मैनाटांड-सिकटा में भाकपा की पदयात्रा: ‘बदलाव जरूरी है’ के संदेश के साथ किसानों-मजदूरों के हक की बुलंद हुई आवाज
राष्ट्रव्यापी आह्वान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की पदयात्रा के आठवें दिन पश्चिम चम्पारण जिले के मैनाटांड और सिकटा प्रखंड में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकालकर आम जनता के बीच बदलाव जरूरी है का संदेश दिया। मैनाटांड प्रखंड के झझरी, पीडारी, इनरवा एवं मैनाटांड में पदयात्रा निकाली गई, जबकि सिकटा प्रखंड के बलथर और बैशखवा में कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा कर जनता को अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
पदयात्रा के दौरान किसानों की कर्जमाफी, फसलों का लाभकारी मूल्य, चार लेबर कोड वापस लेने, पेपर लीक पर रोक लगाने, गरीबों को उजाड़ने की कार्रवाई पर रोक, खाद की कालाबाजारी बंद करने तथा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अपराध और महंगाई पर प्रभावी रोक लगाने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नेता राधामोहन यादव, राज्य परिषद सदस्य केदार चौधरी, खेत मजदूरों के जिला सचिव सुबोध मुखिया, किसान नेता चन्द्रिका प्रसाद, लछुमन राम, श्रीकिसुन पासवान, गोदावरी देवी और जोड़ पासवान ने किया।
किसान नेता राधामोहन यादव ने कहा कि भाकपा किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने, सभी तरह के कर्ज माफ कराने और जरूरतमंद किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन छीनकर सैटेलाइट सिटी के नाम पर रियल एस्टेट को देने की साजिश बंद होनी चाहिए। खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाकर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की भी उन्होंने मांग की। उन्होंने आम जनता से अपने हक और अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की।
राज्य परिषद सदस्य केदार चौधरी ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा किसानों और मजदूरों के सवालों को लेकर संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि देश गंभीर आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे समय में भाकपा पदयात्रा के माध्यम से जनता को जागरूक कर रही है और देश को बर्बादी की ओर जाने से बचाने के लिए लोगों को एकजुट होने का संदेश दे रही है।
खेत मजदूर नेता सुबोध मुखिया ने कहा कि चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। स्थायी रोजगार देने के बजाय मजदूरों को ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में धकेला जा रहा है, जिससे शोषण की नई व्यवस्था कायम हो रही है। उन्होंने कहा कि भाकपा चारों लेबर कोड को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
किसान नेता चन्द्रिका प्रसाद ने कहा कि वर्षों से बसे गरीबों को उजाड़कर उन्हें बेघर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाकपा कथित बुलडोजर राज के खिलाफ सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रही है और पदयात्रा के माध्यम से गरीबों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित और जागरूक कर रही है।
भाकपा नेताओं ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य केवल मांगों को उठाना नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, गरीबों, युवाओं और आम जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर संघर्ष के लिए एकजुट करना है। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने बदलाव जरूरी है के संदेश के साथ जनसमर्थन जुटाया।