नरवाई में आग न लगाएं, आधुनिक यंत्रों से करें प्रबंधन ,कृषि विभाग ने जारी किए जागरूकता पोस्टर
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जिले में कम वर्षा के कारण जल संकट की स्थिति को देखते हुए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने कृषकों से नरवाई (फसल अवशेष) में आग न लगाने की अपील की है। कृषि विभाग द्वारा बताया कि खरीफ फसल की कटाई के बाद रबी फसलों गेहूं एवं चना की बुवाई का समय आ रहा है। इस दौरान कृषकों द्वारा खेतों में नरवाई जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता, उपयोगी सूक्ष्म जीवाणु, नमी एवं पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचती है तथा वायु प्रदूषण से जन-स्वास्थ्य प्रभावित होता है। नरवाई में आग लगाना हानिकारक एवं दंडनीय अपराध है।
कृषकों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा 4 जागरूकता पोस्टर तैयार किए गए हैं -
1. जल संकट में सुपर सीडर : नमी का रक्षक, समृद्धि का आधार
2. नरवाई में आग ना लगायें - मल्चर अपनायें
3. नरवाई नहीं, संसाधन है - बेलर से पराली प्रबंधन
4. कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अपनाएँ
सहायक कृषि यंत्री, खंडवा ने बताया कि इन पोस्टरों के माध्यम से किसानों को नरवाई जलाने के स्थान पर सुपर सीडर, मल्चर, बेलर एवं एसएमएस युक्त कंबाइन हार्वेस्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे मिट्टी की नमी बनी रहेगी और उर्वरता में सुधार होगा।
Jansampark Madhya Pradesh
Department of Agriculture, Madhya Pradesh
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