भौंड़ा गांव की पहाड़ी में पत्थर के नीचे दबा है करोड़ों के कारोबार का आधार!
125 हेक्टेयर की खान में मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका स्टोन की मौजूदगी; फिरोजाबाद से भिवाड़ी तक बताई जाती थी मांग
वैर (भरतपुर)। वैर क्षेत्र के भौंड़ा गांव की वह पहाड़ी, जहां पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की खान थी, लंबे समय से खनन कारोबार को लेकर चर्चा में रही है। इस पहाड़ी की अहमियत केवल मैसनरी स्टोन तक सीमित नहीं बताई जाती, बल्कि इसके नीचे बड़े पैमाने पर सिलिका स्टोन की मौजूदगी को भी इसकी आर्थिक महत्ता की प्रमुख वजह माना जाता है। करीब 125 हेक्टेयर में फैली इस लीज को क्षेत्र की चर्चित खानों में गिना जाता रहा है।
खनिज विभाग के एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका की परत मौजूद है। कुछ स्थानों पर करीब 10 मीटर की गहराई पर ही सिलिका मिलने की जानकारी है, जबकि अन्य हिस्सों में यह परत लगभग 20 मीटर नीचे या उससे अधिक गहराई पर मिलती है। हालांकि, वास्तविक भंडार और उसकी गुणवत्ता का आकलन विभागीय सर्वेक्षण एवं तकनीकी जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
कांच उद्योग के लिए अहम है सिलिका स्टोन
सिलिका स्टोन यानी सिलिकॉन डाइऑक्साइड कांच उद्योग का महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसका इस्तेमाल बोतल, शीट ग्लास और विभिन्न औद्योगिक उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसकी व्यावसायिक कीमत केवल मात्रा पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता और शुद्धता पर भी निर्भर करती है। विशेष रूप से लोहे जैसी अशुद्धियों की कम मात्रा वाली सिलिका को कांच उद्योग में अधिक उपयोगी माना जाता है।
अधिकारी के अनुसार, भौंड़ा की पहाड़ी में सिलिका की मौजूदगी इस खान को सामान्य पत्थर की खानों से अलग पहचान देती है। यही वजह है कि खनन कारोबार से जुड़े लोगों के बीच इस क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।
फिरोजाबाद से भिवाड़ी तक पहुंचता था पत्थर
सूत्रों के मुताबिक, भौंड़ा की खान से निकलने वाला सिलिका स्टोन फिरोजाबाद, अलवर, रुड़की, भिवाड़ी सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचता था। इन क्षेत्रों में कांच और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के चलते सिलिका आधारित कच्चे माल की मांग रहती है।
मैसनरी स्टोन के नीचे सिलिका की मौजूदगी और औद्योगिक क्षेत्रों तक इसकी आपूर्ति की जानकारी ने इस खान के व्यावसायिक महत्व को बढ़ाया। हालांकि, कारोबार की वास्तविक कीमत, सिलिका के प्रमाणित भंडार और उसकी गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों की पुष्टि के लिए आधिकारिक खनिज अभिलेखों की जांच जरूरी है।
भौंड़ा की यह पहाड़ी इस बात का उदाहरण है कि किसी खनन क्षेत्र की अहमियत केवल ऊपर दिखाई देने वाले पत्थर से नहीं, बल्कि जमीन के नीचे मौजूद खनिज संपदा और उसके औद्योगिक उपयोग से भी तय होती है।
Weir, Bharatpur | Oct 23, 2026