शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव में "माटी गणेश–सिद्ध गणेश" अभियान का प्रशिक्षण आयोजित
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मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, म.प्र. शासन) और नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में अध्ययन केंद्र शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव में आज बहुआयामी कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन एवं विकासखंड समन्वयक श्री संजय बामने के कुशल मार्गदर्शन में "माटी गणेश–सिद्ध गणेश" अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा। "माटी गणेश–सिद्ध गणेश" जागरूकता अभियान के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता अभियान एवं जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता तथा पर्यावरण जागरूकता मानव श्रृंखला जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विकासखंड समन्वयक श्री संजय बामने ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस नवाचार के माध्यम से हर गांव और हर घर तक पर्यावरण शुद्धता का संदेश पहुंचाया जा रहा है, ताकि हमारी आस्था के साथ-साथ प्रकृति का भी संरक्षण हो सके।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रीना सूर्यवंशी (समाजसेवी), विकासखंड समन्वयक श्री संजय बामने, श्री लवलेश प्रजापति (प्रशिक्षक), अध्यक्ष सामाजिक कल्याण एवं विकास समिति जुन्नारदेव सुश्री रानी सुमन, सुश्री इशरत मंसूरी, अध्यक्ष दृष्टि सामाजिक विकास एवं कल्याण समिति कन्हान, वनग्राम श्री बुनेश राजबैठे, अध्यक्ष पंख सामाजिक विकास एवं कल्याण समिति रामपुरे, परामर्शदाता श्री सरजू विश्वकर्मा, श्री गोविंद नंदवंशी, श्रीमती योगिता मर्सकोले, श्रीमती दीपा मेश्राम सहित बीएसडब्ल्यू/एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राएं एवं नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सुश्री इशरत मंसूरी, श्रीमती निमांशी रामपुरे, श्री बुनैश राजबैठे एवं श्री लवलेश प्रजापति सहित सभी गणमान्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और गणेश चतुर्थी पर्व पर जन-जन को पवित्र माटी एवं गौमाता के गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहे और प्राकृतिक संतुलन भी अक्षुण्ण रहे। इसके बाद सभी से आग्रह किया गया कि अपने आसपास मिट्टी के गणेश जी का निर्माण कर उन्हीं की स्थापना करते हुए धार्मिक आयोजन करें तथा अन्य लोगों को भी इस कार्य के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री सरजू विश्वकर्मा ने किया तथा आभार श्री गोविंद नंदवंशी ने व्यक्त किया। इस दौरान श्रीमती मंजू साहू, श्रीमती डॉली साहू, श्रीमती श्रद्धा विश्वकर्मा, श्रीमती दिशा साहू, श्रीमती रीना यादव, श्रीमती पलक कुमरे, श्री नकुल सिरसाम, श्री शिवराज कुमरे, श्री राजेंद्र झरबडे, श्री दुर्गेश उईके सहित अन्य उपस्थित थे।