'10 हजार दो और जेसीबी चलाओ' का आरोप, पैसे न देने पर सिपाही ने किसान को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल
हरदोई। मल्लावां थाना क्षेत्र के ग्राम नेवादा परस से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। खेत की ऊबड़-खाबड़ जमीन को खेती योग्य बनाने के लिए जेसीबी से समतलीकरण करा रहे किसान ने एक सिपाही पर परमिशन के नाम पर 10 हजार रुपये मांगने और रुपये न देने पर थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीड़ित रामलखन उर्फ फल्लू के मुताबिक, वह अपने खेत को खेती योग्य बनाने के लिए जेसीबी से जमीन बराबर करा रहा था। इसी दौरान सिपाही विशाल यादव मौके पर पहुंचे और जेसीबी चलाने की अनुमति के संबंध में पूछताछ की। आरोप है कि बातचीत के दौरान सिपाही ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये देने की बात कही और आश्वासन दिया कि रुपये देने पर कोतवाल को बता दिया जाएगा और कोई कार्रवाई नहीं होगी।
पीड़ित का आरोप है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसने रुपये देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद सिपाही नाराज हो गए। आरोप है कि इसके बाद उस पर शराब पीने का आरोप लगाते हुए अभद्रता की गई और थप्पड़ मार दिया गया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर उन्होंने सिपाही से युवक को छोड़ने की मिन्नतें कीं और उनके पैर तक छुए। इसके बावजूद आरोप है कि युवक के साथ मारपीट की गई। वायरल वीडियो में एक युवक को पुलिसकर्मी द्वारा थप्पड़ मारे जाने की घटना दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। थप्पड़ लगने के दौरान युवक का मोबाइल भी हाथ से गिर गया, जिसके बाद आगे की घटना रिकॉर्ड नहीं हो सकी।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर उसे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जनसुनवाई पोर्टल पर की शिकायत
मामले में पीड़ित रामलखन ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से पुलिस अधीक्षक हरदोई से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत का कंप्लेंट नंबर 40015526090438 बताया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह करीब एक माह से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था, लेकिन सुनवाई न होने पर उसने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से एसपी से न्याय की गुहार लगाई।
मामले में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि खेत में जेसीबी से जमीन समतलीकरण के लिए क्या वास्तव में किसी अनुमति की आवश्यकता थी, क्या सिपाही द्वारा 10 हजार रुपये की मांग की गई थी और क्या किसान ने शराब पी रखी थी। इन सभी आरोपों की सच्चाई निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
वायरल वीडियो और पीड़ित की शिकायत के बाद अब निगाहें हरदोई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं। देखना होगा कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।
Hardoi, Hardoi | Aug 28, 2026