किरोड़ीमल पार्क के संरक्षण, विद्यार्थियों की पढ़ाई और एनजीटी नियमों की अनुपालना को लेकर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन : नागरिकों ने उठाई आवाज
सनातन संस्कृति का पूर्ण सम्मान, लेकिन बच्चों की पढ़ाई और हरियाली भी जरूरी : नागरिक
भिवानी, 26 सितंबर : शहर के किरोड़ीमल पार्क के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने, एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन कराने और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निवासियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने उपायुक्त को मांगपत्र सौंपा। नागरिकों ने मांग की है कि पार्क परिसर में भारी ध्वनि प्रदूषण और गैर-संबद्ध आयोजनों पर रोक लगाई जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई और मरीजों का स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
नागरिकों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि किरोड़ीमल पार्क नगर परिषद द्वारा जनहित और पर्यावरण संतुलन के लिए विकसित किया गया मुख्य पार्क है। इस पार्क के बेहद करीब शासकीय मैडिकल कॉलेज, कन्या उच्च विद्यालय, वैश्य कॉलेज, साई स्पोर्ट्स अकादमी और पंडित नेकीराम जिला पुस्तकालय स्थित हैं, जहां सैकड़ों छात्र देर रात तक अध्ययन करते हैं। इसके अलावा जिला नागरिक अस्पताल और रिहायशी कॉलोनियां जाट कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, किरोड़ीमल पार्क कॉलोनी, विजय नगर, न्यू पार्क कॉलोनी, राम नगर आदि भी इसके निकट हैं। सर्वोच्च न्यायालय और ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के अनुसार किसी भी शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल के 100 मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र (साइलेंस जोन) घोषित किया गया है, जहां लाउडस्पीकर का प्रयोग वर्जित है। वहीं एनजीटी के कड़े नियमों के अनुसार सार्वजनिक पार्कों का उपयोग केवल पर्यावरण और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हो सकता है और वहां किसी भी प्रकार के आयोजन से वनस्पति व मिट्टी को नुकसान पहुंचता है।
इस विषय पर अपनी बात रखते हुए अधिवक्ता सुनील, रविंद्र अशोक कुमार, तिलकराज, सुरेंद्र, ब्रह्मानंद, बलबीर सहित अन्य ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी धार्मिक आयोजन या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं है। हम सभी सनातन संस्कृति का दिल से सम्मान करते हैं। लेकिन पार्क परिसर में जिला पुस्तकालय है, जहां बच्चे रात 10 बजे तक पढ़ते हैं। पूर्व में हुए आयोजनों के भारी शोर-शराबे और भीड़ से पार्क में लगी लाखों रुपये की घास व पौधे नष्ट हो जाते हैं और बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से बाधित होती है। पढ़ाई में बाधा आने से सीधे तौर पर हमारे बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा। नागरिकों ने कहा कि वे प्रशासन से अपील करते हैं कि रामलीला मंचन जैसे भव्य आयोजनों को शहर के अन्य उपयुक्त और खुले स्थानों, जैसे सिटी मॉल के सामने पड़ी खाली जमीन या मेला ग्राउंड में स्थानांतरित किया जाए। यह प्रशासन का एक अत्यंत स्वागत योग्य, विधिक और पर्यावरण हितैषी निर्णय होगा।
नागरिकों ने उपायुक्त भिवानी, नगर परिषद चेयरपर्सन, डीएमसी और सीएमओ भिवानी को प्रतिलिपि भेजकर आग्रह किया है कि किरोड़ीमल पार्क में होने वाले भारी ध्वनि प्रदूषण पर विधिक रोक लगाई जाए। इससे जहां एक ओर पार्क की हरियाली सुरक्षित रहेगी, वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज के गंभीर मरीजों को राहत मिलेगी और पास के स्कूलों व पुस्तकालय में पढऩे वाले छात्रों का अध्ययन सुचारू रूप से चल सकेगा।