चार साल के मासूम की मौत, उरई के अवैध अनिका हॉस्पिटल पर उठे गंभीर सवाल
बंद ताले में पड़ा रहा मासूम का शव, डॉक्टर और स्टाफ फरार, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
नए सीएमओ का बड़ा एक्शन, डिप्टी सीएमओ डॉ. भूषण और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने अस्पताल कराया सील, जांच टीम गठित
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जालौन जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित मच्छर चौराहा के पास संचालित अनिका हॉस्पिटल में एक चार वर्षीय मासूम की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही, गलत उपचार और मौत के बाद अस्पताल छोड़कर फरार होने के आरोप लगाए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया तथा अस्पताल को सील कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार कोंच क्षेत्र के ग्राम भेड़ निवासी अमजद खान अपने चार वर्षीय पुत्र रियाज खान को गुरुवार सुबह करीब चार बजे पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर अनिका हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करते समय उनसे पांच हजार रुपये जमा कराए गए और बच्चे को ग्लूकोज चढ़ा दिया गया। इसके बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ ने न तो आवश्यक जांचें कराईं और न ही समुचित उपचार उपलब्ध कराया।
परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने बच्चे की हालत को लेकर सवाल उठाए तो अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि यहां वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है और बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाना होगा। आरोप है कि इसी दौरान मासूम रियाज की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन परिजनों को लगातार जांच कराने और अन्य बहाने बनाकर गुमराह करता रहा।
मृतक के पिता अमजद खान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि पुत्र की मौत के बाद अस्पताल संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार कौशल तथा पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। इतना ही नहीं, बच्चे का शव अस्पताल परिसर के भीतर बंद ताले में छोड़ दिया गया, जबकि बाहर परिजन रोते-बिलखते रहे। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा।
परिजनों ने अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में कहा कि अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण उनके मासूम बेटे की जान गई है। वहीं परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया और कहा कि वे शव को अपने साथ घर लेकर जाएंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले में हाल ही में कार्यभार संभालने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. भूषण और सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की तथा अस्पताल को सील करा दिया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अस्पताल अवैध रूप से संचालित पाया गया या उपचार में लापरवाही की पुष्टि हुई तो अस्पताल संचालक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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Orai, Jalaun | Jun 4, 2026