लोहंडीगुडा: बस्तर में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, बस्तर की सल्फी का इस्तेमाल अब नशे में नहीं, गुड़-साबूदाना बनेगा
बस्तर में सल्फी का नाम आते ही आमतौर पर लोगों के मन में पारंपरिक मादक पेय की छवि उभरती है। लेकिन अब यही सल्फी बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक मिठास का नया आधार बनने जा रही है।वैज्ञानिक रूप से केरियोटा यूरेंस और सामान्य भाषा में फिश टेल पाम कहलाने वाला यह वृक्ष केवल पेय तक सीमित नहीं है।