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PRO JS Jhabua

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पेटलावद को मिली विकास कार्यों की सौगात, मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किए करोड़ों रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों को मिली गति

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सोमवार को नगर परिषद पेटलावद में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास की नई सौगातें दीं। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न निर्माण एवं जनहितकारी कार्यों का शुभारंभ किया।
 
कार्यक्रम के दौरान पम्पावती नदी पर तेजाजी मंदिर से फूटा मंदिर तक सड़क निर्माण कार्य (लागत 481.49 लाख रुपये), अमृत 2.0 योजना अंतर्गत मुक्तिधाम में उद्यान निर्माण (लागत 14.54 लाख रुपये), वार्ड क्रमांक-8 में सामुदायिक भवन निर्माण (लागत 28.86 लाख रुपये) सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

अपने संबोधन में मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि पेटलावद क्षेत्र का प्रत्येक नागरिक उनके परिवार का सदस्य है और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वे निरंतर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विकास कार्यों की गति निरंतर बनी रहेगी और क्षेत्रवासियों को किसी भी प्रकार की कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि जनहित और विकास शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नवीन नवाचारों और योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। 

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को हरित एवं पर्यावरण समृद्ध बनाने के लिए उपयुक्त स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। उन्होंने अपनी विधानसभा को प्रदेश की आदर्श विधानसभा बनाने के संकल्प को भी दोहराया।

इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती ललिता योगेश गामड़, उपाध्यक्ष श्री किरण संजय कहार, जनपद अध्यक्ष श्री रमेश सोलंकी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से मिला संबल, ऑटो गैरेज संचालक बने आत्मनिर्भर 

मेहनत, अनुभव और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। इसका प्रेरणादायक उदाहरण थांदला निवासी श्री जितेश पंचाल हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना (MMUKY) के सहयोग से अपने सपने को साकार करते हुए सफल उद्यमी के रूप में पहचान बनाई है।

श्री जितेश पंचाल लंबे समय से ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग एवं इंजीनियरिंग कार्य से जुड़े हुए थे। अपने व्यवसाय का विस्तार करने की इच्छा के साथ उन्होंने वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 'मध्यभारत ऑटो गैरेज एंड इंजीनियरिंग वर्कशॉप' की स्थापना की।

व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए उन्हें बैंक ऑफ बड़ौदा, देवीगढ़ से 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। वहीं, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (DTIC), झाबुआ द्वारा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया गया। योजना के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों के साथ अपने प्रतिष्ठान को विकसित किया, जिसके परिणामस्वरूप आज उनका गैरेज क्षेत्र में विश्वसनीय सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है।

अपने अनुभव, परिश्रम और ग्राहकों के प्रति समर्पित कार्यशैली के बल पर श्री पंचाल का व्यवसाय लगातार प्रगति कर रहा है। वर्तमान में उनके प्रतिष्ठान के माध्यम से तीन लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है तथा उन्हें प्रतिमाह लगभग 45 हजार रुपये की आय अर्जित हो रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और परिवार के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

श्री जितेश पंचाल का कहना है कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का सहयोग नहीं मिलता, तो व्यवसाय का विस्तार कर आधुनिक स्तर पर कार्य करना संभव नहीं हो पाता। वे शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए युवाओं से अपील करते हैं कि वे भी स्वरोजगार आधारित योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।

श्री जितेश पंचाल की सफलता यह सिद्ध करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम और शासन की योजनाओं का समुचित लाभ लेकर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बना जा सकता है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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जनजातीय बालिकाओं को मिला आधुनिक शिक्षा एवं आवास का नया परिसर

2.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वीरांगना रानी दुर्गावती अजजा कन्या आश्रम के नवीन भवन का हुआ लोकार्पण

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने पेटलावद में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित 50 सीटर वीरांगना रानी दुर्गावती अनुसूचित जनजाति कन्या आश्रम (अंग्रेजी माध्यम) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 75 लाख 43 हजार रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त भवन जनजातीय बालिकाओं को सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि जब जनजातीय अंचल की बेटियां महानगरों के विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं, तो यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आवासीय सुविधाएं एवं समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि शासन ने छात्राओं के लिए आधुनिक परिसर उपलब्ध कराया है, अब इसे स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आश्रम भविष्य में अनेक प्रतिभाशाली छात्राओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस आश्रम को शीघ्र ही कक्षा 10वीं तक अंग्रेजी माध्यम में उन्नत करने के प्रयास किए जाएंगे।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से जनजातीय अंचलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को गति देकर सरकार युवाओं के लिए रोजगार एवं उन्नति के नए अवसर सुनिश्चित कर रही है।

जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री रमेश सोलंकी ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि शासन संसाधन और अवसर उपलब्ध करा सकता है, लेकिन अपनी प्रतिभा और मेहनत से समाज एवं देश का नाम रोशन करने की जिम्मेदारी विद्यार्थियों की है। उन्होंने कहा कि इन्हीं छात्राओं में भविष्य की प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक और राष्ट्र के सर्वोच्च पदों पर पहुंचने वाली बेटियां तैयार होंगी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने नवनिर्मित छात्रावास के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। 

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे।
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वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग की विशेष कार्यवाही जारी

आमजन से सप्ताह में एक दिन जलभराव की जांच कर मच्छरों की उत्पत्ति रोकने की अपील

वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव की स्थिति बनने से मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसे वाहक जनित रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए मच्छरों की उत्पत्ति को रोकना सबसे प्रभावी उपाय है। मच्छर सामान्यतः ठहरे हुए स्वच्छ पानी में अंडे देते हैं और लगभग सात दिनों में अंडे से लार्वा तथा लार्वा से वयस्क मच्छर बनकर बीमारी फैलाने लगते हैं। इसी कारण प्रत्येक सप्ताह घर एवं आसपास जमा पानी की जांच कर उसे तत्काल खाली करना आवश्यक है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला झाबुआ के निर्देशन में जिलेभर में डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर लार्वा सर्वे एवं फीवर सर्वे किया जा रहा है। पानी संग्रहित करने वाले कंटेनरों की नियमित जांच की जा रही है तथा जहां भी मच्छरों का लार्वा पाया जा रहा है, वहां कंटेनरों को खाली कर लार्वानाशी कीटनाशी (बीटीआई) का छिड़काव कर लार्वा का विनिष्टीकरण किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी से जून 2026 की अवधि में जिले में 1,06,267 घरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 283 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। इसी अवधि में 3,93,269 पानी संग्रहित करने वाले कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें 317 कंटेनरों में लार्वा मिलने पर तत्काल बीटीआई का उपयोग कर लार्वा नष्ट किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नियमित रूप से लार्वा सर्वे, फीवर सर्वे तथा लार्वानाशी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्रों में स्थानीय फील्ड वर्करों द्वारा वार्ड स्तर पर सर्वेक्षण एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नारे लेखन, पंपलेट वितरण एवं अन्य प्रचार-प्रसार माध्यमों के जरिए आमजन को मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि घरों में पानी संग्रहित करने वाले सभी बर्तन एवं कंटेनरों को हमेशा ढंककर रखें। पानी की टंकियों, कूलर, बाल्टी, ड्रम, फूलदान, गमलों तथा अन्य पात्रों की नियमित साफ-सफाई करें। घर एवं आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें तथा छतों पर रखे अनुपयोगी टायर, डिब्बे, गमले एवं अन्य वस्तुओं में पानी एकत्र न होने दें। घरों में मच्छररोधी जाली लगाएं, पूरी बांह के कपड़े पहनें तथा दिन एवं रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी आग्रह किया है कि यदि परिवार के किसी सदस्य को बुखार आए तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र अथवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर रक्त की जांच अवश्य कराएं। डेंगू की एलाइजा जांच जिला चिकित्सालय में निःशुल्क उपलब्ध है। विभाग ने नागरिकों से स्वयं जागरूक रहने एवं मच्छरजनित रोगों की रोकथाम में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है।
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मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को वितरित की साइकिलें

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए छात्र-छात्राओं को 125 साइकिलों का वितरण किया। 

इस अवसर पर मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को साइकिल मिलने से उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी तथा वे अधिक उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध करा रही है। छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर कठिन परिश्रम करना चाहिए। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है और आगे भी विद्यार्थियों के हित में अनेक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराती रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने सभी विद्यार्थियों को साइकिल प्राप्त होने पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयीन स्टाफ, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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रोटला विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया वृक्षारोपण

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का लिया जायजा

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोटला के भ्रमण के दौरान विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से पौधों की नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।

मंत्री सुश्री भूरिया ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

इस दौरान जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यालयीन स्टाफ एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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पीएम स्वनिधि योजना से आत्मनिर्भर बनीं श्रीमती कविता राठौर 

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों एवं स्वरोजगार से जुड़े हितग्राहियों के लिए आर्थिक संबल बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना का लाभ लेकर मेघनगर निवासी श्रीमती कविता पति श्री नरेन्द्र राठौर ने अपने छोटे व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

श्रीमती कविता राठौर को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक से प्रथम चरण में 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने एक छोटा सिलाई सेंटर एवं रेडीमेड कपड़ों की दुकान प्रारंभ की। व्यवसाय में मेहनत एवं लगन से कार्य करते हुए उन्होंने समय पर ऋण का भुगतान किया। इसके बाद उन्हें योजना के दूसरे चरण में 25 हजार रुपये तथा तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।

प्राप्त ऋण राशि से उन्होंने अपनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान का विस्तार किया तथा विभिन्न प्रकार के परिधानों के साथ अन्य आवश्यक सामग्री भी दुकान में उपलब्ध कराई। व्यवसाय बढ़ने से उनकी आय में निरंतर वृद्धि हुई और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हो गई।

आज श्रीमती कविता राठौर का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। व्यवसाय से प्राप्त आय से वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लिए भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला और आज उनका परिवार आर्थिक रूप से अधिक सक्षम एवं खुशहाल है।
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संरक्षित खेती से बदली किसान की तकदीर : शेडनेट हाउस से श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर की आय 24 गुना बढ़ी

MIDH योजना के तहत शेडनेट हाउस स्थापित कर खीरे की उन्नत खेती से प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय

उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित संरक्षित खेती (शेडनेट हाउस) योजना किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण विकासखंड पेटलावद के ग्राम मोहनपुरा निवासी प्रगतिशील कृषक श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर हैं, जिन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उल्लेखनीय आर्थिक सफलता हासिल की है।

श्री राठौर पूर्व में अपने खेत में सोयाबीन एवं गेहूं की पारंपरिक खेती करते थे। इससे उन्हें लगभग 25 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था। खेती पर लगभग 35 हजार रुपये की लागत आती थी, जबकि कुल आय 77 हजार रुपये तथा शुद्ध आय केवल 42 हजार रुपये रहती थी। सीमित आय के कारण कृषि से अपेक्षित आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा था।

MIDH योजना बनी आर्थिक बदलाव का आधार
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में श्री राठौर ने MIDH (Mission for Integrated Development of Horticulture) योजना के अंतर्गत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में शेडनेट हाउस की स्थापना की। इस परियोजना की कुल लागत 28.40 लाख रुपये रही, जिसमें शासन द्वारा 50 प्रतिशत अर्थात 14.20 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।

शेडनेट हाउस स्थापित होने के बाद उन्होंने उन्नत किस्म एफ-1 एमिस्टार (F1 Amistar) खीरे की खेती प्रारंभ की। संरक्षित खेती तकनीक अपनाने से उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

खीरे की खेती से मिली अभूतपूर्व सफलता
शेडनेट हाउस में खीरे की खेती से श्री राठौर को लगभग 800 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस खेती पर लगभग 6 लाख रुपये की लागत आई, जबकि कुल आय 16 लाख रुपये रही। सभी खर्चों के बाद उन्हें लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इस प्रकार उनकी शुद्ध आय 42 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 10 लाख रुपये हो गई, जो पूर्व की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बना मॉडल
श्री चन्द्रपाल सिंह राठौर का कहना है कि संरक्षित खेती के माध्यम से फसल पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का प्रभाव बहुत कम पड़ता है। उन्नत किस्मों का चयन, वैज्ञानिक खेती की तकनीकों का उपयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद होने से बाजार में बेहतर मूल्य भी मिलता है, जिससे आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

श्री राठौर की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों तथा शासन की योजनाओं का समुचित लाभ लें, तो कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय बनाया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर संरक्षित खेती अपनाने का संदेश दे रही है।
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स्वच्छ जल एवं डायरिया रोकथाम अभियान के तहत रामा में सचिवों को फील्ड टेस्टिंग किट का प्रशिक्षण एवं वितरण

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, झाबुआ द्वारा शुक्रवार को विकासखंड रामा के जनपद सभागृह में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सभी सचिवों को फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा जल गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किटों का वितरण भी किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामों में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के गठन एवं उसे सक्रिय रूप से संचालित करने, पेयजल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में जलजनित बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा सुरक्षित पेयजल के महत्व पर विशेष रूप से जागरूक किया गया। उपस्थित सचिवों को ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वच्छ जल, स्वच्छता एवं डायरिया की रोकथाम के प्रति जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर जिला स्तर से जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री सुनील चौहान, सहायक जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री संजय सोलंकी तथा एबीपी सुश्री दीपिका गवली उपस्थित रहीं। साथ ही जनपद पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रशिक्षण गतिविधि का संचालन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की विकासखंड समन्वयक श्रीमती अंकिता सोलंकी एवं पीएमयू-आईएसए के श्री राजेश डाबी द्वारा किया गया।
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म.प्र. में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधारेगी एम्स की तकनीक

महिला-बाल विकास और एम्स के मध्य होगा एमओयू फ्रंटलाइन वर्कर्स को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग मंत्री सुश्री भूरिया ने दिए साझेदारी को अंतिम रूप देने के निर्देश

प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों से लेकर दूरदराज के गाँवों तक मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी तस्वीर बदलने वाली है। महिला बाल विकास विभाग और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के मध्य एमओयू किया जायेगा। एमओयू से एम्स की हाईटेक तकनीक और विशेषता का लाभ सीधे फ्रंटलाइन वर्कर्स को मिलेगा। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने गुरूवार को मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक में इस साझेदारी को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आंगवाड़ी कार्यकर्ताओं को गंभीर कुपोषण की सटीक पहचान और त्वरित इलाज के लिए एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा स्पेशल क्लिनिकल ट्रेंनिंग दी जाएगी।

डेटा-संचालित निर्णय और फ्रंटलाइन वर्कर्स का सशक्तिकरण
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य व संपूर्ण पोषण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एम्स भोपाल की तकनीकी विशेषज्ञता से हमारे फ्रंटलाइन वर्कर्स और आंगनवाड़ी केंद्रों को नई मजबूती मिलेगी, जिससे नीतिगत स्तर पर सटीक और डेटा-संचालित निर्णय लिये जा सकेंगे। यह एमओयू महिला एवं बाल विकास विभाग और एम्स भोपाल के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग के अंतर्गत संचालित 'स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' व 'स्टेट टेक्निकल सपोर्ट यूनिट' के बीच होगा।

जनजातीय क्षेत्रों से हुई शुरुआत, विशेष प्रशिक्षण पर ज़ोर
इस साझेदारी के तहत एम्स भोपाल के विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी टीम द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजर्स और परियोजना अधिकारियों को विशेष तकनीकी और चिकित्सा प्रशिक्षण दिया जाएगा।मंत्री सुश्री भूरिया ने जानकारी दी कि राज्य के जनजातीय बाहुल्य जिलों—झाबुआ और धार में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की जा चुकी है, जिसके आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

कुपोषण पर शोध और व्यवहार परिवर्तन (BCC)
एम्स भोपाल के विशेषज्ञ डॉक्टर वर्तमान में गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष अध्ययन कर रहे हैं। इसके साथ ही, आईसीएमआर (ICMR) और एनसीओई (NCOE) नई दिल्ली के सहयोग से बेहतर अनुपूरक आहार (THR) और परिवारों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 'व्यवहार परिवर्तन संचार' पर भी शोध किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सटीक डेटा के माध्यम से सही समय पर गंभीर बीमार या कुपोषित बच्चों को उचित उपचार देकर उनकी जान बचाई जा सकती है। यह साझेदारी दीर्घकालिक रूप से मध्यप्रदेश में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के कन्वरजेंस (एकीकरण) को बढ़ावा देगी।

समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता, एम्स भोपाल के सीएफएम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण एम. कोकने (PI & HOD), नोडल अधिकारी डॉ. अभिजीत पाखरे और राज्य समन्वयक श्री दीपक पाण्डेय सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल - मंत्री सुश्री भूरिया

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और माताओं को साइबर फ्रॉड व डीपफेक से बचाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग

सिंहस्थ 2028 में गुमशुदा बच्चों को परिवार से मिलाने के लिए AI और तकनीक का होगा इस्तेमाल

मंत्री सुश्री भूरिया से गूगल और अहान फाउंडेशन के दल ने की सौजन्य भेंट

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से संरक्षण तथा उनके कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के भोपाल स्थित शासकीय निवास पर गूगल (Google) और 'अहान फाउंडेशन-रिस्पॉन्सिबल नेटिज़्म' के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। तकनीक के सकारात्मक उपयोग और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में गूगल की सर्च और जेनरेटिव एआई ट्रस्ट एंड सेफ्टी की डायरेक्टर श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज, गूगल के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (ट्रस्ट एंड सेफ्टी ग्लोबल एंगेजमेंट-APAC) श्री समीर जाधव, अहान फाउंडेशन की फाउंडर व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्रीमती सोनाली पाटणकर और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री उन्मेष जोशी उपस्थित रहे।

डिजिटल सुरक्षा हमारा नैतिक दायित्व

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की आधी से ज्यादा आबादी (महिलाओं और बच्चों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में उन्हें इंटरनेट सेफ्टी के प्रति जागरूक करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा और एआई (AI) आधारित महिला एवं बाल संरक्षण वर्तमान समय के बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। आज के युग में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। हमें एक सकारात्मक और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर तकनीक के इस बढ़ते दखल को सही दिशा देनी होगी।  मंत्री सुश्री भूरिया ने आगामी बैठक में एक विस्तृत संयुक्त कार्ययोजना प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया, ताकि विभाग और गूगल के बीच समन्वय स्थापित कर इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए आसान, सुलभ और उपयोगी बनाया जा सके।

कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता

इस बैठक में विभाग और गूगल के बीच एक बेहतरीन कार्ययोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। इसके तहत तकनीक के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र हितग्राही तक पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इन मॉड्यूल्स में कुपोषण निवारण के आधुनिक तौर-तरीकों के साथ साइबर सिक्योरिटी के बुनियादी नियम भी होंगे, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक कर सकें।

सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष AI कार्ययोजना

बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महापर्व रहा। सिंहस्थ जैसे विशाल जनसमुदाय वाले आयोजन में खोए हुए बच्चों को त्वरित रूप से खोजने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी समाधानों के उपयोग पर विस्तार से रणनीति बनाई गई। गूगल के सहयोग से एक ऐसी उन्नत ट्रैकिंग और मैपिंग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे बच्चों को सुरक्षित और जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाया जा सके।

महाराष्ट्र के सफल मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में काम

गूगल की डायरेक्टर (सर्च और जेनरिटिव AI ट्रस्ट एंड सेफ्टी) श्रीमती स्निग्धा भारद्वाज ने बताया कि गूगल ने पूर्व में महाराष्ट्र में शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते उपयोग के कारण होने वाले अपराधों, जैसे डीपफेक और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से मानसिक प्रताड़ना को रोकने के लिए गूगल निरंतर तकनीकी समाधान और ट्रेनिंग प्रोवाइड करा रहा है। अहान फाउंडेशन की सीईओ श्रीमती सोनाली पाटणकर और सीओओ श्री उन्मेष जोशी ने भी अपने जमीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के कई जिलों में महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर काम कर रहे हैं। इस जागरूकता अभियान के कारण कई महिलाएं अपने साथ होने वाले साइबर अपराधों को समय रहते रोकने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सफल रही हैं। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर बड़े पैमाने पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। भविष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग, गूगल और अहान फाउंडेशन की यह त्रिपक्षीय डिजिटल साझेदारी मध्यप्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और डिजिटल रूप से साक्षर भविष्य का निर्माण करेगी।
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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद में आयोजित प्रशिक्षण में संकुल समन्वयक, संकुल प्राचार्य एवं जनशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मॉनिटरिंग, कक्षा संचालन एवं सामाजिक चेतना केन्द्रों के संचालन पर दिया गया विशेष बल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला एवं पेटलावद विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। प्रशिक्षण में संकुल समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों एवं जनशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए साक्षरता अभियान के प्रभावी संचालन, मॉनिटरिंग एवं लक्ष्य प्राप्ति संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के कुशल नेतृत्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत झाबुआ श्री जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन तथा राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के नियंत्रक श्री राकेश दुबे के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्ष 2027 तक जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दक्षता प्रदान करना था।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, सर्वेक्षण कार्य, शिक्षार्थियों की पहचान, कक्षा संचालन, नियमित अनुश्रवण तथा कार्यक्रम की प्रगति की मॉनिटरिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एनआईएलपी एप के माध्यम से असाक्षरों एवं अक्षर साथियों के पंजीयन, सत्यापन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।

प्रशिक्षण में आगामी सितंबर माह में प्रस्तावित साक्षरता परीक्षा की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को प्रत्येक विकासखंड एवं संकुल स्तर पर नियमित साक्षरता कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने, अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा प्रत्येक संकुल में मॉडल सामाजिक चेतना केन्द्र स्थापित कर उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर श्री प्रकाश पालीवाल झाबुआ, श्री दिलीप प्रजापत थांदला एवं श्री शंकर सिंह मकवाना पेटलावद ने प्रतिभागियों को अक्षर पोथी के पाठों के अध्यापन की प्रभावी विधि, वयस्क शिक्षण की तकनीक, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग तथा व्यवस्थित एवं सहभागी कक्षा संचालन के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया।

पेटलावद की बीआरसी श्रीमती रेखा गिरी ने संकुल स्तर पर आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण की रूपरेखा, उसकी गंभीरता तथा ग्राम स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं उत्तरदायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया जाए तो जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित समयावधि में प्राप्त किया जा सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जिले में जिला एवं विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन तथा लगभग सभी प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति से साक्षरता अभियान को नई गति मिली है। राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिभागियों ने साक्षरता अभियान को जनभागीदारी के साथ गंभीरता एवं प्रतिबद्धता से संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।
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प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह 10 जुलाई को झाबुआ जिले के प्रवास पर रहेंगे

जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह 10 जुलाई 2026 को झाबुआ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। प्रवास के दौरान वे विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकें लेकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की प्रगति तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करेंगे। साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं संगठन पदाधिकारियों से भेंट कर जिले से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा भी करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह खंडवा से झाबुआ के लिए प्रस्थान कर दोपहर 01:30 बजे सर्किट हाउस, झाबुआ पहुंचेंगे। यहां वे जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।

इसके उपरांत दोपहर 03:00 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, कानून व्यवस्था, आबकारी विभाग, कृषि विभाग (खाद एवं बीज उपलब्धता) तथा सहकारिता विभाग के कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियों तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभागीय समीक्षा बैठकों के पश्चात प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सायं 06:00 बजे झाबुआ से इंदौर के लिए प्रस्थान करेंगे।
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24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 1.02 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

झाबुआ जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 1.02   मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार झाबुआ में 0.80 मि.मी, रामा में 5.30  मि.मी, राणापुर में 0.00 मि.मी, मेघनगर में 0.00 मि.मी, थान्दला में 0.00 मि.मी, पेटलावद में 0.00 मि.मी कुल 6.10 मि.मी वर्षा हुई। 
 
जिले में 01 जून से 09 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे तक 162.73 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के झाबुआ में 186.80 मि.मी, रामा में 138.00 मि.मी, राणापुर में 143.70 मि.मी, मेघनगर में 147.00 मि.मी, थान्दला में 158.40 मि.मी, पेटलावद में 202.50 मि.मी कुल 976.40 मि.मी दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 353.92 मिलीमीटर थी। उक्त जानकारी अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई।
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स्वच्छ जल एवं डायरिया रोकथाम को लेकर रामा विकासखंड के ग्रामों में चला जागरूकता अभियान

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झाबुआ जिले के विकासखंड रामा के ग्राम भूराडाबरा, राछवा, छापरी एवं कालीदेवी में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

अभियान के तहत ग्रामों, विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई, स्वच्छता का प्रचार-प्रसार तथा क्लोरीनेशन का कार्य किया गया। इस दौरान शिक्षकगण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालयीन छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीणजन सक्रिय रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव, स्वच्छता बनाए रखने तथा जल संरक्षण के महत्व के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। साथ ही सभी को स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग की शपथ भी दिलाई गई।
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24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 39.15 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

झाबुआ जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 39.15   मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार झाबुआ में 42.60 मि.मी, रामा में 6.10  मि.मी, राणापुर में 32.20 मि.मी, मेघनगर में 61.00 मि.मी, थान्दला में 56.80 मि.मी, पेटलावद में 36.20 मि.मी कुल 234.90 मि.मी वर्षा हुई। 
 
जिले में 01 जून से 08 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे तक 161.72 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के झाबुआ में 186.00 मि.मी, रामा में 132.70 मि.मी, राणापुर में 143.70 मि.मी, मेघनगर में 147.00 मि.मी, थान्दला में 158.40 मि.मी, पेटलावद में 202.50 मि.मी कुल 970.30 मि.मी दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 353.35 मिलीमीटर थी। उक्त जानकारी अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई।
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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना बनी आत्मनिर्भरता का आधार

₹10 हजार से शुरू हुई सफलता की राह, समय पर ऋण चुकाने से मिला ₹50 हजार तक का अवसर 

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना छोटे एवं रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से अनेक छोटे व्यवसायियों को बिना किसी बड़ी औपचारिकता के कार्यशील पूंजी उपलब्ध हो रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। झाबुआ जिले की नगर परिषद थांदला निवासी श्रीमती पारी की सफलता की कहानी इसी का प्रेरणादायी उदाहरण है।

श्रीमती पारी वर्षों से सड़क किनारे ठेले पर फल एवं सब्जियों का विक्रय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। सीमित पूंजी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से आवश्यक ऋण प्राप्त करना भी उनके लिए आसान नहीं था, जिससे आय बढ़ाने के प्रयास लगातार बाधित हो रहे थे।

इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने नगर परिषद थांदला के माध्यम से योजना में आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद भारतीय स्टेट बैंक, थांदला द्वारा उन्हें योजना के तहत ₹10,000 का प्रथम कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया गया। इस राशि से उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी तथा ठेले पर अधिक मात्रा और विविधता के साथ फल एवं सब्जियां रखना प्रारंभ किया।

व्यवसाय में सुधार और ग्राहकों की संख्या बढ़ने से उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई। उन्होंने योजना के तहत प्राप्त प्रथम ऋण की सभी किस्तों का समय पर भुगतान किया। समय पर ऋण चुकाने के कारण उन्हें योजना के अगले चरण में ₹20,000 का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने अपने व्यवसाय का और अधिक विस्तार किया तथा आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसके बाद ₹20,000 का ऋण भी समय पर पूर्ण रूप से जमा करने पर अब उन्हें योजना के अंतर्गत ₹50,000 तक का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिला है।

श्रीमती पारी बताती हैं कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने उनके जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास का संचार किया है। आज वे न केवल अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनका कहना है कि यह योजना छोटे व्यवसायियों के लिए एक नई शुरुआत और आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से झाबुआ जिले में भी अनेक रेहड़ी-पटरी एवं फुटपाथ व्यवसायियों को स्वरोजगार को मजबूत करने का अवसर मिला है। यह योजना छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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स्वच्छ जल, समुचित उपचार–डायरिया से बचे हर बार अभियान के तहत ग्राम कालापीपल में जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशन में 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार–डायरिया से बचे हर बार" अभियान के अंतर्गत मंगलवार को झाबुआ विकासखंड के ग्राम कालापीपल में विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया।

अभियान के तहत गांव में पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। साथ ही हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कर सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की गई।

इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं को शुद्ध पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा जल संरक्षण के महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित ग्रामीणों को बताया गया कि स्वच्छ पेयजल का नियमित उपयोग, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा स्वच्छ व्यवहार अपनाकर डायरिया सहित अन्य जलजनित रोगों से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है।
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24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 35.07 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

झाबुआ जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 35.07   मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार झाबुआ में 33.40 मि.मी, रामा में 2.30  मि.मी, राणापुर में 48.10 मि.मी, मेघनगर में 13.00 मि.मी, थान्दला में 25.20 मि.मी, पेटलावद में 88.40 मि.मी कुल 210.40 मि.मी वर्षा हुई। 

जिले में 01 जून से 07 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे तक 122.57 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के झाबुआ में 143.40 मि.मी, रामा में 126.60 मि.मी, राणापुर में 111.50 मि.मी, मेघनगर में 86.00 मि.मी, थान्दला में 101.60 मि.मी, पेटलावद में 166.30 मि.मी कुल 735.40 मि.मी दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 353.35 मिलीमीटर थी। उक्त जानकारी अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई।
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"स्वच्छ जल, समुचित उपचार - डायरिया से बचें हर बार" अभियान अंतर्गत ग्रामीणों को किया गया जागरूक 

जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक संचालित "स्वच्छ जल, समुचित उपचार - डायरिया से बचें हर बार" अभियान के अंतर्गत आज 06 जुलाई 2026 को झाबुआ जिले के विभिन्न विकासखंडों में जनजागरूकता एवं स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया।

अभियान के तहत विकासखंड झाबुआ एवं रामा के ग्राम वलोला, पारा एवं खरडू बड़ी में पेयजल स्रोतों के आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल जनित बीमारियों की रोकथाम, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद कर उन्हें शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा डायरिया एवं अन्य जल जनित बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा अपने गांवों को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर विकासखंड झाबुआ एवं रामा के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे तथा उन्होंने अभियान के उद्देश्यों एवं जनसहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों से स्वच्छता एवं जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

अभियान के अंतर्गत जिले में आगामी दिनों में भी विभिन्न ग्रामों में स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल एवं जल संरक्षण संबंधी जागरूकता गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
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शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय झाबुआ में एकलव्य योजना अंतर्गत डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु संस्था स्तरीय काउंसिलिंग प्रारंभ

शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, झाबुआ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एकलव्य योजना अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु संचालित तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए संस्था स्तरीय काउंसिलिंग (सीएलसी राउंड) आयोजित की जा रही है।

महाविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग शाखाओं में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रदान किया जाएगा। इच्छुक एवं 10वीं उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी संस्था स्तरीय काउंसिलिंग में भाग लेने के लिए दिनांक 04 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 तक तकनीकी शिक्षा संचालनालय की वेबसाइट https://dte.mponline.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।

संस्था स्तरीय काउंसिलिंग के अंतर्गत अभ्यर्थियों को प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, झाबुआ में उपस्थित होना होगा। उपस्थित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची तैयार की जाएगी तथा निर्धारित मेरिट के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया संपादित की जाएगी।

एकलव्य योजना के अंतर्गत प्रवेश प्राप्त अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को विभिन्न सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें निःशुल्क स्टेशनरी एवं ड्राइंग सामग्री, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, निःशुल्क छात्रावास एवं भोजन व्यवस्था, निःशुल्क परीक्षा सुविधा तथा प्रतिमाह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति शामिल है।

महाविद्यालय प्रशासन द्वारा पात्र एवं इच्छुक विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि में पंजीयन कर संस्था स्तरीय काउंसिलिंग में सहभागिता सुनिश्चित करते हुए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।
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24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 7.62 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

झाबुआ जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 7.62  मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार झाबुआ में 7.00 मि.मी, रामा में 5.10  मि.मी, राणापुर में 6.20 मि.मी, मेघनगर में 23.00 मि.मी, थान्दला में 0.00 मि.मी, पेटलावद में 4.40 मि.मी कुल 45.70 मि.मी वर्षा हुई। 

जिले में 01 जून से 06 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे तक 87.50 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के झाबुआ में 110.00 मि.मी, रामा में 124.30 मि.मी, राणापुर में 63.40 मि.मी, मेघनगर में 73.00 मि.मी, थान्दला में 76.40 मि.मी, पेटलावद में 77.90 मि.मी कुल 525.00 मि.मी दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 337.37 मिलीमीटर थी। उक्त जानकारी अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई।
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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

वर्ष 2027 तक झाबुआ को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्ययोजना पर हुआ मंथन

डाईट कल्याणपुरा में बीईओ, बीआरसी, विकासखंड समन्वयकों एवं जनशिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण, नवाचार एवं प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अध्याय-21 के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर नागरिकों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डाईट कल्याणपुरा में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना, व्यवस्थित क्रियान्वयन, नवाचार, नियमित अनुश्रवण एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक मंथन किया गया।

यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल के नियंत्रक श्री राकेश दुबे द्वारा दिनांक 22 एवं 23 जून 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी संचालन, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति तथा गुणवत्ता आधारित क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।

प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए सर्वे कार्य में झाबुआ जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक संकुल में दो-दो सामाजिक चेतना केन्द्रों को मॉडल सामाजिक चेतना केन्द्र के रूप में विकसित करने, नियमित रूप से साक्षरता कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने तथा सतत अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी साक्षरता परीक्षा में लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक शिक्षार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक विकासखंड से 50-50 शिक्षार्थियों को कक्षा पांचवीं समकक्ष परीक्षा में सम्मिलित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति, उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे प्रयासों तथा अनुश्रवण व्यवस्था की जानकारी भी साझा की गई।

झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षण में कहा गया कि किसी भी असाक्षर व्यक्ति को अशिक्षित नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि उनके पास जीवन, परिवार, समाज एवं व्यवहारिक अनुभवों का समृद्ध ज्ञान होता है। इसलिए साक्षरता अभियान के दौरान केवल अक्षर ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रहकर शिक्षार्थियों के अनुभवों, जीवन मूल्यों एवं सामाजिक समझ का सम्मान करते हुए उनसे आत्मीय एवं सार्थक संवाद स्थापित किया जाना आवश्यक है। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि शिक्षण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व शिक्षार्थियों के अनुभवों एवं ज्ञान को समझते हुए शिक्षण प्रक्रिया को अधिक सहभागी, व्यवहारिक एवं प्रभावी बनाया जाए।

प्रशिक्षण में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को पूर्ण साक्षर बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। आगामी साक्षरता परीक्षा में अधिक से अधिक महिला सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से एक अक्षर साथी का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण के दौरान सर्वे कार्य, एनआईएलटी एप के माध्यम से अनुश्रवण, अक्षर साथियों के पंजीयन एवं सत्यापन, अक्षरपोथी के 20 पाठों के अध्यापन, एप में उपलब्ध वीडियो सामग्री के उपयोग तथा मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ बनाने संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही बीईओ, बीआरसी एवं विकासखंड साक्षरता समन्वयकों की भूमिका एवं उत्तरदायित्वों पर समूह चर्चा भी आयोजित की गई।

विकासखंडवार प्रस्तुतियों के दौरान पेटलावद की बीआरसी एवं विकासखंड साक्षरता समन्वयक श्रीमती रेखा गिरी ने अपने विकासखंड में संचालित गतिविधियों एवं नवाचारों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि किसी भी दायित्व का ईमानदारी, समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करने पर ही अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

मास्टर ट्रेनर श्री प्रकाश पालिवाल ने एनआईएलटी एप पर कार्य करते समय बरती जाने वाली सावधानियों, तकनीकी बारीकियों तथा डेटा प्रविष्टि की शुद्धता पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया। वहीं रामा के समन्वयक श्री कृष्ण सिंह गामड़, मेघनगर के श्री खातेडिया, पेटलावद के श्री मकवाना तथा थांदला के श्री प्रजापत ने शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के निर्माण, उपयोग एवं विषयवस्तु के प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर समूहवार प्रदर्शन एवं व्यावहारिक जानकारी साझा की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों के बीईओ, बीआरसी, विकासखंड साक्षरता समन्वयक, बीएसी, संकुल समन्वयक एवं जनशिक्षकों ने सहभागिता की। आयोजन में लगभग 95 प्रतिशत प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने वर्ष 2027 तक झाबुआ जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समन्वित, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममुखी प्रयास करने का संकल्प लिया।
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24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 3.65 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

झाबुआ जिले में बीते 24 घंटे में प्रातः 08 बजे तक 3.65  मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार झाबुआ में 2.00 मि.मी, रामा में 11.20  मि.मी, राणापुर में 3.00 मि.मी, मेघनगर में 0.00 मि.मी, थान्दला में 0.00 मि.मी, पेटलावद में 5.70 मि.मी कुल 21.90 मि.मी वर्षा हुई। 

जिले में 01 जून से 05 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे तक 80.63 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के झाबुआ में 103.00 मि.मी, रामा में 119.20 मि.मी, राणापुर में 57.20 मि.मी, मेघनगर में 50.00 मि.मी, थान्दला में 76.40 मि.मी, पेटलावद में 78.00 मि.मी कुल 483.80 मि.मी दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में औसत वर्षा 318.60 मिलीमीटर थी। उक्त जानकारी अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई।
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उद्यानिकी विभाग की पहल से विकासखंड पेटलावद के ग्राम अलस्याखेड़ी निवासी कृषक श्री शंकर हेमराज पाटीदार ने नींबू फलोंउद्यान अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजना के लाभ से आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत की।
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