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सूरज की रोशनी से खेतों में आई नई उम्मीद, संतोष पारधी बने आत्मनिर्भर किसान
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना से 90 प्रतिशत अनुदान पर मिला 5 हॉर्स पावर का सोलर पंप, अब समय पर कर पा रहे हैं सिंचाई
खेती में सिंचाई की सुविधा यदि समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो तो किसान अपनी फसल का बेहतर उत्पादन ले सकता है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। वारासिवनी विकासखंड के ग्राम पिपरिया निवासी कृषक संतोष पारधी के खेत में योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा से संचालित 5 हॉर्स पावर क्षमता का सीआरआई सोलर पंप स्थापित किया गया है। खास बात यह है कि पंप की स्थापना पर किसान को 90 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिला है।
बिजली पर निर्भरता के कारण आती थी परेशानी
कृषक संतोष पारधी बताते हैं कि सोलर पंप लगने से पहले उनके खेत में बिजली से चलने वाला पंप था। खेती के लिए सिंचाई पूरी तरह विद्युत आपूर्ति पर निर्भर होने के कारण कई बार उन्हें अपनी सुविधा और फसल की आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करने में परेशानी होती थी। बिजली उपलब्ध रहने के समय का इंतजार करना पड़ता था, जिससे फसल की सिंचाई प्रभावित होती थी।
किसान के लिए खेती में पानी की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। विशेषकर फसल को जिस समय सिंचाई की जरूरत हो, उस समय पानी नहीं मिलने से उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में संतोष पारधी के लिए सोलर पंप एक उपयोगी साधन बनकर सामने आया है।
अब सूरज की रोशनी के साथ खेतों को मिल रहा पानी
खेत में सोलर पंप स्थापित होने के बाद संतोष पारधी की सिंचाई संबंधी परेशानी काफी हद तक दूर हुई है। सौर ऊर्जा से संचालित पंप के माध्यम से वे दिन के समय उपलब्ध सूर्य प्रकाश का उपयोग कर खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे उन्हें बिजली की उपलब्धता पर पहले की तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।
संतोष पारधी का कहना है कि सोलर पंप मिलने से वे अपनी फसल की आवश्यकता के अनुसार सिंचाई कर पा रहे हैं। योजना के माध्यम से 90 प्रतिशत अनुदान मिलने से उनके लिए यह सुविधा प्राप्त करना भी आसान हुआ है।
योजना से किसानों को मिल रहा ऊर्जा और सिंचाई का सहारा
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना है। सौर पंप के माध्यम से किसान अपनी सिंचाई व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बना सकते हैं और पारंपरिक विद्युत आपूर्ति पर निर्भरता कम कर सकते हैं।
ग्राम पिपरिया के किसान संतोष पारधी का खेत इस बात का उदाहरण है कि सौर ऊर्जा को खेती से जोड़कर किसानों की सिंचाई व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है। 90 प्रतिशत अनुदान के साथ स्थापित 5 हॉर्स पावर का सीआरआई सोलर पंप अब उनके खेत में सिंचाई का नया आधार बन गया है।
संतोष पारधी के लिए खेत में लगा यह सोलर पंप केवल एक सिंचाई उपकरण नहीं, बल्कि खेती को समय पर पानी उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का माध्यम बन गया है।
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