प्रेस विज्ञप्ति:-
जिला जनसंपर्क कार्यालय, नालन्दा
दिनांक: 15 अक्टूबर, 2026
जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में रबी कर्मशाला का आयोजन, रबी महाभियान का हुआ शुभारंभ
महिला किसानों के योगदान को सम्मानित करने के साथ वैज्ञानिक खेती, फसल विविधीकरण एवं सरकारी योजनाओं के लाभ से किसानों को जोड़ने पर दिया गया जोर।
जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में आज रबी कर्मशाला का आयोजन किया गया। कर्मशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र, हरनौत के वरीय वैज्ञानिक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, नालंदा उद्यान महाविद्यालय के वरीय वैज्ञानिक, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, जिला स्तरीय कृषि पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं किसान सलाहकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मंचासीन पदाधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर रबी महाभियान का शुभारंभ किया गया।
रबी फसलों के बीज की उपलब्धता एवं कृषि योजनाओं की दी गई जानकारी
जिला कृषि पदाधिकारी, नालन्दा ने रबी मौसम में बीज उपलब्धता की जानकारी देते हुए बताया कि निदेशालय से जिले के लिए चना, मसूर, मटर एवं राई-सरसों के बीज का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके अंतर्गत चना के लिए 1,881 क्विंटल, मसूर के लिए 1,680 क्विंटल, मटर के लिए 709 क्विंटल तथा राई-सरसों के लिए 155.10 क्विंटल बीज का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों का प्रखंडवार विभाजन कर दिया गया है तथा बीज की आपूर्ति के लिए बीआरबीएन में थोक बीज विक्रेताओं द्वारा राशि जमा कर दी गई है। शीघ्र ही बीज उपलब्ध होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा वर्तमान में संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
*कृषि क्षेत्र में महिला किसानों के योगदान को सम्मान देने का संकल्प*
कर्मशाला के दौरान कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके श्रम एवं योगदान को सम्मान देने तथा कृषि विकास में उनकी भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिला कृषी पदाधिकारी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि हमारी अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा एवं ग्रामीण जीवन का प्रमुख आधार है। इस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिला किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर महिला किसानों के योगदान को उचित सम्मान देने, कृषि प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बढ़ाने, उन्हें आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने तथा स्वयं सहायता समूहों एवं महिला कृषि उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया। साथ ही पात्र महिला किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने, कृषि में महिलाओं की भागीदारी एवं नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने तथा टिकाऊ कृषि, जल संरक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया।
वैज्ञानिक खेती एवं फसल विविधीकरण अपनाने की किसानों को सलाह
डाॅ० देवेन्द मंडल, सहायक वैज्ञानिक, नालन्दा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय ने कहा कि नालन्दा जिले के किसान मेहनती हैं, लेकिन कई बार उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता है। इसका एक प्रमुख कारण वर्षा की अनियमितता एवं समय पर फसलों की बुआई नहीं हो पाना है। बुआई में देरी होने से फसल देर से तैयार होती है, जिसके कारण किसानों को मंडी में उचित मूल्य प्राप्त करने में कठिनाई होती है। किसानों को सलाह दी कि वर्षा में देरी होने की स्थिति में धान की खेती पर निर्भर रहने के बजाय परिस्थितियों के अनुकूल मड़ुआ, ज्वार एवं बाजरा जैसी कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता दें। इन फसलों में कम पानी की आवश्यकता होती है तथा ये अपेक्षाकृत कम समय में तैयार हो जाती हैं। इससे किसानों को समय पर खेत खाली करने, रबी मौसम में अगात फसलों की बुआई करने तथा बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।
नालन्दा उद्यान महाविद्यालयए नूरसराय के वैज्ञानिक डाॅ0 चन्द्रशेखर आजाद के द्वारा समसामायिक फसलों में कीट व्याधि का प्रबंधन तकनीकी रूप से कैसे किया जाय इस विषय पर उन्होंने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने आगे बताया कि फसलोंमें लगनेवाले कीट व्याधि की पहचान एवं उनके लक्षणाों के अनुसार ही उपयोगी कीटनाशक एवं फफंदनाशक का व्यवहार किया जाय।
कृषि विज्ञान केन्द्र हरनौत वैज्ञानिक डाॅ0 उमेश नारायण उमेश ने फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई।
वैज्ञानिकों ने किसानों को स्थानीय जलवायु एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप फसल चयन करने तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी।
श्री धनन्जय कुमार, तकनीकी सहायक, जिला कृषि कार्यालय, नालन्दा के द्वारा सरसो की खेती करने पर विशेष बल दिया गया एवं जिले में कोल्ड प्रेस तेल निष्कषण इकाई की स्थापना हेतु सभी प्रखण्ड स्तरीय कर्मियों को रूची लेने के लिए निवेदन किया।
विभिन्न विभागों की योजनाओं की दी गई जानकारी
कर्मशाला में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं से जोड़ने, नवीन तकनीकों के प्रचार-प्रसार तथा कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक (शस्य), जिला कृषि विपणन पदाधिकारी-सह-विशेष पदाधिकारी, नालन्दा द्वारा कर्मशाला में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Department of Agriculture, Government of Bihar
49 views | Nalanda, Bihar | Oct 15, 2026