मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान अंतर्गत उद्यम एवं यशस्वी संवाद आयोजित
हितग्राहियों ने साझा की सफलता की कहानी, स्वरोजगार से जीवन में आए बदलाव के बताए अनुभव
5 लीटर दूध से शुरुआत कर 100 लीटर तक पहुंचाया उत्पादन, कुल्फी उत्पादन से श्री नागर सिंह डोडवा बने सफल उद्यमी
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 अंतर्गत विकासखंड रामा में उद्यम एवं यशस्वी संवाद का आयोजन किया गया। संवाद के दौरान स्वरोजगार एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार शासन की योजनाओं, आधुनिक खेती, पशुपालन, आजीविका मिशन एवं स्वरोजगार गतिविधियों से उनकी आय में वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई।
नेट हाउस से खेती बनी लाभ का व्यवसाय
श्री प्रभु ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले वे परंपरागत खेती करते थे, जिसमें लगभग तीन क्विंटल सोयाबीन और चार क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता था तथा उनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं था। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से उन्होंने मिर्च के पौधे लगाए, जिससे लगभग 80 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। इसके बाद उन्होंने नेट हाउस तैयार कर मुख्य रूप से खीरा-ककड़ी का उत्पादन प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि 120 क्विंटल उपज से लगभग 2 लाख 40 हजार रुपये प्राप्त हुए, जिसमें करीब 60 हजार रुपये का खर्च आया और लगभग 1 लाख 80 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। उन्होंने अन्य किसानों को भी नेट हाउस के माध्यम से आधुनिक एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पशुपालन के साथ दुग्ध उत्पादन बना आय का जरिया
श्री योगेंद्र परवर ने बताया कि वे खेती के साथ पशुपालन एवं डेयरी का कार्य करते हैं। शुरुआत में उनके पास एक गाय और एक भैंस थी तथा दूध बेचने में परेशानी आती थी। इसके समाधान के लिए उन्होंने दुग्ध संघ सोसायटी का गठन किया। शुरुआत में लगभग 35 लीटर दूध का उत्पादन होता था और वर्तमान में पूरी सोसायटी के माध्यम से करीब 100 लीटर दूध का कलेक्शन किया जा रहा है।
श्री नागर सिंह डोडवा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में दूध डेयरी का कार्य महज 5 लीटर दूध से शुरू किया था। वर्तमान में उनके पास 7 भैंस एवं 12 गाय हैं और दूध उत्पादन बढ़कर लगभग 100 लीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि उनके पास 6 बीघा जमीन थी और धीरे-धीरे पशुपालन को बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी आजीविका को मजबूत किया। वर्तमान में उन्हें एक लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने 9.5 लाख रुपये का ऋण लेकर कुल्फी एवं आइसक्रीम का प्लांट भी स्थापित किया है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर संगीता ने पढ़ाई भी आगे बढ़ाई और परिवार की आय भी
संगीता ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर था। पांच सदस्यीय परिवार में खेती के अलावा रोजगार का अन्य साधन नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई आती थी। समूह से जुड़ने से पहले उन्होंने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बाद पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने दसवीं उत्तीर्ण की और वर्तमान में 12वीं की पढ़ाई कर रही हैं। वे समूह की अध्यक्ष भी हैं और समूह से चार बार ऋण ले चुकी हैं। उन्होंने बच्चों के लिए किराना दुकान शुरू कराई तथा बहू को सिलाई का प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से जोड़ा। उन्होंने बताया कि अब परिवार की आय अच्छी है और ऋण की किश्त चुकाने में भी कोई परेशानी नहीं होती है।
आटा चक्की और केंचुआ खाद से बढ़ाई आमदनी
श्री वेस्ता बारिया ने बताया कि उन्होंने स्वयं की आटा चक्की स्थापित की है, जहां प्रतिदिन लगभग 10 से 12 परिवारों का आटा पीसा जाता है और इससे उन्हें प्रतिदिन करीब 500 रुपये तक का लाभ होता है। इसके साथ ही वे केंचुआ खाद का निर्माण एवं विक्रय कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।
आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद चंपा के जीवन में आया बदलाव
उद्यमी चंपा कालू निनामा ने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया। पहले वे केवल घरेलू कार्य करती थीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने ऋण लेकर दुकान प्रारंभ की और बाद में 3 लाख रुपये का ऋण भी प्राप्त किया। उन्होंने अपनी पांचों बेटियों की पढ़ाई जारी रखी है। इसके साथ ही वे लगभग 50 कड़कनाथ मुर्गियों का पालन कर उनके विक्रय से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से बेकरी व्यवसाय, दूसरों को भी दिया रोजगार
श्री चेतन कहार ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत उन्हें 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ था। इस राशि से उन्होंने बेकरी आइटम का व्यवसाय प्रारंभ किया। वर्तमान में व्यवसाय से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है और उनके द्वारा तीन से चार अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उद्यम एवं यशस्वी संवाद के माध्यम से हितग्राहियों की सफलता की कहानियों ने यह संदेश दिया कि शासन की स्वरोजगार एवं आजीविका योजनाओं का लाभ लेकर कृषि, पशुपालन, लघु व्यवसाय और उद्यमिता के माध्यम से आय के स्थायी स्रोत विकसित किए जा सकते हैं।
इस दौरान जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ सुश्री अवनधती प्रधान एवं समस्त जिला अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner General Administration Department, MP Jhabua Police
#Jhabua #JansamparkMP #JanVishwasAbhiyan2026
#हर_शुक्रवार_जनता_के_नाम