने BSHP-IV अंतर्गत बागमती नदी पर उच्च स्तरीय पुल (Bund to Bund Bridge/Elevated Road) तथा गरहाँ (NH-57)-हथौड़ी-अतरार-बावनगमा-औराई पथ, जिसकी कुल लंबाई 21.30 किलोमीटर है, के अंतर्गत बागमती नदी पर उच्च स्तरीय पुल के संरचना निर्माण कार्य में प्रगति का जायज़ा लेने के लिए आज स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, उपमहाप्रबंधक (तकनीकी), परियोजना कार्यान्वयन इकाई, मुजफ्फरपुर तथा परियोजना प्रबंधक, M/s PNC Infratech Limited उपस्थित थे।
स्थल निरीक्षण के दौरान परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति, भू-अर्जन तथा निर्माण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी द्वारा मौजा-गिद्धा उर्फ फारूखीपुर से संबंधित भू-अर्जन कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बागमती नदी पर उच्च स्तरीय पुल के निर्माण के क्रम में मौजा अतरार में एबटमेंट (Abutment) निर्माण हेतु आवश्यक भूमि के अधिग्रहण तथा आरेखन में आने वाली संरचनाओं का नियमानुसार भुगतान कर उन्हें हटाने (Dismantling) की कार्रवाई के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
ज़िलाधिकारी ने बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अभियंताओं एवं अधिकारियों को बागमती नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने पुल निर्माण के लिए आवश्यक भू-अर्जन की प्रक्रिया को शीघ्रता एवं प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही भू-अर्जन मद में संभावित व्यय की अनुमानित राशि की मांग BSRDC से करने हेतु भी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया।
*परियोजना से क्षेत्र को मिलेगा व्यापक लाभ*
ज़िलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2029 के मार्च तक इस परियोजना को पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बन जाने से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। बागमती नदी पर प्रस्तावित उच्च स्तरीय पुल एवं संबंधित सड़क परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में बाढ़ के दौरान भी निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही आपदा एवं बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में उद्योग एवं निवेश, छोटे व्यवसाय, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।