पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए डिफेंस समझौते ने इस्लामाबाद की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एक रिपोर्ट दावा करती है कि रक्षा प्रतिबद्धताओं के कारण देश मध्य-पूर्व संघर्ष में फंस सकता है। यमन में रियाद और ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ने से सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर दबाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान का यमन में जाना उसे पश्चिम एशिया में फंसा सकता है।
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में यह रक्षा समझौता पाकिस्तान के लिए एक रणनीतिक फायदे जैसा लग रहा था। पिछले साल सितंबर में रियाद में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ वो मुनीर भी मौजूद थे। समझौते के तहत सऊदी अरब अरबों डॉलर का निवेश पाकिस्तान में करेगा और उसे कर्ज भी देगा, जबकि पाकिस्तान सऊदी सेना को प्रशिक्षित करेगा और किसी भी हमले की स्थिति में सऊदी अरब की रक्षा करेगा।
Korba, Korba | Sep 21, 2026