मणिमहेश परिक्रमा मार्ग पर DFO ने लिया वन्यजीवों और जैव विविधता का जायजा
वन सुरक्षा को लेकर वन कर्मियों को दिए दिशा-निर्देश, श्रद्धालुओं से प्लास्टिक व कूड़ा-कचरा न फैलाने की अपील
हिमाचल 84 टीवी ब्यूरो भरमौर।
वन मंडल अधिकारी (DFO), वन्यजीव प्रभाग चंबा ने मणिमहेश यात्रा के दौरान परिक्रमा मार्ग का विस्तृत भ्रमण कर क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी, जैव विविधता एवं वनस्पतियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर तैनात वन कर्मियों से मुलाकात कर वन सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में हिमालयन मोनाल, घोरल सहित अन्य वन्यजीवों के पगमार्क भी देखे गए। DFO ने वन कर्मियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास की निगरानी भी लगातार बनाए रखें।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि मणिमहेश यात्रा के दौरान जंगल और प्राकृतिक क्षेत्रों में कूड़ा-कचरा न फैलाएं, प्लास्टिक का प्रयोग न करें तथा वन्यजीवों को किसी भी प्रकार से परेशान न करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के इस पवित्र मार्ग की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वन विभाग का उद्देश्य है कि मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा के साथ-साथ वन एवं वन्यजीव संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए। विभाग द्वारा यात्रियों को प्रकृति संरक्षण और वन नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
DFO ने कहा कि मणिमहेश क्षेत्र हिमालय की समृद्ध जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में यात्रा के दौरान पर्यावरणीय अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में यात्रा कर सकें और क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत भी संरक्षित रहे।