#Balrampur ! दाखिल-खारिज की ऑनलाइन व्यवस्था का विरोध : #उतरौला तहसील में अधिवक्ताओं का छठे दिन भी प्रदर्शन, बैनामा कार्य ठप...
#बलरामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किए जाने के फैसले के खिलाफ उतरांव/उतरौला के वकीलों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। तहसील परिसर उतरौला में अधिवक्ताओं ने छठे दिन भी सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए उप-निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय में कामकाज का पूरी तरह बहिष्कार किया। इसके उपरांत संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) उतरौला योगेंद्र शरण शाह को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को उतरौला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रहलाद यादव तथा महामंत्री रवि शंकर मिश्र के नेतृत्व में संघ भवन परिसर में अधिवक्ताओं की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक के बाद वकीलों ने संघ भवन से जुलूस निकाला और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आर्थिक नुकसान और किसानों के शोषण का आरोप
अधिवक्ताओं का कहना है कि पहले दाखिल-खारिज के वादों (मुकदमों) का दाखिला अधिवक्ता ऑफलाइन माध्यम से करते थे। सरकार द्वारा इसे ऑनलाइन किए जाने से अधिवक्ताओं के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रक्रिया की आड़ में लेखपालों द्वारा आम किसानों का उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है।
राजस्व का भारी नुकसान
उप-निबंधन कार्यालय उतरौला में लगातार छठे दिन बैनामा कार्य पूरी तरह ठप रहने से रजिस्ट्री का काम ठप्प पड़ा है, जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व (स्टाम्प शुल्क) का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।