चकरनगर: आत्महत्या करने से बड़ा कोई पाप नहीं होता-आचार्य मनोज अवस्थी, ढकरा गाँव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा, भक्तजन आनंद उठा रहे
क्षेत्र के ग्राम ढकरा में स्थापित बाबा सिद्धनाथ मन्दिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को दोपहर 12 बजे कथा वाचक आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने आत्महत्या करना दुनिया का सबसे महा पाप हैं मरने के बाद भी प्रेत योनि मिलती है।और आत्मा भटकती ही रहती है।इस लिए आत्महत्या जैसा कदम बुझदिल ,कायर, पापी उठाते है।संघर्ष करना ही अच्छे जीवन का प्रतीक होता है